हर काम में सफलता दिलाएंगे मां दुर्गा के सबसे प्रिय मंत्र

गुप्तनवरात्री चल रहे हैं और ऐसे माँ भगवती की पूजा की बड़े ही जोरों शोरों तैयारी चल रही है. नवरात्रि एक ऐसा त्यौहार है जिसमें माता दुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी और सरस्वती की साधना की जाती है. यही नहीं बल्कि अगर आप पूरे नौं दिन तक सच्चे मन से माँ की आराधना करते हैं तो आपको जल्द ही फल की प्राप्ति होगी क्योंकि नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी है.गुप्तनवरात्री चल रहे हैं और ऐसे माँ भगवती की पूजा की बड़े ही जोरों शोरों तैयारी चल रही है. नवरात्रि एक ऐसा त्यौहार है जिसमें माता दुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी और सरस्वती की साधना की जाती है. यही नहीं बल्कि अगर आप पूरे नौं दिन तक सच्चे मन से माँ की आराधना करते हैं तो आपको जल्द ही फल की प्राप्ति होगी क्योंकि नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी है.    अगर आपके जीवन में लगातार कठिनाई आ रही हैं और आप समस्या से निकलने का नाम नहीं ले रहे हैं तो आप इस नवरात्रि में इन खास मंत्रो का जाप करें जो आपके जीवन में आई परेशानी को आसानी से दूर करेंगे.  1.सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।  शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।  2. ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।  दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।  3.या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।  4.या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।     5. या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।   6. या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।  7.या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।  8. या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,  नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

अगर आपके जीवन में लगातार कठिनाई आ रही हैं और आप समस्या से निकलने का नाम नहीं ले रहे हैं तो आप इस नवरात्रि में इन खास मंत्रो का जाप करें जो आपके जीवन में आई परेशानी को आसानी से दूर करेंगे.

1.सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।

शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।

2. ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

3.या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

4.या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।। 

5. या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। 

6. या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

7.या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

8. या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

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