हुर्रियत नेता गिलानी ने मारे गए आतंकी ईसा को बताया योद्धा, दी श्रद्धांजलि

हुर्रियत कांफ्रेस (ग) के नेता सैयद अली गिलानी ने बुधवार को अपने करीबी ईसा फाजली को कश्मीर की आजादी की लड़ाई का एक वीर योद्धा बताया। फाजली अपने दो साथियों के साथ सोमवार को अनंतनाग में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। हुर्रियत नेता गिलानी ने मारे गए आतंकी ईसा को बताया योद्धा, दी श्रद्धांजलि

गिलानी ने कहा कि कश्मीर की आजादी की इस जंग में उसकी प्रतिबद्धता अनुकरणीय थी। गिलानी ने फोन पर एक सभा को संबोधित करते समय दु:ख वक्त किया और कहा कि वो परिस्थितियों के बारे में काफी विचार किया करता था। गिलानी ने कहा कि ईसा मेरे बेहद करीबियों में से एक था। उसकी पुरानी मुलाकातों को याद करूं तो वो बुरहान के किस्सों और घाटी में युवाओं दिक्कतों, रक्तपात और तमाम परेशानियों पर चर्चा किया करता था।

यही कारण था उसके आजादी के इस आंदोलन में शामिल होने का कारण बना। गिलानी ने ईसा और हकूरा में मारे गए अन्य आतंकी ओवैस शैफी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपने देश की पुरानी गुलामी से आजाद कराने के लिए अपनी जिंदगी का त्याग करते हुए इस मिशन को नेतृत्व करने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। आवाम उनके त्याग और बलिदान को याद रखेगी।

कुरान की हवाला देते हुए गिलानी ने कहा कि ये शहीद अभी भी जिंदा है। उन्होंने कहा कि अल्लाह के मार्ग पर जाने वाले लोग मरते नहीं हैं। इस दौरान गिलानी ने कहा कि हमें ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए जो सत्ता के सुख के लिए हमारे युवाओं का खून बहाते हैं। हम भारत के किसी भी हिस्सों को छीनना नहीं चाहते हैं। हम तब तक अपनी मिशन को जारी रखेंगे जब तक ये कोई तर्कसंगत नतीजे पर नहीं पहुंचता है।

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