23 मार्च को अन्ना हजारे करेंगे आंदोलन, ये मुद्दे होगा प्रमुख…

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे एक बार फिर शहीदी दिवस के मौके पर 23 मार्च 2018 को दिल्ली में हुंकार भरेंगे। महाराष्ट्र सदन में मंगलवार को प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सिर्फ उद्योगपतियों के हितों में काम कर रही है, जबकि तीन साल पहले किसानों के विकास के लिए किए गए वादों में से कुछ भी पूरा नहीं किया गया। वह आने वाले दिनों में मजबूत लोकपाल की मांग को भी आंदोलन का हिस्सा बनाएंगे। 23 मार्च को अन्ना हजारे करेंगे आंदोलन, ये मुद्दे होगा प्रमुख...

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उन्होंने कहा कि अब देशवासियों को फिर से जगाने की जरूरत हैं, जिसके लिए देशभर में जनसभाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकपाल अधिनियम में संशोधन कर भ्रष्टाचार रोधी तंत्र को कमजोर किया है। कांग्रेस व भाजपा दोनों उद्योगपतियों की समर्थक हैं और उन्हें किसानों की समस्याओं की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में वह फसलों की लाभदायी कीमतों व मजबूत लोकपाल के लिए सरकार पर दबाव बनाएंगे, साथ ही वह चुनाव प्रणाली में सुधार और भ्रष्टाचार के विरोध में भी आवाज उठाएंगे। 

उन्होंने कहा कि वह किसी भी पार्टी विशेष के समर्थन में नहीं हैं चूंकि जो भी सरकार समाज और देश के प्रति वफादार नहीं है, वह उसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। वह एक बार फिर से नई शुरुआत कर रहे हैं, जिसके लिए बुधवार को वह ओडिशा में जनसभा के लिए रवाना होंगे। इसके बाद वह गुजरात, तमिलनाडु, आगरा (यूपी), बुलंदशहर (यूपी), असम समेत अन्य राज्यों में इस आंदोलन के प्रति देशवासियों को जगाने पहुंचेंगे। 

शहीदों के बच्चे राष्ट्रीय संपत्ति
शहीदों के परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही अपर्याप्त सुविधाओं के बारे में जब अन्ना से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शहीदों ने देश के लिए अपनी जान दी है और उनके परिवारों की जिम्मेदारी सरकार को ही लेनी होगी। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारी राष्ट्रीय संपत्ति हैं। शहीदों के बच्चों की पढ़ाई के लिए दिया जाने वाला भत्ता भी सरकार को बढ़ाना चाहिए।

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