स्वामी अग्निवेश पर हमला करने वाले आठ के खिलाफ FIR

स्वामी अग्निवेश के साथ झारखण्ड के पाकुड़ में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई मारपीट के बाद पुलिस ने आठ लोगों पर नामजद FIR दर्ज कर ली है. FIR में बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री अनंत तिवारी, बीजेपी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रसन्ना मिश्रा, बीजेपी के जिला महामंत्री बलराम दुबे, पाकुड़ के जिला मंत्री गोपी दुबे, बजरंग दल के पिंटू मंडल, अशोक प्रसाद, शिव कुमार साहा और बादल मंडल के नाम शामिल हैं. हालांकि इनमे से किसी की भी अब तक गिरफ़्तारी नहीं हुई है. आरोपी बीजेपी, बजरंग दल और बीजेपी युवा मोर्चा से ताल्लुक रखते है. स्वामी अग्निवेश के साथ झारखण्ड के पाकुड़ में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा की गई मारपीट के बाद पुलिस ने आठ लोगों पर नामजद FIR दर्ज कर ली है. FIR में बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री अनंत तिवारी, बीजेपी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रसन्ना मिश्रा, बीजेपी के जिला महामंत्री बलराम दुबे, पाकुड़ के जिला मंत्री गोपी दुबे, बजरंग दल के पिंटू मंडल, अशोक प्रसाद, शिव कुमार साहा और बादल मंडल के नाम शामिल हैं. हालांकि इनमे से किसी की भी अब तक गिरफ़्तारी नहीं हुई है. आरोपी बीजेपी, बजरंग दल और बीजेपी युवा मोर्चा से ताल्लुक रखते है.   हमला हत्या की सोची समझी साजिश-स्वामी अग्निवेश  गौरतलब है कि झारखंड के पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा में स्वामी अग्निवेश अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास समिति दामिन दिवस की 195वीं सालगिरह पर आयोजित एक सभा को संबोधित करने के लिए जब होटल से निकले तो भारतीय जनता युवा मोर्चा, बजरंग दल और अन्य हिन्दू संगठन के लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी. पहाड़िया जनजाति की एक सभा में शामिल होने गए स्वामी ने इस घटना के बाद कहा की यह एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया हमला था और यह मेरी जान लेने की कोशिश थी जिसकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए. स्वामी अग्निवेश ने हमले के लिए सीधे तौर पर सूबे की रघुवर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. स्वामी अग्निवेश ने कहा कि उनपर हुए हमले के पीछे बीजेपी और आरएसएस से जुड़े संगठनों के सदस्य थे. उन्होंने बताया कि सबकी पहचान और शिनाख्त हो गई है.   स्वामी अग्निवेश को पीटते बीजेपी कार्यकर्त्ता का वीडियों वायरल स्वामी ने बताया कि इस हमले के बाद प्रसन्ना मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार किया लेकिन उसे दो घंटे के बाद छोड़ दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि रघुवर सरकार प्रायोजित हमले करवा रही है. स्वामी ने कहा कि मेरी मांग आदिवासियों के लिए है कि पांचवीं अनुसूची ईमानदारी से लागू की जाए. स्वामी ने कहा, 'मैंने झारखंड आकर रघुवर दास से 16 तारीख को मिलने का समय मांगा था लेकिन मुझे नहीं मिला. रघुवर सरकार का काला चेहरा मैंने देख लिया है.

गौरतलब है कि झारखंड के पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा में स्वामी अग्निवेश अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास समिति दामिन दिवस की 195वीं सालगिरह पर आयोजित एक सभा को संबोधित करने के लिए जब होटल से निकले तो भारतीय जनता युवा मोर्चा, बजरंग दल और अन्य हिन्दू संगठन के लोगों ने उनके साथ मारपीट की थी. पहाड़िया जनजाति की एक सभा में शामिल होने गए स्वामी ने इस घटना के बाद कहा की यह एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया हमला था और यह मेरी जान लेने की कोशिश थी जिसकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए. स्वामी अग्निवेश ने हमले के लिए सीधे तौर पर सूबे की रघुवर सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. स्वामी अग्निवेश ने कहा कि उनपर हुए हमले के पीछे बीजेपी और आरएसएस से जुड़े संगठनों के सदस्य थे. उन्होंने बताया कि सबकी पहचान और शिनाख्त हो गई है.

स्वामी ने बताया कि इस हमले के बाद प्रसन्ना मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार किया लेकिन उसे दो घंटे के बाद छोड़ दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि रघुवर सरकार प्रायोजित हमले करवा रही है. स्वामी ने कहा कि मेरी मांग आदिवासियों के लिए है कि पांचवीं अनुसूची ईमानदारी से लागू की जाए. स्वामी ने कहा, ‘मैंने झारखंड आकर रघुवर दास से 16 तारीख को मिलने का समय मांगा था लेकिन मुझे नहीं मिला. रघुवर सरकार का काला चेहरा मैंने देख लिया है. 

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