15 एकड़ में बन रहा जैश का नया आतंकी सेण्टर

पाकिस्तान में इमरान खान की जीत के साथ ही कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद हो गए हैं. हालिया खबर के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद एक ट्रेनिंग सेण्टर खोलने वाला है, जिसमे वो जिहाद के नाम पर कुर्बान होने के लिए आतंकियों को ट्रेन करेगा.  पाकिस्‍तान के बहावलपुर में बनने वाला ये ट्रेनिंग सेण्टर 15 एकड़ में फैला होगा. सरकारी दस्‍तावेजों के अनुसार, बहावलपुर कॉम्‍प्‍लैक्‍स के लिए सीधे मसूद अजहर ने जमीन खरीदी है. जिस जगह जमीन खरीदी गई है वहां 80 से 90 लाख प्रति एकड़ के भाव हैं.पाकिस्तान में इमरान खान की जीत के साथ ही कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद हो गए हैं. हालिया खबर के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद एक ट्रेनिंग सेण्टर खोलने वाला है, जिसमे वो जिहाद के नाम पर कुर्बान होने के लिए आतंकियों को ट्रेन करेगा.  पाकिस्‍तान के बहावलपुर में बनने वाला ये ट्रेनिंग सेण्टर 15 एकड़ में फैला होगा. सरकारी दस्‍तावेजों के अनुसार, बहावलपुर कॉम्‍प्‍लैक्‍स के लिए सीधे मसूद अजहर ने जमीन खरीदी है. जिस जगह जमीन खरीदी गई है वहां 80 से 90 लाख प्रति एकड़ के भाव हैं.  जेल से नवाज़ की आवाज़, चोरी का जनादेश कमजोर करेगा देश    बताया जा रहा है कि यह जैश के वर्तमान मुख्यालय से 5 गुना बड़ा होगा. जैश की इस हरकत में इमरान खान की जीत का हाथ माना जा रहा है, क्योंकि जैश ने ही चुनावों में इमरान खान की पार्टी तहरीक ए इंसाफ को समर्थन दिया था और नवाज शरीफ के खिलाफ जमकर प्रचार किया था. जैश ने नवाज़ शरीफ को पाकिस्तान और इस्लाम का गद्दार भी बताया था.   भूख से बिलखते अरबपतियों का देश, वेनेज़ुएला    इमरान खान की जीत से कट्टरपंथियों और आतंकियों का खुश होना ये साफ़ जाहिर करता है कि उन्हें उनकी मर्ज़ी पर चलने वाला राजा मिलने वाला है. लेकिन वर्तमान में पाकिस्तान के बदलते हालात भारत के लिए चिंता का विषय है. क्योंकि जैश ए मोहम्मद पहले भी भारत पर हमले कर चुका है. आपको बता दें कि जैश का सरगना  मसूद अजहर भारत की मोस्‍ट वांटेड लिस्‍ट में शामिल है. वह 2001 संसद हमले और 2016 पठानकोट हमले का मास्‍टमाइंड है, भारत उसे वैश्विक आतंकी घोषित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन चीन इस रास्ते में रोड़ा बना हुआ है. अब इमरान की जीत के बाद जैश का वापिस सक्रिय होना भारत की मुश्किलें बढ़ा सकता है.

बताया जा रहा है कि यह जैश के वर्तमान मुख्यालय से 5 गुना बड़ा होगा. जैश की इस हरकत में इमरान खान की जीत का हाथ माना जा रहा है, क्योंकि जैश ने ही चुनावों में इमरान खान की पार्टी तहरीक ए इंसाफ को समर्थन दिया था और नवाज शरीफ के खिलाफ जमकर प्रचार किया था. जैश ने नवाज़ शरीफ को पाकिस्तान और इस्लाम का गद्दार भी बताया था. 

इमरान खान की जीत से कट्टरपंथियों और आतंकियों का खुश होना ये साफ़ जाहिर करता है कि उन्हें उनकी मर्ज़ी पर चलने वाला राजा मिलने वाला है. लेकिन वर्तमान में पाकिस्तान के बदलते हालात भारत के लिए चिंता का विषय है. क्योंकि जैश ए मोहम्मद पहले भी भारत पर हमले कर चुका है. आपको बता दें कि जैश का सरगना  मसूद अजहर भारत की मोस्‍ट वांटेड लिस्‍ट में शामिल है. वह 2001 संसद हमले और 2016 पठानकोट हमले का मास्‍टमाइंड है, भारत उसे वैश्विक आतंकी घोषित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन चीन इस रास्ते में रोड़ा बना हुआ है. अब इमरान की जीत के बाद जैश का वापिस सक्रिय होना भारत की मुश्किलें बढ़ा सकता है.

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