स्नैपडील के मालिकों की हो गई चांदी, बाहर जाने पर मिलेंगे 1.92 अरब रुपये

स्नैपडील के सह संस्थापक कुणाल बहल और रोहित बंसल को कंपनी से बाहर निकलने के बाद सॉफ्टबैंक से दोनों को 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर की नकद राशि मिलने की संभावना है। यह भुगतान फ्लिपकार्ट के साथ स्नैपडील के विलय का हिस्सा है। सॉफ्टबैंक के द्वारा मर्ज किए गए इकाई में बड़ी रकम का निवेश करने की संभावना है, जिससे मौजूदा शेयरधारकों को बाहर निकलने का मौका मिलेगा।
सॉफ्टबैंक ने फ्लिपकार्ट में स्नैपडील के विलय की कवायद की है। यह सौदा स्नैपडील के करीब 1 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर हो रहा है, जबकि पिछले साल कंपनी का रिकॉर्ड मूल्यांकन 6.5 अरब डॉलर था। दोनों संस्थापकों ने 2015 में ओन्टारियो टीचर की पेंशन योजना के फंडिंग के दौरान शेयरों की बिक्री से लगभग 80 करोड़ रुपये कमाया था।

मनीकन्ट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक स्नैपडील ने प्रतिद्वंदी फ्लिपकार्ट के विलय के लिए एक नन बैंडिंग लेटर ऑफ इनटेंट (एलओाई) पर सहमति व्यक्त की है। हालांकि नेक्सस ने इस सौदे पर सहमति जता दी है लेकिन सौदे की शर्तों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। स्नैपडील की ओर से सौदे को हरी झंडी मिलने के बाद सॉफ्टबैंक द्वारा टाइगर ग्लोबल के साथ बातचीत शुरू करने की उम्मीद है। टाइगर ग्लोबल फ्लिपकार्ट की निवेशक है। माना जा रहा है कि वास्तविक विलय में थोड़ा समय लगेगा। एक अन्य सूत्र ने कहा, ‘फ्लिपकार्ट इसमें कम से कम एक माह ले सकती है।’

गौरतलब है कि सॉफ्टबैंक कहा था कि उसे वर्ष 2016-17 के दौरान स्नैपडील में उसे अपने निवेश पर एक अरब डॉलर (6,500 करोड़ रुपये) का घाटा हुआ है। यह उतनी ही राशि है, जितनी उसने अपने घरेलू मार्किटप्लेस में लगायी थी। सॉफ्टबैंक की वर्तमान में स्नैपडील में 30 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है, जबकि नेक्सस की करीब 10 फीसदी और कलारी की कंपनी में आठ फीसदी हिस्सेदारी है।

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