17 बैंकों ने दिया नीरव मोदी को 3 हजार करोड़ का लोन, मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका

114 अरब का घोटाला करने के बाद डायमंड कारोबारी नीरव मोदी ने 17 बैंकों में लगभग 3 हजार करोड़ रुपये का और घपला किया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन रुपयों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया होगा। 17 बैंकों ने दिया नीरव मोदी को 3 हजार करोड़ का लोन, मनी लॉन्ड्रिंग की आशंकाइन बैंकों ने दिया लोन
जिन बैंकों ने नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड को लोन दिया उसमें पीएनबी के अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (194 करोड़), देना बैंक (153.25 करोड़), विजया बैंक (150.15 करोड़), बैंक ऑफ इंडिया (127 करोड़), सिंडिकेट बैंक (125 करोड़), ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (120 करोड़), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (110 करोड़) व इलाहाबाद बैंक, आईडीबीआई बैंक 100 करोड़ प्रत्येक शामिल है। 

जून 2015 तक दिया 1980 करोड़ का लोन

इन बैंकों ने एक कंशोर्शियम और व्यक्तिगत तौर पर नीरव की कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल को जून 2015 तक करीब 1980 करोड़ रुपये का लोन दिया था। इसके अलावा बैंकों ने 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लोन दिया था। इसमें से केवल 90 करोड़ रुपये कंपनी ने बैंक को चुका दिया है। 

आरबीआई पर भी सवालिया निशान

सीबीआई और ईडी की जांच में न केवल बैंक अधिकारियों बल्कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के ऑडिट प्रोसेस पर भी सवालिया निशान उठ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक ने लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) का रिनुयल भी गलत तरीके से किया। अगर आरबीआई के ऑडिटर ने पीएनबी के SWIFT मैसेज को देखा होता, तो फिर इस घोटाले का पहले ही पर्दाफाश हो जाता। 

नीरव मोदी को मिले 150 एलओयू
नीरव मोदी और उनके रिश्तेदारों को 2011 से 2017 के बीच 150 एलओयू जारी किए गए । इनकी मदद से उसने 11 हजार करोड़ रुपये कई बैंकों की विदेश में स्थित शाखाओं से निकाले, जो अब पीएनबी को देने होंगे।  

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