14 साल के लड़के ने दिए 20 अंडे, जांच करने आए डॉक्टर भी रह गए सन्न

यह सवाल सदियों से वैज्ञानिकों और दर्शनशास्त्रियों का भेजा मथता रहा है कि कौन पहले आया मुर्गी या अंडा? आप बताइए कि कौन पहले आया.
अगर आप कहेंगे कि अंडा तो अगला सवाल होगा कि अंडा दिया किसने और अगर आप कहेंगे कि मुर्गी पहले आई तो सवाल होगा कि मुर्गी आसमान से तो टपकी नहीं होगी, वह किसी अंडे से ही निकली होगी. तो अगर वह अंडे से निकली तो अंडा पहले से था…

आप चकरा जाएँगे, झुँझला जाएँगे…परेशान हो जाएँगे लेकिन जवाब मिलेगा नहीं.

वैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब ढूंढने मे बहुत समय लगाया पर अब जाकर वो इस निष्कर्ष पर आ गए है की ” मुर्गी ” इस दुनिया में अंडे से पहले आई है । इस बात को साबित करने के लिए बड़ा ही महत्वपूर्ण तथ्य भी रिसर्च में प्राप्त हुआ है।

लेकिन आज हम आपके लिए बेहद ही हैरान कर देने वाली बात लेकर आये है हाल में ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया हैं इंडोनेशिया से जहां दावा है कि एक लड़का अबतक 20 अंडे दे चुका है। लड़का बीते तीन सालों से ये कारनामा कर रहा है। जिससे डॉक्टर भी हैरान हैं। विज्ञान तो ये ही कहता है कि इंसान अंडे नहीं दे सकता। ऐसा होना नामुमकिन है, मगर ये तो विज्ञान कहता है। लड़का जो कह रहा है और कर रहा है, वो तो उन्होंने खुद भी देखा, और अब वो इस पहेली को बूझने में लगे हैं। इंडोनेशिया का एक लड़का अंडे देता है और दो साल में अब तक 20 अंडे दे चुका है। जब डॉक्टरों को इस बात का पता चला और उन्होंने इसे सीधे देखा दो हैरान रह गए।

जानकारी के मुताबिक यह मामला इंडोनेशिया के दक्षिण में स्थित सुलावेसी राज्य के गोवा का है। जहां रहने वाले लड़के का नाम अकमल है । उसके पापा रुसिल की माने तो उनका बेटा जो अंडा देता है, उसमें या तो बस पीला वाला हिस्सा होता है, या फिर सफेद वाला। पहली बार जब उन्होंने अकमल के दिए अंडे को फोड़ा, तब उसमें पीला हिस्सा, यानी ऐग यॉक ही था। पहले तो डॉक्टरों को इस बात पर भरोसा नहीं हुआ। लेकिन सोमवार को अकमल ने जब डॉक्टरों के सामने दो अंडे दिए, तो वे हैरान रह गए। डॉक्टरों के मुताबिक मनुष्यों के लिए अंडे देना असंभव है। स्थानीय स्येच युसुफ अस्पताल के डॉक्टरों के एक दल ने इन अंडों का परीक्षण किया तो पाया कि यह मुर्गी का अंडा हैं। डॉक्टरों को शक है कि इन अंडों को जानबूझकर इस लड़के के अंदर डाला गया है।

वहीं अस्पताल के प्रवक्ता मोहम्मद तस्लीम कहते है – हमें संदेह है कि इन अंडों को जानबूझ कर उसके अंदर डाला गया। लेकिन हमनें इसे प्रत्यक्ष रूप से देखा नहीं। वैज्ञानिक रूप से मानव शरीर के भीतर अंडे नहीं बन सकते। यह असंभव है, विशेषरूप से पाचन तंत्र में। तस्लीम का कहना है कि अकमल को एक सप्ताह के लिए निगरानी में रखा गया है। इस दौरान अकमल के पिता ने कहा कि उसने कभी भी समूचा अंडा नहीं खाया और न ही इस मामले में कोई काला जादू है।

अकमल के पिता रुस्ली ने कहा, दो साल में उसने 18 अंडे दिए और 2 आज, यानी उसने कुल 20 अंडे दिए हैं। मैंने जब पहला अंडा फोड़ा था तो यह भीतर से पूरा पीला था। एक माह बाद जब मैंने दूसरा अंडा फोड़ा तो इसके भीतर पूरा हिस्सा सफेद था, पीला नहीं। मैं अपने गांव का इमाम हूं, और यहां पर कोई वूडू यानी काला जादू नहीं है।मुझे अपने खुदा पर ऐतबार है।

आपको बता दें, इंडोनेशिया में इससे पहले भी एक व्यक्ति ने अंडे दिए हैं। 2015 में उत्तरी जकार्ता के तैनजुंग वैंगी में बुजुर्ग काकेक सिनिन ने अंडे देकर सभी को चौंका दिया था। उसका कहना था कि मुर्गी के अंडों जैसे दिखने वाले यह अंडे उसने दिए हैं।

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