क्या ओम पुरी की मौत कि पहेली कभी सुलझ पायेगी

लखनऊ :मुंबई.ओम पुरी की डेथ मिस्ट्री की जांच में अब मुंबई क्राइम ब्रांच भी जुट गई है। मुंबई पुलिस के सूत्रों ने बताया कि जांच में फिलहाल किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। वहीं, क्राइम ब्रांच की जांच में नया खुलासा यह हुआ है कि नोटबंदी के दौरान ओम पुरी ने अपने ड्राइवर के अकाउंट में कुछ पैसे ट्रांसफर किए थे। हालांकि, अमाउंट का फिगर फिलहाल सामने नहीं आया है। इस केस में यह भी खुलासा हुआ है कि ओम पुरी के अंतिम संस्कार के बाद नंदिता उनके फ्लैट में गईं। वहां उनके साथ वकील के अलावा एक और शख्स था। अब देखने वाली बात यह है कि क्या ओम पुरी की मौत कि पहेली पुलिस सुलझा सकेगी|

खुद ड्राइवर ने कबूली बात…
 11 जनवरी को क्राइम ब्रांच ने ओम पुरी के ड्राइवर राम प्रमोद मिश्रा से करीब 5 घंटे तक पूछताछ की। पुलिस सूत्रों की मानें तो क्राइम ब्रांच के अधिकारी मिश्रा से उन पैसों के बारे में जानना चाहती थे, जो नोटबंदी के दौरान ओम पुरी ने उनके अकाउंट में डाले थे।  पहले तो मिश्रा ने इस बात से खुद को अनजान बताया, बाद में कबूला कि पुरी ने ही उसके खाते में पैसे जमा कराए थे। 
दूसरी पत्नी और उनके वकील से भी होगी पूछताछ
क्राइम ब्रांच की टीम ओम पुरी की दूसरी पत्नी नंदिता समेत उनके वकील से भी पूछताछ करने वाली है।  अफसरों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच जानना चाहती है कि पुरी के अंतिम संस्कार के बाद नंदिता उनके फ्लैट पर क्यों गईं थी और वो दो लोग कौन थे जो उस रात उनके साथ थे।
मामले से जुड़े लोग बताते हैं कि क्राइम ब्रांच की टीम ने ऑकलैंड बिल्डिंग की सीसीटीवी जमकर खंगाला। इसी बिल्डिंग में ओम पुरी रहते थे।  इसके बाद सामने आया कि अंतिम संस्कार वाली रात (7 जून) नंदिता बिना किसी इजाजत के न सिर्फ ओम के फ्लैट में गईं, बल्कि वहां से अपने साथ कई चीजें भी लेकर निकली थीं।  उस रात उनके साथ उनकी महिला वकील के अलावा एक और शख्स था। अब पुलिस जानना चाहती है कि आखिर वो वहां से क्या लेकर निकलीं और उन्होंने इस बात की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी।

6 जनवरी को किचन में मृत मिले थे ओम पुरी
 ओम पुरी शुक्रवार (6 जनवरी) सुबह अपने फ्लैट पर मृत मिले थे। इससे पहले गुरुवार शाम ओम फिल्म प्रोड्यूसर खालिद किदवई के साथ थे। 

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