10 मिनट के इस रोल ने बदल दी इस हीरोइन की किस्मत, पैर छूने के लिए….

फिल्म इंडस्ट्री में एक दौर था जब देवी-देवताओं पर आधारित फिल्में खूब बना करती थीं। ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ के अलावा भी कई देवी-देवताओं पर फिल्में बनीं। 70 के दशक में ये फिल्में काफी हिट भी हुआ करती थीं। इन्हीं में से 1975 में एक फिल्म आई थी ‘जय संतोषी मां’।  10 मिनट के इस रोल ने बदल दी इस हीरोइन की किस्मत, पैर छूने के लिए....

जानिए क्यों.. तैमूर को लेकर सैफ और करीना में होती रहेती है लड़ाई..

इस फिल्म में ‘संतोषी मां’ का किरदार एक्ट्रेस अनीता गुहा ने निभाया था। अनीता का फिल्‍म में सिर्फ 15-20 मिनट का रोल था। अनीता ने कभी नहीं सोचा था कि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चलेगी। लेकिन इस फिल्म ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी। इस एक फिल्म से अनीता रातो-रात स्टार बन गई थीं।

जानिए क्यों.. तैमूर को लेकर सैफ और करीना में होती रहेती है लड़ाई..अनीता ने इससे पहले एक-दो माइथोलॉजिकल फिल्में की थीं। लेकिन इस 20 मिनट के रोल ने उन्हें सच में देवी का दर्जा दे दिया था। अनीता ने अपने करियर की शुरुआत 15 साल की उम्र में की ‌थी। अनीता गुहा मिस कोलकाता रह चुकी थीं। इसके बाद वो मुंबई में एक टैलेंट शो में हिस्सा लेने के लिए आईं। 

यहीं से उनकी बॉलीवुड में एंट्री हुई। अनीता ने एक बंगाली फिल्म ‘बान्‍शेर केला’ से अपना डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने ‘छूमंतर’ फिल्म में काम किया। अनीता फिल्म की साइड हीरोइन थीं। धीरे-धीरे अनीता का करियर रफ्तार पकड़ने लगा। हालांकि अनीता को हिंदी नहीं आती थीं। 

अनीता ने जल्द से जल्द हिंदी सीखी। जब अनीता ने फिल्मों में काम करना शुरू किया था उस समय माइथोलॉजिकल फिल्‍मों की बयार चल रही थी। अनीता को भी ऐसी कई फिल्मों में काम करने का मौका मिला। इनमें  ‘Samrat Prithviraj Chauhan’, ‘Tipu Sultan’, ‘Sangeet Samrat Tansen’, ‘Maharani Padmini’, and ‘Sant Tukaram’ पॉपुलर फिल्में थीं। 

इसी बीच अनीता को फिल्म ‘संतोषी मां’ में कैमियो करने का मौका मिला। अनीता उस समय नहीं जानती थीं कि कोई ‘संतोषी मां’ नाम की देवी भी होती हैं। अनीता बंगाली होने की वजह से काली मां को पूजती थीं। अनीता ने फिल्म की शूटिंग 12 दिन में पूरी कर ली। 

फिल्म की शूटिंग के दौरान अनीता व्रत रखती थीं। लो बजट फिल्म होते हुए भी ये एक ब्लॉकबस्टर बन गई। फिल्म के साथ अनीता की पॉपुलैरिटी भी तेजी से बढ़ने लगी। जो दर्शक इस फिल्म को देखने जाते थे तो वो थिएटर के बाहर चप्पल उतार कर अंदर जाते थे। 

थिएटर में प्रसाद भी बंटता था। अनीता ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इस फिल्म के बाद लोग मेरे पास आकर कहते थे कि वो उनके सिर पर हाथ रख आशीर्वाद दें। लोग उन्हें देवी की तरह पूजने लगे थे। एक खास बात ये है कि इसी फिल्म के बाद से लोग ‘संतोषी मां’ को की पूजा करने लगे थे।  

इस फिल्म के बाद अनीता के पास लगातार कई माइथोलॉजिकल के ऑफर आए। लेकिन अनीता अपनी देवी वाली इमेज से खुश नहीं थीं। इसलिए उन्होंने इस लीक से हटकर फिल्में करना शुरू कीं लेकिन वो फ्लॉप रहीं। अनीता ने एक्टर मानिक दत्त से शादी की थी। दोनों के कोई बच्चे नहीं थे। पति की मौत के बाद अनीता सालों तक अकेले रहीं। साल 2007 में अनीता की मौत हो गई थी। 

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