हाई कोर्ट के सम्मुख खुद दिए बयानों में फंसा राजकीय शिक्षक संघ

उच्च न्यायालय ने शिक्षक संघ से कहा कि अगर शिक्षकों की हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो हम सरकार को सीधे कठोर कदम उठाने के निर्देश जारी करेंगे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एसआरएस गिल ने बताया कि राजकीय शिक्षक संघ की तरफ से अपने लैटर पैड पर न्यायालय को अवगत किया गया था कि अनशन स्थगित किया गया है। जिस पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वो अभी भी शब्दों की हेरा फेरी कर न्यायालय को गुमराह कर रहे हैं।उच्च न्यायालय ने शिक्षक संघ से कहा कि अगर शिक्षकों की हड़ताल आगे भी जारी रहती है तो हम सरकार को सीधे कठोर कदम उठाने के निर्देश जारी करेंगे। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एसआरएस गिल ने बताया कि राजकीय शिक्षक संघ की तरफ से अपने लैटर पैड पर न्यायालय को अवगत किया गया था कि अनशन स्थगित किया गया है। जिस पर न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वो अभी भी शब्दों की हेरा फेरी कर न्यायालय को गुमराह कर रहे हैं।   न्यायालय ने कहा कि शिक्षक हड़ताल के मामले में सही स्थिति नहीं बता रहे हैं और अभी भी हड़ताल व अनसन पर है। न्यायालय ने संघ के अधिवक्ता से उनका पक्ष दोबारा जानना चाहा तो उनके द्वारा दोबारा कहा गया कि कोई भी हड़ताल नहीं कि जा रही है। इस पर खंडपीठ ने संघ को फटकार लगाई। न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए उनको सरकार द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत की गई हड़ताल की फोटो देखने को कहा, जिसमें सरकार ने अनसन व कपड़े फाड़ने की फोटो दिखाई।  जिससे साफ होता है कि वे आंदोलन पर हैं और सरकार से कल दोपहर तक हड़ताल की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। न्यायालय ने संघ को कहा कि उनका रवैया इसी तरह रहा तो न्यायालय को उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश देने होंगे। न्यायालय ने कहा कि सरकार शुक्रवार दोपहर तक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की स्थिति स्पष्ट करें स्कूलो में शिक्षक उपस्थित हैं या नहीं। मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा निदेशक आरके कुंवर न्यायालय में उपस्थित हुए उन्होंने हड़ताल की स्थिति से कोर्ट को अवगत कराया। उधमसिंह नगर निवासी अजय कुमार तिवारी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश के.एम.जोसफ और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने शिक्षकों की हड़ताल पर नाराजगी जताई है

न्यायालय ने कहा कि शिक्षक हड़ताल के मामले में सही स्थिति नहीं बता रहे हैं और अभी भी हड़ताल व अनसन पर है। न्यायालय ने संघ के अधिवक्ता से उनका पक्ष दोबारा जानना चाहा तो उनके द्वारा दोबारा कहा गया कि कोई भी हड़ताल नहीं कि जा रही है। इस पर खंडपीठ ने संघ को फटकार लगाई। न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए उनको सरकार द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत की गई हड़ताल की फोटो देखने को कहा, जिसमें सरकार ने अनसन व कपड़े फाड़ने की फोटो दिखाई।

जिससे साफ होता है कि वे आंदोलन पर हैं और सरकार से कल दोपहर तक हड़ताल की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। न्यायालय ने संघ को कहा कि उनका रवैया इसी तरह रहा तो न्यायालय को उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश देने होंगे। न्यायालय ने कहा कि सरकार शुक्रवार दोपहर तक स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की स्थिति स्पष्ट करें स्कूलो में शिक्षक उपस्थित हैं या नहीं। मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा निदेशक आरके कुंवर न्यायालय में उपस्थित हुए उन्होंने हड़ताल की स्थिति से कोर्ट को अवगत कराया। उधमसिंह नगर निवासी अजय कुमार तिवारी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश के.एम.जोसफ और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने शिक्षकों की हड़ताल पर नाराजगी जताई है

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