17 दिनों से भारतीय का सऊदी में रखा है शव, परिजनों को अब मोदी सरकार से आस

अपने घरवालों की किस्मत में सुनहरे सपने सजाने के लिए सात समंदर पार कमाने के लिए गए एक युवक की मौत के 17 दिन बाद गमजदा घरवालों ने भारत सरकार से उसके शव को घरवालों तक पहुंचाने के लिए लगातार गुहार कर रहे हैं.17 दिनों से भारतीय का सऊदी में रखा है शव, परिजनों को अब मोदी सरकार से आस

बाड़मेर जिले के काश्मीर गांव का एक युवक राजुदास चार माह पहले कमाई करने के लिए सऊदी अरब अपने रिश्तेदार के साथ गया था, लेकिन 17 दिन पहले 19 फरवरी उसकी वहां पर मौत हो गई. उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ऐसे में उन्हें सूझ नहीं रहा है कि बेटे के पार्थिव देह के अंतिम दर्शन कैसे होंगे. इधर-उधर प्रशासन और नेताओं के पास चक्कर काट रहे हैं.

मृतक के भाई कुंभदास ने बताया कि उसका भाई राजू चार माह पहले ही सऊदी अरब गया था, वहां बकरियां चराने की मजदूरी कर रहा था. इसके लिए उसे हर माह 18-20 हजार रुपए मजदूरी मिल रही थी. 17 दिन पहले उसकी मौत हो गई. अब परिजन शव का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इतने दिन बाद भी उसका शव नहीं मिला है. शव आएगा या नहीं इसको लेकर भी सरकार से हमें कोई सूचना नहीं मिल रही है. परिजनों ने भारत सरकार से मांग की है कि वे उनके बेटे के शव की वापसी के लिए प्रयास करें.

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परदेस में बेटे की मौत की खबर से बीते 17 दिन से काश्मीर स्थित घर में चूल्हा नहीं जला है. परिवार के लोग बेटे का शव भारत लाने के लिए सरकार की ओर ताक रहे हैं. पिछले 17 दिन से छोटा भाई अपने बड़े भाई के शव को भारत लाने की कोशिश में नेताओं और जिला प्रसाशन के द्वार लगातार चक्कर काट रहा हैं, लेकिन उसे कहीं से आशा की किरण दिखाई नहीं पड़ रही. जिसके बाद मंगलवार को दूसरी बार जिला प्रसाशन और भारत सरकार से शव को उनके पैतृक गांव लाने की मांग की है.

जिला कलेक्टर ने सुधीर कुमार के सामने जब पूरा मामला आया उसी दिन ही राजस्थान सरकार को चिट्टी लिख के भेज दी, लेकिन मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर का होने के कारण अभी तक कोई जबाब नही आया है, लेकिन जिला कलेक्टर ने परिजनों को भरोसा दिलाया है उनकी हर सम्भव मदद करेंगे.

बेटे के इंतजार में परिजन परेशान हैं. बेटे के मौत की खबर सुनकर उसके परिजनों ने 17 दिन से खाना नहीं खाया है. घर में कोहराम मचा हुआ है. छोटा भाई कुंभदास बड़े भाई के शव के लिए इधर-उधर प्रशासन और नेताओं के पास चक्कर काट रहा है, लेकिन कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा है. ऐसे में परिजनो को अंतिम दर्शन की आस भी खत्म होती नजर आ रही है.

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