3 दिन में शाह से मिले 2 मुख्यमंत्री और 1 डिप्टी सीएम, जाने क्या होगा 2019 का एजेंडा?

गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों से सबक लेते हुए बीजेपी अभी से  मिशन 2019 की तैयारी में जुट गई है. पिछले दिनों बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने देश भर के राज्यों के पार्टी प्रभारियों के साथ बैठक की थी. अब बीजेपी आलाकमान अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मिल रहे हैं. पिछले तीन दिनों में दो राज्यों के मुख्यमंत्री और एक डिप्टी सीएम ने शाह से मुलाकात की है.

3 दिन में शाह से मिले 2 मुख्यमंत्री और 1 डिप्टी सीएम, तय हो रहा 2019 का एजेंडा?हरियाणा के सीएम की शाह से मुलाकात

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की. पिछले कुछ दिनों से हरियाणा की कानून व्यवस्था बिगड़ी है. विपक्ष इसे लेकर खट्टर सरकार को घेरने में लगा है. अगले महीने अमित शाह खुद हरियाणा जाने वाले हैं.  इसे देखते हुए खट्टर के साथ शाह की मुलाकात अहम है.

हरियाणा में कुल 10 संसदीय सीट हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में इनमें से बीजेपी ने 7 पर जीत दर्ज की थी. कांग्रेस को 1 और इनेलो को 2 सीटें मिली थीं. इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार हरियाणा की सत्ता पर कब्जा किया. पार्टी आलाकमान ने सबको चौंकाते हुए मनोहर लाल खट्टर को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया. बीजेपी इस बार हरियाणा में पिछले चुनाव से भी बेहतर परिणाम का लक्ष्य लेकर चल रही है. हालांकि खट्टर सरकार अलग-अलग कारणों से जिस तरह चर्चा में रही उसे देखते हुए ये लक्ष्य उसके लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है. राम रहीम प्रकरण और उसके बाद भड़की हिंसा, जाट आरक्षण आंदोलन, लगातार रेप के मामले, बीफ को लेकर विवाद, रेयॉन स्कूल प्रकरण कुछ ऐसे मामले हैं जिनसे खट्टर की छवि पर सवाल उठे थे.

झारखंड के सीएम रघुवर दास के साथ मुलाकात

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से झारखंड के सीएम रघुवर दास ने भी मुलाकात की. हालांकि रघुवर दास ने इस मुलाकात को गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव में जीत की बधाई देने के लिए शिष्टाचार भेंट बताया.

झारखंड में कुल 14 संसदीय सीटें हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी एक सीट छोड़कर बाकी 13 सीटों पर जीती थी. एक सीट जेएमएम के खाते में गई थी. 2019 में बीजेपी के लिए 13 सीटें जीतना आसान नहीं होगा. राज्य में विकास के मोर्चे पर रघुवर सरकार उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई है. गाय के नाम पर वहां कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिससे सरकार कटघरे में नजर आई है. माना जा रहा है कि ये चीजें चुनाव में नुकसानदायक साबित हो सकती हैं. माना जा रहा है कि शाह ने मुलाकात के दौरान जरूर इनपर बात की होगी.

यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा शाह से मिले

बीजेपी अध्यक्ष के साथ मुलाकात करने वालों में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का नाम भी है. दिनेश शर्मा ने मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष के साथ मुलाकात की. शर्मा मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने दिल्ली आए थे. शर्मा को मोदी और शाह का करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता है. डिप्टी सीएम से पहले वह गुजरात के प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे.

यह था 2014 लोकसभा का सियासी समीकरण

यूपी में कुल 80 संसदीय सीटें हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इनमें से 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी. वहीं सपा ने 5, कांग्रेस ने 2 और 2 सीटें अपना दल ने जीती थीं. बीएसपी कोई सीट जीतने में कामयाब नहीं रही. इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की. बीजेपी के लिए 2014 जैसा परिणाम 2019 में दोहराना एक चुनौती है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव हारने के बाद से सक्रिय हैं. इसके अलावा कांग्रेस से लेकर बीएसपी तक अपना जनाधार वापस लाने की कोशिश में लगे हैं. चर्चा यूपी में महागठबंधन बनने तक की है. ऐसे में बीजेपी आलाकमान के साथ डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की मुलाकात अहम हो जाती है.

बता दें कि बीजेपी 2014 के लोकसभा चुनाव में 543 सीटों में से 282 सीटें जीतकर देश की सत्ता पर विराजमान हुई थी. हिंदी भाषी राज्यों में मोदी लहर साफ दिखी. उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की कुल 225 सीटों में से 190 पर बीजेपी ने काबिज होकर इन राज्यों से न सिर्फ कांग्रेस बल्कि सपा, बसपा, जेडीयू और राजद जैसे क्षेत्रीय दलों का सफाया कर दिया था इसके अलावा मोदी लहर ने गुजरात के अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक और असम जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में भी जबर्दस्त जीत हासिल की थी.  

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