हिरासत में भेजे गए जासूसी के आरोपी, अधिकारी को भारत छोड़ने के आदेश

नई pak_highcommission_20161027_115024_27_10_2016दिल्ली। जासूसी के आरोप में हिरासत में लिए गए दिल्‍ली स्थित पाकिस्‍तान उच्‍चायोग के एक अधिकारी को रिहा कर दिया गया है और उसे 24 घंटे में भारत छोड़ने के लिए भी कहा गया है। वहीं दूसरी तरफ मामले में ग‍िरफ्तार किए गए उसके दो साथियों को पुलिस ने साकेत कोर्ट में पेश किया जहां से उन दोनों को 12 दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

इससे पहले मामले को लेकर तलब किए गए पाकिस्‍तान के उच्‍चायुक्‍त अब्‍दुल बासित ने आरोपों को नकारा है।अख्‍तर को हिरासत में लेने के बाद विदेश मंत्रालय ने अब्‍दुल बासित को तलब किया था जिन्‍होंने आरोपों को नकारते हुए इसे वियना कन्‍वेशन का उल्‍लंघन बताया है। इसके अलावा बासित ने भारत सरकार से कहा है कि भविष्‍य में ऐसी घटना फिर ना हो।

पाक आर्मी में था हवलदार, कर रहा था जासूसी

दिल्‍ली पुलिस के जॉइंट सीपी ने मामले में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करते हुए बताया कि हिरासत में लिया गया अखिकारी मुख्‍तार पहले पाक आर्मी में हवलदार था और बाद में उसे आईएसआई ने अपने संपर्क में लेकर भारत में जासूसी शुरू करवाई। वो वीजा विभाग में बैठता था ताकि सॉफ्ट टार्गेट्स को निशाना बनाकर उन्‍हें पैसे का लालच दे सके और खुफिया जानकारी निकलवा सके। उसके पास से दिल्‍ली के चांदनी चौक के पते वाला आधार कार्ड बरामद हुआ है।

उसके दो गिरफ्तार साथियों के पास से सेना की तैनाती की जानकारी, उसके नक्‍शे और वीजा संबधित कागजात बरामद हुए हैं। यह दोनों पिछले डेढ़ साल से जासूसी का काम कर रहे थे लेकिन हम उन 6 महीनों से नजर बनाए हुए हैं।

जासूसी के आरोप में पकड़ा

इससे पहले पुलिस ने पाक उच्‍चायोग के वीजा विभाग में काम करने वाले मोहम्‍मद मुख्‍तार को हिरासत में लिया था। उस पर जासूसी का अरोप था और पुलिस ने उसके पास से कई महत्‍वपूर्ण कागजात बरामद किए हैा जिनमें जम्मू-कश्मीर में बीएसएफ और सेना की पोस्टिंग की जानकारी है।

हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस ने मुख्‍तार को मिली राजनयिक छूट के चलते उसे छोड़ दिया। उसके दो गिरफ्तार साथी मौलाना रमजान और सुभाष जांगिड़ नाम से पूछताछ जारी है। मौलाना रमजान राजस्‍थान के नागौर का रहने वाला है।

सूचना के अनुसार इस मामले की जांच दिसंबर में तब शुरू हुई जब वायुसेना के एक अधिकारी समेत दो लोगों को जासूसी को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पता लगा कि आरोपी अधिकारी मोहम्‍मद अख्‍तर को सारी जानकारी उपलब्‍ध करवाते थे। जानकारी के अनुसार पिछले एक साल से लगातार जासूसी कर रहा था।

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