हर कोई जानना चाहता है इस ’स्पेशल बैग’ की खासियत…

कानपुर देहात में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के गांव परौंख में स्मार्ट क्लास के लिए बच्चों को बांटे गए स्कूल बैग कोई आम स्कूली बैग की तरह नहीं है। कानपुर आईआईटी के द्वारा विकसित एक विशेष प्रकार का बैग है। यह पोर्टेबल व एलीवेटेड होने के साथ साथ बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें ऐसे फाइबर का प्रयोग किया गया है जो बच्चों के लिए किसी भी तरह से हानिकारक नहीं है।हर कोई जानना चाहता है इस ’स्पेशल बैग’ की खासियत...
बैग में ही छिपी है छोटी टेबिल  
बच्चों में अक्सर जमीन पर कापी किताबें रखकर लिखने से उनके लेख खराब होने के साथ अधिक समय तक झुक कर बैठने वजह से रीड की हड्डी में तनाव, गर्दन अकडन से स्पोनलाइटिस बीमारी की शिकायतें आती हैं। वहीं उनकी दृष्टि पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह बैग ऐलीवेटेड बैग बनाया गया है। यह वजन में काफी हल्का तथा वाटर प्रूफ है। खास बात यह है कि इस बैग में एक ऐसी टेबिल छिपी है जिसमें बच्चों को झुककर बैठने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बच्चे बैग में बनी टेबिल पर किताबें व कापी रखकर पढ़ाई व लिखाई का कार्य कर सकते हैं।  

ऑडियो व वीडियो कान्टेंट के द्वारा बच्चों के पाठ्यक्रम को प्रभावशाली ढंग से पढ़ाया जाएगा

कानपुर देहात डेरापुर ब्लाक का परौंख राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव है। उनके राष्ट्रपति बनने के बाद यूनीसेड (यूनिट आफ साइंस एंड एजूकेशनल डेवलपमेंट) संस्था ने आईआईटी के सहयोग से गांव के परिषदीय स्कूलों में बेहतर शिक्षा देने के प्रयास शुरु किए थे। गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लासें शुरु करने की व्यवस्था की पहल शुरु की थी। जिसे पूरा कर लिया गया। मंगलवार को डीएम राकेश कुमार सिंह ने स्कूल में पहुंच कर स्मार्ट कक्षाओं व लैब का शुभारंभ किया। स्मार्ट कक्षाएं संचालित करने के लिए सौर ऊर्जा के छोटे पैनल, बैटरी, इनर्वटर व प्रोजेक्टर लगाया गया है। जिससे ऑडियो व वीडियो कंटेन्ट के द्वारा बच्चों के पाठ्यक्रम को प्रभावशाली ढंग से पढ़ाया जाएगा।  

चौपाल लगा सुनीं शिकायतें  
कानपुर देहात परौंख के उच्च प्राथमिक स्कूल में स्मार्ट क्लासों की शुरुआत के बाद डीएम राकेश कुमार सिंह ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ मिलकर गांव में चौपाल लगा कर समस्याएं सुनी। डीएम ने गांव के लोगों को शौचालय का निर्माण कराने व उपयोग करने के लिए जागरुक किया। उन्होंने कहा कि खुले मे शौचमुक्त अभियान की सफलता ग्रामीणों की जागरुकता के बगैर नहीं मिल सकती। खुले में शौच जाने से होने वाली बीमारियों के बारे में बताकर लोगो से शौचालयों का निर्माण कराने के लिए कहा। वहीं गांव में कराए जाने वाले विकास कार्यों की समीक्षा की। बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल निगम आदि ने अभी तक कराए गए कार्यों को ग्रामीणों के सामने बताया। 

 

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