स्थगित हो सकती है 12वें कैलास मानसरोवर दल की यात्रा, जानिए वजह

कैलास मानसरोवर यात्रा में मौसम के बाधक बनने से जिला प्रशासन और कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने विदेश मंत्रालय से 12वें दल की यात्रा फिलहाल स्थगित करने का अनुरोध किया है। चार दलों के अलग-अलग यात्रा पड़ावों पर फंसे होने से प्रवास को लेकर  संकट पैदा हो चुका है। आए दिन मौसम के खराब रहने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।इस समय चार दलों के 225 कैलास यात्री मार्ग में फंसे हैं। जिसमें कैलास के लिए जा रहे आठवें दल के 58 यात्री सात दिनों से पिथौरागढ़ में हैं। नौवें दल के 54 यात्री चौकोड़ी अल्मोड़ा में तीन दिन से प्रवास कर रहे हैं। इस दल को दो दिन अल्मोड़ा में प्रवास कराया गया था। यात्रा पूरी कर वापस लौट रहे पांचवें दल के 59 यात्री सात दिन और छठे दल के 54 यात्री पांच दिन से उच्च हिमालय के गुंजी(पिथौरागढ़) पड़ाव में हैं। गुंजी में फंसे यात्री हताश नजर आ रहे हैं। दरअसल उच्च हिमालय में इतने दिनों तक प्रवास करना किसी चुनौती से कम नहीं हैं। देश के विभिन्न राज्यों के यात्री अधिक दिनों तक यहां के मौसम के हिसाब से तारतम्य भी नहीं बैठा पा रहे हैं।    कैलास मानसरोवर यात्रा: पहले दल ने पूरी की मानसरोवर की परिक्रमा यह भी पढ़ें जिला प्रशासन और केएमवीएन के लिए इन यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुुंचाना चुनौती पूर्ण बन चुका है। मौसम साथ नहीं दे रहा है। ऐसे में रविवार यानी 22 जुलाई को दिल्ली से 11 दल रवाना हो रहा है। 12वां दल 26 जुलाई को दिल्ली से रवाना होगा। ऐसे में इतने दलों की व्यवस्था करना संभव नहीं है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर केएमवीएन ने विदेश मंत्रालय से 12वें दल को स्थगित करने की मांग का पत्र भेज दिया है। महाप्रबंधक केएमवीएन टीस मर्तोलिया ने बताया कि 12वें दल को स्थगित किया गया तो चार दिन का समय मिल जाएगा। इस अवधि में यात्रा मार्ग में फंसे दलों को अगले गंतव्य तक भेजने में आसानी होगी।

इस समय चार दलों के 225 कैलास यात्री मार्ग में फंसे हैं। जिसमें कैलास के लिए जा रहे आठवें दल के 58 यात्री सात दिनों से पिथौरागढ़ में हैं। नौवें दल के 54 यात्री चौकोड़ी अल्मोड़ा में तीन दिन से प्रवास कर रहे हैं। इस दल को दो दिन अल्मोड़ा में प्रवास कराया गया था। यात्रा पूरी कर वापस लौट रहे पांचवें दल के 59 यात्री सात दिन और छठे दल के 54 यात्री पांच दिन से उच्च हिमालय के गुंजी(पिथौरागढ़) पड़ाव में हैं। गुंजी में फंसे यात्री हताश नजर आ रहे हैं। दरअसल उच्च हिमालय में इतने दिनों तक प्रवास करना किसी चुनौती से कम नहीं हैं। देश के विभिन्न राज्यों के यात्री अधिक दिनों तक यहां के मौसम के हिसाब से तारतम्य भी नहीं बैठा पा रहे हैं। 

जिला प्रशासन और केएमवीएन के लिए इन यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुुंचाना चुनौती पूर्ण बन चुका है। मौसम साथ नहीं दे रहा है। ऐसे में रविवार यानी 22 जुलाई को दिल्ली से 11 दल रवाना हो रहा है। 12वां दल 26 जुलाई को दिल्ली से रवाना होगा। ऐसे में इतने दलों की व्यवस्था करना संभव नहीं है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर केएमवीएन ने विदेश मंत्रालय से 12वें दल को स्थगित करने की मांग का पत्र भेज दिया है। महाप्रबंधक केएमवीएन टीस मर्तोलिया ने बताया कि 12वें दल को स्थगित किया गया तो चार दिन का समय मिल जाएगा। इस अवधि में यात्रा मार्ग में फंसे दलों को अगले गंतव्य तक भेजने में आसानी होगी। 

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