लोकसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय रह गया है. सभी दल चुनाव की तैयारियों में लग गए हैं. ऐसे में केंद्र सरकार किसानों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है. धान की एमएसपी में अब तक की सबसे बड़ी बढ़त की जा सकती है. केंद्र सरकार ने बजट में वादा किया था कि फसलों के न्यूतनम समर्थन मूल्य (MSP) को उनकी लागत के कम से कम डेढ़ गुना किया जाएगा. इसलिए अब सरकार इस खरीफ सीजन के लिए धान की कीमत में रेकॉर्ड बढ़त (किसी एक साल में सबसे ज्यादा) करने जा रही है. इंडियन एक्सप्रेस अखबार के अनुसार, धान की एमएसपी में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़त की जा सकती है. गौरतलब है कि पिछले साल सामान्य ग्रेड के धान की एमएसपी 1,550 रुपये प्रति क्विंटल थी. इसके पहले धान की एमएसपी में एक साल में रेकॉर्ड बढ़त 155 रुपये प्रति क्विंटल की एक दशक पहले साल 2008-09 में यूपीए सरकार द्वारा की गई थी. यूपीए की पहली सरकार ने भी यह बढ़त चुनावी साल में ही की थी. अब मोदी सरकार भी ऐसा कदम उठाने जा रही है. एमएसपी में बढ़त ऐसे फसल के लिए करने की तैयारी है जो खरीफ सीजन के दौरान 50 फीसदी कृषि इलाके में बोई जाती है. इससे सरकार के खजाने पर करीब 12,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. पिछले साल सरकार द्वारा धान की खरीद करीब 5.5 करोड़ टन की थी. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते गन्ना किसानों से बात करते हुए पीएम मोदी ने यह वादा किया था कि खरीफ सीजन के लिए फसलों के इनपुट कॉस्ट के 150 फीसदी तक एमएसपी करने की योजना को लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा था कि उसे इस हफ्ते होने वाली कैबिनेट बैठक के दौरान मंजूरी दी जाएगी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल बजट पेश करते हुए कहा था, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सरकार ने खरीफ की फसलों के लिए लागत से डेढ़ गुना एमएसपी रखने का निर्णय लिया है. मुझे भरोसा है कि इस ऐतिहासिक निर्णय से किसानों की आय डबल करने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.' इसके अलावा सरकार, दालों के एमएसपी में भी 200 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़त करने की तैयारी कर रही है.

चुनावी साल में किसानों की सुध! धान की MSP में रेकॉर्ड बढ़त कर सकती है मोदी सरकार

लोकसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय रह गया है. सभी दल चुनाव की तैयारियों में लग गए हैं. ऐसे में केंद्र सरकार किसानों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है. धान की एमएसपी में अब तक की सबसे बड़ी बढ़त की जा सकती है.लोकसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय रह गया है. सभी दल चुनाव की तैयारियों में लग गए हैं. ऐसे में केंद्र सरकार किसानों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है. धान की एमएसपी में अब तक की सबसे बड़ी बढ़त की जा सकती है.  केंद्र सरकार ने बजट में वादा किया था कि फसलों के न्यूतनम समर्थन मूल्य (MSP) को उनकी लागत के कम से कम डेढ़ गुना किया जाएगा. इसलिए अब सरकार इस खरीफ सीजन के लिए धान की कीमत में रेकॉर्ड बढ़त (किसी एक साल में सबसे ज्यादा) करने जा रही है.  इंडियन एक्सप्रेस अखबार के अनुसार, धान की एमएसपी में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़त की जा सकती है. गौरतलब है कि पिछले साल सामान्य ग्रेड के धान की एमएसपी 1,550 रुपये प्रति क्विंटल थी. इसके पहले धान की एमएसपी में एक साल में रेकॉर्ड बढ़त 155 रुपये प्रति क्विंटल की एक दशक पहले साल 2008-09 में यूपीए सरकार द्वारा की गई थी.  यूपीए की पहली सरकार ने भी यह बढ़त चुनावी साल में ही की थी. अब मोदी सरकार भी ऐसा कदम उठाने जा रही है. एमएसपी में बढ़त ऐसे फसल के लिए करने की तैयारी है जो खरीफ सीजन के दौरान 50 फीसदी कृषि इलाके में बोई जाती है.  इससे सरकार के खजाने पर करीब 12,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. पिछले साल सरकार द्वारा धान की खरीद करीब 5.5 करोड़ टन की थी. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते गन्ना किसानों से बात करते हुए पीएम मोदी ने यह वादा किया था कि खरीफ सीजन के लिए फसलों के इनपुट कॉस्ट के 150 फीसदी तक एमएसपी करने की योजना को लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा था कि उसे इस हफ्ते होने वाली कैबिनेट बैठक के दौरान मंजूरी दी जाएगी.  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल बजट पेश करते हुए कहा था, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सरकार ने खरीफ की फसलों के लिए लागत से डेढ़ गुना एमएसपी रखने का निर्णय लिया है. मुझे भरोसा है कि इस ऐतिहासिक निर्णय से किसानों की आय डबल करने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.'  इसके अलावा सरकार, दालों के एमएसपी में भी 200 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़त करने की तैयारी कर रही है.

केंद्र सरकार ने बजट में वादा किया था कि फसलों के न्यूतनम समर्थन मूल्य (MSP) को उनकी लागत के कम से कम डेढ़ गुना किया जाएगा. इसलिए अब सरकार इस खरीफ सीजन के लिए धान की कीमत में रेकॉर्ड बढ़त (किसी एक साल में सबसे ज्यादा) करने जा रही है.

इंडियन एक्सप्रेस अखबार के अनुसार, धान की एमएसपी में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़त की जा सकती है. गौरतलब है कि पिछले साल सामान्य ग्रेड के धान की एमएसपी 1,550 रुपये प्रति क्विंटल थी. इसके पहले धान की एमएसपी में एक साल में रेकॉर्ड बढ़त 155 रुपये प्रति क्विंटल की एक दशक पहले साल 2008-09 में यूपीए सरकार द्वारा की गई थी.

यूपीए की पहली सरकार ने भी यह बढ़त चुनावी साल में ही की थी. अब मोदी सरकार भी ऐसा कदम उठाने जा रही है. एमएसपी में बढ़त ऐसे फसल के लिए करने की तैयारी है जो खरीफ सीजन के दौरान 50 फीसदी कृषि इलाके में बोई जाती है.

इससे सरकार के खजाने पर करीब 12,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. पिछले साल सरकार द्वारा धान की खरीद करीब 5.5 करोड़ टन की थी. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते गन्ना किसानों से बात करते हुए पीएम मोदी ने यह वादा किया था कि खरीफ सीजन के लिए फसलों के इनपुट कॉस्ट के 150 फीसदी तक एमएसपी करने की योजना को लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा था कि उसे इस हफ्ते होने वाली कैबिनेट बैठक के दौरान मंजूरी दी जाएगी.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल बजट पेश करते हुए कहा था, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सरकार ने खरीफ की फसलों के लिए लागत से डेढ़ गुना एमएसपी रखने का निर्णय लिया है. मुझे भरोसा है कि इस ऐतिहासिक निर्णय से किसानों की आय डबल करने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.’

इसके अलावा सरकार, दालों के एमएसपी में भी 200 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़त करने की तैयारी कर रही है.

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