12 साल के लिए ससुराल चली देवी तो रो पड़े मायके वाले

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग क्षेत्र की आराध्य मां उमा देवी को उनके मायके डिम्मर से श्रद्धालुओं ने नम आंखों से ससुराल के लिए विदा किया। उमा देवी की डोली यात्रा छह दिसंबर से गांव में थीं। ग्रामीणों ने देवी को कलेऊ, वस्त्र और आभूषण दिए।12 साल के लिए ससुराल चली देवी तो रो पड़े मायके वाले
 बुजुर्ग महिलाओं ने धिसवाले हिटनी उमा तिरवाले हिटनी… और तेरो भाई लाटू तेरी आगवानी… जैसे मांगल गीत गाए। महिलाएं (ध्याणियां) फफक कर रो पड़ीं और माहौल भावुक हो गया। इसके बाद देवी ससुराल कपीरी के लिए विदा हो गईं। शुक्रवार रात्रि विश्राम के लिए उमा देवी की यात्रा न्यू डिम्मर पहुंची।
 डिम्मर गांव को देवी उमा का मायका माना जाता है। मान्यता है कि हर 12 साल में होने वाली दिवारा यात्रा में ससुराल जाने से पहले 15 दिनों के लिए उमा देवी की डोली डिम्मर गांव में रुकती है। शुक्रवार को मां उमा की विदाई के अवसर पर डिम्मर के चौंरी स्थित खांडू देवता के मंदिर में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा।
 सुबह दस बजे पुजारियों के दल ने मां उमा की पूजा शुरू की। ग्रामीणों ने देवी को सोने की नथ और हार पहनाया। एक घंटे की पूजा के दौरान देवी देवताओं के पश्वा अवतरित हुए और भक्तों को सुफल दिया। दोपहर बारह बजे देवी की डोली को ससुरालियों (कपीरी के ग्रामीण) को सौंपा गया।

 इसके बाद उमा देवी मायके से विदा होने लगीं। भाई लाटू देवता के निशान की अगुवानी में देवी मायके वालों के गले मिलते हुए ससुराल के लिए आगे बढ़ीं। मां उमा की विदाई पर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इसके बाद देवी एक बजे गांव के खेतों की ओर पहुंची। माना जाता है कि देवी ने इन खेतों में खेती बाड़ी का काम किया होगा।

 यहां कुछ देर रहने और देवताओं के पश्वा अवतरित होने के बाद देवी सिमली की ओर रवाना हुई। रात्रि विश्राम के लिए उमा देवी की यात्रा न्यू डिम्मर पहुंची। यहां यात्रा का भव्य स्वागत हुआ।

 गांव की परंपरा पर बनेगी डाक्यूमेंट्री

उमा देवी की दिवारा यात्रा और देवी के मायके डिम्मर गांव की परंपरा को लेकर यू-ट्यूब के लिए डॉक्यूमेंट्री बनाएगी जाएगी। गुड़गांव में अपना व्यापार करने वाले ग्रामीण अजय डिमरी ने बताया कि देवभूमि में देवी यात्रा की परंपरा हमारी संस्कृति से जुड़ी है, जिससे नई पीढ़ी और देश विदेशों में बस चुके लोगों तक पहुंचाने के लिए देवी उमा की यात्रा पर 45 मिनट की डाक्यूमेंट्री बनाई जा रही है। जल्द डॉक्यूमेंट्री यू-ट्यूब पर दिखने लगेगी।
 इस दौरान सुरेश डिमरी, आयोजन समिति के प्रबंधक नरेंद्र सिंह भंडारी, अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पुंडीर, राजेंद्र प्रसाद पुजारी, अजय पुजारी, रविदर्शन तोपाल, यदुवीर बिष्ट, पूर्व प्रधान सावित्री देवी और शैलेंद्र प्रसाद, राजेंद्र सिंह नेगी, महिपाल सिंह नेगी, टीका प्रसाद मैखुरी, केशव डिमरी, सत्य प्रसाद, भुवनेश्वर प्रसाद आदि मौजूद थे।

 

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