Big News: पढि़ए कैसे यूपीपीसीएल परीक्षा में हो रही थी धांधाली, एसटीएफ ने किया खुलासा!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन जेई पद के लिए आनलाइन परीक्षा में धांधली करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए यूपी एसटीएफ ने बुधवार को 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गये आरोपियों के कम्प्यूटर, लैपटाप, मोबाइल फोन और करीब 7 लाख रुपये बरामद किये गये हैं। पकड़े गये आरोपियों ने चार परीक्षार्थी हैं। 
एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि पावर कार्पोरेशन ने अक्टूबर माह में बिजली विभाग में 226 जेई पद के लिए नौकरी का पद निकाला था। इस पद पर नौकरी के लिए आनलाइन परीक्षा का 11 फरवरी को आयोजन किया गया था। परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने आनलाइन धांधलेबाजी की शिकायत की थी।
इस शिकायत को शासन ने गंभीरता से लेते हुए डीजीपी को पूरे मामले की गहनता से जांच के आदेश दिये थे। डीजीपी ओपी सिंह ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी यूपी एसटीएफ को दी थी। एटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह, सत्यसेन यादव और सीओ आलोक सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। एसटीएफ ने जब आनलाइन परीक्षा कराने वाली एपटेक कम्पनी के प्रश्नगत परीक्षा का पूर्ण विवरण हासिल किया था और  शिकायतकर्ता अभ्यर्थियों से पूछताछ की गयी तो परीक्षा में धांधली होने की बात प्रकाश में आयी। 
इस तरह एसटीएफ ने धांधली को पकड़ा
शुरुआती छानबीन में परीक्षा में सम्मिलित होने वाले 26000 अभ्यर्थियों के डाटा का स्टेटीस्टिकल विश्लेषण किया गया। इस डाटा का Bell curve Analysis Regression Analysis  करके संदिग्ध अभ्यर्थियों को छांटा गया। इसके अलावा सभी 26000 अभ्यर्थियों के लाग टेंल एपटेक से प्राप्त किये गये और चेक किया। एसटीएफ को छानबीन में इस बात का पता चला कि पावर कार्पोरेशन की अवर अभियन्ता भर्ती परीक्षा-2018 के साथ-साथ सहायक समीक्षा अधिकारी, कार्यालय सहायक, अपर निजी सचिव आदि पदों पर भर्ती परीक्षाए विभिन्न तिथियों में विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर एपटेक ने करायी थी। इन परीक्षाओं में भारी धनराशि लेकर दो प्रकार से परीक्षा में 1- पेपर लीक करके व 2-आन लाइन हैक करके गड़बड़ी की गयी। आन लाईन साल्व करने के लिए परीक्षा केन्द्र पर बनी लैब के कम्प्यूटर में परीक्षा केन्द्र के मालिक व प्रबन्धक तथा लैब स्थापित करने वाले टैक्निशियन के माध्यम से AMMYY ADMIN साफ्टवेयर इंस्टाल किया गया और उसका आईडी व पासवर्ड साल्वर गैंग को उपलब्ध कराकर आन लाइन प्रश्नपत्र साल्व कराया गया। कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र आन्सर की सहित उपलब्ध कराकर नकल करायी गयी। अवर अभियन्ता के प्रत्येक अभ्यर्थी से 14-14 लाख रुपये लेने की बात प्रकाश में आयी है। उन्हीं में से कुछ अभ्यर्थी शोर्ट लिस्ट किये गये और उनसे कुछ संदिग्धों से गहराई से पूछताछ करने पर पता चला कि उन्हों ने परीक्षा में पेपर लीक के  माध्यम से तथा AMMYY ADMIN  साफ्टवेयर के माघ्यम से बाहर बैठे साल्वर के द्वारा प्रश्नों को साल्व कराकर परीक्षा में लाभ लिया गया है, जिसके कारण उनकी मैरिट ऊपर हो गयी है। संदिग्ध अभ्यर्थियों से पूछताछ के बाद यह पता चला कि  जेके पब्लिक स्कूल कनौसी, मानक नगर व महाबीर प्रसाद डिग्री कालेज में पावर कार्पोरेशन द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में AMMYY ADMIN साफ्टवेयर के  माघ्यम से नकल करायी गयी। 
इन लोगों को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
इस मामले की छानबीन के बाद यूपी एसटीएफ ने बुधवार को मानकनगर स्थित जेके पब्लिक स्कूल के प्रबंधक ज्ञानेन्द्र सिंह, आलमबाग स्थित महाबीर प्रसाद डिग्री कालेज के प्रबंधक डा अमित सिंह, महाबीर प्रसाद कालेज के कर्मचारी आजमगढ़ निवासी संजय राजभर, बलिया निवासी दीपमणि यादव, अम्बेडकरनगर निवासी संजय कुमार जायसवाल, मऊ निवासी अभय यादव, देवरिया निवासी धीरेन्द्र वर्मा, कैसरबाग निवासी सैय्यद अफसर हुसैन, बलिया निवासी विपिन कुमार, इलाहाबाद निवासी राकेश कुमार, रामबाबू और देवरिया निवासी संजय कुमार गौड़ को गिरफ्तार किया। एसटीएफ ने इन लोगों के पास से 15 कम्प्यूटर, 12 मोबाइल फोन, एक लैपटाप, एक डोंगल और 7.57 लाख रुपये बरामद किये। 
एपटेक की भूमिका भी मिली संदिग्ध
एसटीएफ को अपनी छानबीन में आनलाइन परीक्षा आयोजित करने वाली एपटेक कम्पनी की भी भूमिका संदिग्ध मिली है। कम्पनी ने परीक्षा प्लान फूल प्रूफ होने का दावा किया था जो गलत निकला। अब एसटीएफ की टीम कम्पनी की भूमिका की जांच कर रही है।   
कुछ आरोपी अभी भी हैं फरार
एसटीएफ के हत्थे चढ़े ज्ञानेन्द्र सिंह, दीप मणि तथा संजय राजभर की निशानदेही पर कालेज की लैब से संदिग्ध कम्प्यूटर व लैपटाप बरामद किये गये। ज्ञानेन्द्र सिंह, दीपमणि यादव तथा संजय राजभर के मोबाइल फोन में AMMYY ADMIN साफ्टवेयर का आईंडी व पासवर्ड पाया गया, जिसे बरामद किया गया है। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि उनको परीक्षा के दिन 11 फरवरी की सुबह 8 बजे होटल उमंग, बासमण्डी चौराहा लखनऊ में बुलाकर द्वितीय पाली का प्रश्न पत्र उत्तर सहित परिमिन्दर व उसके साथियों ने दिये थे। इस प्रश्न पत्र उत्तर सहित को इन अभ्यर्थियों को  याद करने के लिए लगभग एक घण्टे का समय दिया गया, जिसके  बाद अभ्यर्थी अपने -अपने सेंटरों पर परीक्षा देेने चले गये थेे। एसटीएफ अब तक फरार परमिन्दर व उसके  साथियों की तलाश की जा रही है। 

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