हरियाणा में आया भूकंप तो न लंबी सीढ़ियां मिलीं, न कम्युनिकेशन बैकअप…

हरियाणा में वीरवार को भूकंप आया तो यहां मौके पर न लंबी सीढ़ियां मिलीं, न कम्युनिकेशन बैकअप मिला। हरियाणा में आया भूकंप तो न लंबी सीढ़ियां मिलीं, न कम्युनिकेशन बैकअप...

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दरअसल, हरियाणा के 22 जिलों और चंडीगढ़ में नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी व हरियाणा सरकार के संयुक्त तत्वावधान में पहली बार आयोजित किया गया मेगा भूकंप मॉक ड्रिल वीरवार को संपन्न हुआ। इतने बड़े स्तर पर हर जिले में एक साथ किसी आपदा से निबटने के लिए मॉक ड्रिल करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। 

सचमुच भूकंप आया तो इन कमियों से बढ़ेगी आफत
– हरियाणा के कई जिलों में अंग्रेजों के समय के पुराने मकान आज बेहद जर्जर हो चुके हैं। ये मकान काफी बड़े और खतरनाक ढंग से सड़कों की ओर झुके हुए हैं। यदि सचमुच तीव्र भूकंप आया, तो ये भवन आबादी के लिए बड़ा खतरा बनेंगे।
– कई जिले बहुत ही पुराने है, जहां घनी आबादी संकरी गलियों में बसी है। इन गलियों में भी दो से तीन मंजिला मकान बने हुए हैं। आपदा के बाद इन गलियों में राहत व बचाव कैसे पहुंचेगी, बड़ा सवाल बना रहा। 

– आपदा के दौरान लैंडलाइन व मोबाइल टॉवर ठप हो जाएंगे, तो कम्युनिकेशन बैक अप क्या रहेगा? ये बड़ा सवाल बना रहा। इसके लिए सरकार अब वॉयरलेस और एचएफ सैट खरीदने पर विचार करेगी, ताकि आफत की घड़ी में कम्युनिकेशन न टूटे।
– बहुमंजिली इमारतों में फंसे लोगों को यदि निकालना पड़ा, तो लंबी सीढ़ियां ही नहीं है।
– हरियाणा अग्निशमक विभाग के पास हाइड्रोलिक फायर ब्रिगेड सुविधा ही नहीं है।

 – बचाव व राहत कार्य के लिए बनाए गए ऑपरेशनल सेंटर ही यदि ध्वस्त हो गए, तो क्या? इसके लिए अब मोबाइल ऑपरेशन सेंटर भी तैयार करेगी सरकार।
– कुछ शहरों में पुलिस कम्युनिकेशन में थोड़ी दिक्कत आई, इसमें भी सुधार होगा।
– अस्पतालों में पर्याप्त बेड भी नहीं है और डाक्टरों की कमी से पहले ही जूझ रहा राज्य, कैसे मिलेगा फर्स्ट एड। 

– प्रदेश में एंबुलेंस गाड़ियों की भी कमी, प्राइवेट अस्पतालों से लेनी पड़ेगी मदद
– जिलों में डॉग स्क्वाड, ड्रोन सुविधा भी पर्याप्त नहीं है।
 सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में हुई इस मॉक ड्रिल की समीक्षात्मक रिपोर्ट तैयार करें। रिपोर्ट में अभियान के दौरान पेश आई संसाधनों की कमियों और अपने सुझावों को शामिल करें। रिपोर्ट को हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी को भेजा जाए, ताकि आपदा के दौरान पेश आई कमियों पर फोकस करते हुए इनका इंतजाम किया जाए।

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