हिंदी शिक्षक बनने के लिए अब संस्कृत जानना हुआ अनिवार्य….

लोक सेवा आयोग की ओर से राजकीय शिक्षक की भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही हिंदी, कला और कंप्यूटर विषयों में योग्यता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आयोग ने हिंदी शिक्षक की योग्यता में संस्कृत को अनिवार्य किया है, जबकि प्रतियोगी इसका विरोध कर रहे हैं। हिंदी शिक्षक बनने के लिए अब संस्कृत जानना हुआ अनिवार्य....

इस बीच माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हिंदी की अर्हता स्पष्ट करते हुए आयोग को पत्र भेजा है। इसके साथ कंप्यूटर विषय की योग्यता में संशोधन के संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। माना जा रहा है कि  एलटी ग्रेट शिक्षकों की भर्ती में हिंदी और कंप्यूटर की योग्यता में बदलाव हो सकता है। 

राजकीय विद्यालयों में 15 विषयों में कुल 10768 शिक्षकों की भर्ती होनी है, जिसमें 536 पुरुष और 540 महिला शिक्षकों के पद शामिल हैं। एलटी ग्रेड पुरुष शिक्षकों की भर्ती हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कंप्यूटर, उर्दू, जीव विज्ञान, संस्कृत, कला, संगीत, वाणिज्य, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान और कृषि विषय में की जाएगी। 

जबकि एलटी ग्रेड महिला शिक्षकों की भर्ती कृषि को छोड़कर अन्य सभी 14 विषयों में की जाएगी। यह भर्ती लिखित परीक्षा से होनी है। आयोग की ओर से जारी किए विज्ञापन में हिंदी शिक्षक की योग्यता में इंटरमीडिएट में संस्कृत अनिवार्य किया गया है। 

जबकि इसी पद पर हिंदी शिक्षक की शैक्षिक योग्यता माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा संस्कृत विषय के साथ इंटरमीडिएट अथवा संस्कृत के साथ स्नातक है। प्रतियोगी छात्र इसे लेकर कई दिनों से शिक्षा निदेशालय से माध्यमिक शिक्षा परिषद तक विरोध कर रहे हैं।

उनका कहना है कि एक प्रदेश में एक ही पद के लिए कई शैक्षिक योग्यता का निर्धारण भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए इंटरमीडिएट में संस्कृत की अनिवार्यता खत्म करने की मांग कर रहे हैं। 

प्रतियोगी छात्र बाल कृष्ण चौधरी की ओर से दिए गए ज्ञापन के बाद परिषद सचिव नीना श्रीवास्तव ने हिंदी की अर्हता की स्थिति स्पष्ट करते हुए सोमवार को आयोग को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि कक्षा नौ-10 के हिंदी विषयों के शिक्षकों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता बीए हिंदी तथा संस्कृत के साथ इंटरमीडिएट अथवा समकक्ष परीक्षा एवं बीएड या अन्य समकक्ष डिग्री अथवा बीए हिंदी एवं संस्कृत के साथ अथवा समकक्ष परीक्षा एवं बीएड या अन्य समकक्ष डिग्री मान्य है। 

इसके साथ कंप्यूटर विषय के शिक्षक के लिए बीएड की अनिवार्यता समाप्त करने की भी मांग हो रही है। प्रतियोगियों की कहना है कि कंप्यूटर विषय के शिक्षक केलिए बीएड की योग्यता अनिवार्य नहीं है। इस मामले में प्रतियोगियों ने सोमवार को निदेशालय और परिषद में हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। परिषद सचिव ने कंप्यूटर की योग्यता में संशोधन से संबंधित पत्र शासन को भेजा है।

टीजीटी कला वालों ने भी एलटी ग्रेड में मांगा अवसर

प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) कला के प्रतियोगियों ने लोक सेवा आयोग की से निकाली गई एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में अवसर देने की मांग की है। टीजीटी कला प्रतियोगी छात्रों ने इस संबंध में सोमवार को शिक्षा निदेशालय में अफसरों को ज्ञापन सौंपा। 

प्रतियोगियों का कहना है कि एडेड विद्यालयों में अब तक टीजीटी कला शिक्षकों की नियुक्ति परिषद के 1921 इंटरमीडिएट नियमावली के तहत होती थी। इस पद के लिए योग्यता प्राविधिक कला में इंटरमीडिएट या हाईस्कूल प्राविधिक के साथ आईजीडी रखी गई है लेकिन राजकीय विद्यालयों में स्पष्ट नियम नहीं है।

प्रतियोगियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में अवसर देने की मांग की। इसमें वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी, पूजा, शेर सिंह आदि शामिल थे।

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