2011 के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में हुई सबसे बड़ी गिरावट….

अमेरिकी शेयर बाजार में 2011 के बाद अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इसका असर एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला। भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा। डाओ जोंस 1175 अंक से ज्यादा गिर गया। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर मंगलवार को साफ देखने को मिला और शेयर बाजार खुलने के साथ ही धड़ाम हो गया और सेंसेक्स 1200 अंक से  नीचे चला गया। 2011 के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में हुई सबसे बड़ी गिरावट....महंगी बांड यील्ड से अमेरिका में नींद उड़ी
अमेरिका में डाओ जोंस में भारी गिरावट का बड़ा कारण बांड यील्ड का महंगा होना बताया गया है। बांड यील्ड 2.88 फीसदी तक पहुंच गया, जिसकी वजह से अमेरिका के सबसे बड़े शेयर मार्केट धराशायी हो गए। इस वजह से पिछले 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इनमें 7 फीसदी का नुकसान देखा गया है। 

24345 पर बंद हुआ डाओ जोंस

सोमवार के कारोबारी सत्र में डाओ जोंस 1,175.2 अंक की भारी गिरावट के साथ 24,345.75 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शेयर मार्केट एसएंडपी 500 इंडेक्स 113.2 अंक यानि 4.1 फीसदी गिरकर 2,649 के स्तर पर बंद हुआ है। अमेरिका का तीसरा सबसे बड़ा बाजार न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के नैस्डैक में 273.4 अंक कमजोरी के साथ 6,967.5 के स्तर पर बंद हुआ है।

एशिया के बाजार भी टूटे

इस गिरावट का असर एशियाई बाजारों में भी देखा गया। जापान का निक्केई हो या फिर हांगकांग का हैंगसेंग हर तरफ गिरावट का दौर जारी रहा। निक्केई 1,115 अंक की भारी गिरावट के साथ 21,567 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

हैंगसेंग 1,005 अंक गिरकर 31,240 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, एसजीएक्स निफ्टी 300 अंक यानि करीब 3 फीसदी की कमजोरी के साथ 10,395 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी 2.8 फीसदी गिरा है, जबकि स्ट्रेट्स टाइम्स में 2.3 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है। ताइवान इंडेक्स 307 अंक की गिरावट के साथ 10,640 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

 
 

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