21 साल बाद श्रीलंका में टीम इंडिया का बजा डंका, धोनी ने कर दिखाया ये बड़ा कारनामा….

भारत और श्रीलंका के बीच पांच मैंचों की वनडे सीरीज 20 अगस्त से शुरू हो रही है। दोनों देशों के बीच श्रीलंकाई सरजमीं पर खेली गई सीरीज दो चरणों में बंटी हुई है। पहले फेज में श्रीलंका का दबदबा रहा तो दूसरे में भारत का। लेकिन धोनी के टीम इंडिया का कप्तान बनते ही लंका में भारत की कायापलट हो गई। जो कारनामा बड़े-बड़े दिग्गज नहीं कर सके वो धोनी ने लगातार तीन बार कर दिखाया।21 साल बाद श्रीलंका में टीम इंडिया का बजा डंका, धोनी ने कर दिखाया ये बड़ा कारनामा....बैन हटने के बाद पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज, चाहते हैं स्कॉटलैंड में खेलना…

साल 1985 से 2006 तक टीम इंडिया ने श्रीलंका के 4 दौरे किए। 1985 में खेली पहली सीरीज 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुई।  1993 में खेली दूसरी सीरीज में श्रीलंका ने टीम इंडिया को 2-1 से मात दी। इसके बाद 1997 में विश्वचैंपियन श्रीलंका ने भारत को 3-0 से रौंद दिया।

दोनों देशों के बीच खेले गए 15 मैचों में भारत ने 11 और श्रीलंका ने 4 मैच जीत हासिल की है। जबकि इससे पहले खेल गए 11 मैचों में भारत ने 6 और भारत ने 2 मैच में जीत हासिल कर सकी थी। 3 मैच बारिश के कारण रद्द हो गए थे।

धोनी और जहीर खान

श्रीलंका के खिलाफ आखिरकार भारत सीरीज जीतने में इस बार सफल हो गया। महेंद्र सिंह धोनी का जादू श्रीलंकाई धरती पर चला। भारत ने पांच मैचों की सीरीज का डंबूला में खेला पहले वनडे में हार मिली। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने भारत को 146 रन पर ढेर कर दिया और 15 ओवर और 8 विकेट रहते जीत हासिल कर ली। इसके बाद दूसरे वनडे में पहले मैच की हार का बदला चुकाते हुए मेजबान टीम को 142 रन पर ढेर कर दिया। और मेंडिस के मैजिक के सामने एस बद्रीनाथ ने 27 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिला दी। 

तीसरे मैच में श्रीलंकाश्रीलंका को भारत ने मात देकर 2-1 से बढ़त हासिल कर ली। प्रेमदास स्टेडियम में खेले गए मैच में धोनी(76) और रैना(53) रन की पारियों की बदौलत 237 रन बनाए। गेंदबाजों ने टीम इंडिया को 33 रन से जीत दिला दी। इसके बाद अगले मैच में विराट, धोनी और रैना की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 258 रन बनाए। इसके बाद गेंदबाजों ने बखूबी अपना काम किया और 58 रन से टीम इंडिया को जीत दिलाकर श्रीलंकाई धरती पर पहली सीरीज जीतने का कारनामा कर दिखाया। इसके बाद पांचवें मैच में श्रीलंका ने जीत हासिल कर सीरीज में हार के अंतर को कम कर लिया। 

2008-09 धोनी बिग्रेड ने दोहराया करिश्मा
धोनी के कप्तानी में भारत ने लगातार दूसरी वनडे सीरीज जीती। श्रीलंका के 40 वर्षीय बल्लेबाज जयसूर्या ने वनडे करियर का 28वां शतक जड़ा। इसकी बदौलत श्रीलंका 246 रन बनाने में सफल रही। इसके बाद भारत ने गौतम गंभीर, सुरेश रैना और धोनी की पारियों की बदौलत जीत हासिल करने में सफल रही। 
इसके बाद दूसरे वनडे में भारत ने युवराज सिंह की 66 रन की पारी की बदौलत श्रीलंका के सामने जीत के लिए 257 रन का लक्ष्य रखा। ईशांत शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके और 15 रन से टीम इंडिया को जीत दिला दी। तीसरे वनडे में वीरेंद्र सहवाग(116) और युवराज सिंह(117) की शानदार शतकीय पारियों की बदौलत भारत ने 5 विकेट पर 363 रन का लक्ष्य खड़ा किया। जिसके जवाब में लंकाई टीम महज 216 रन पर ढेर हो गई। इस जीत के साथ ही लगातार दूसरी बार भारत ने श्रीलंका में सीरीज अपने नाम की। 
चौथे वनडे में गौतम गंभीर ने अपना क्लास दिखाया और 150 रन की शानदार पारी खेली। श्रीलंकाई टीम 333 रन के लक्ष्य को हासिल करने से 67 रन पीछे रह गई। लेकिन इसी मैच में मुरलीधरन ने वसीम अकरम के वनडे में सबसे ज्यादा 502 विकेट के रिकॉर्ड को तोड़ा था। 
इसके बाद खेले गए पांचवें और सीरीज के आखिरी वनडे में श्रीलंकाई टीम ने 320 रन बनाए और भारत को 252 रन पर रोकने में गेंदबाज कामयाब रहे।  
भारत की श्रीलंका में खिताबी हैट्रिक

धोनी की कप्तानी में लगातार तीसरी बार खिताबी जीत हासिल करने पहुंची टीम इंडिया ने हंबनटोटा में खेले गए पहले वनडे में 21 रन से जीत हासिल की। इस मैच में सहवाग ने 96 और विराट ने 106 रन बनाए। भारत के 314/6 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका केवल 293/9 रन बना सकी। संगकारा का शतकीय पारी पर पानी फिर गया।
 
इसके बाद दूसरे वनडे में श्रीलंका ने भारतीय बल्लेबाजों को 133 रन पर ढेर कर दिया। इसके बाद श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने 181 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। और सीरीज में 1-1 से बराबरी कर कर ली। 
इसके बाद बाकी के तीन मैचों में भारत ने 5 और 6 विकेट से जीत हासिल कर खिताबी जीत हासिल की। पांचवें और आखिरी मैच में 20 रन से जीत हासिल कर भारत ने 4-1 से सीरीज पर कब्जा कर लिया।  

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