ओबामा के आइडिया से PM मोदी ने अगले महीने से पेट्रोल कर दिया 30 रुपए प्रति लीटर

नई दिल्ली। उरी हमले के बाद INDIA की जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। करोड़ों लोग चाहते हैं कि PAKISTAN से जंग लड़कर उसे हराया जाए। PAKISTAN की हार हमारे लिए तोहफे जैसी होगी।

अगर इस महीने ही पाकिस्तान के साथ भारत की जंग हुई तो ये तो सभी जानते हैं कि जीतेगा भारत ही। पाकिस्तान के हारने के बाद दुनिया में भारत का दबदबा और बढ़ जाएगा।

बड़ी खबर: अगले महीने से मिलेगा 30 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल

पेट्रोल कैसे होगा 30 रुपए लीटर

अब आप सोच रहे होगे कि पेट्रोल और पाकिस्तान की हार में क्या लेना देना। तो बता दें कि दुनिया भर को तेल निर्यात करने वाले देश पाकिस्तान के दोस्त हैं। भारत अगर पाकिस्तान युद्ध हार जाएगा तो ये गल्फ कंट्री भी भारत के समर्थन में आ जाएंगी। और सभी जानते हैं कि दोस्ती होने के बाद तो हर चीज सस्ती होती है लेन देन में। गल्फ कंट्री भारत को सस्ता कच्चा तेल देंगी और भारत में पेट्रोल 30 रुपए लीटर हो जाएगा।
ओबामा भी दे चुके हैं पेट्रोल सस्ता करने का आइडिया
बता दें कि जी-20 सम्मेलन के दौरान चीन में हमारे पीएम और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच कच्चे तेल को भी लेकर बातचीत हुई है। ओबामा ने मोदी को एक तरीका सुझाया है जिससे देश में पेट्रोल 30 रुपए प्रतिलीटर हो जाएगा।  ओबामा का कहना है भारत में तेल की आयात कम है और खपत ज्यादा। उसकी वजह से पूरी दुनिया के तेल दामों पर फर्क पड़ता है। अगर देशवासी तेल की खपत कम कर दें तो तेल की कीमतों में भारी गिरावट आ जाएगी।
ज्यादा खपत बढ़ाती है दाम
बता दें कि पहले भी ओबामा ने कहा था कि चीन और भारत का विकास दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ा रहा है। चीन और भारत में गाड़ियों की बढ़ती बिक्री का हवाला देते हुए बराक ओबामा ने कहा है कि लोग अमीर हो रहे हैं, वे अमेरिकी लोगों की तरह ज्यादा कारें खरीद रहे हैं और इस वजह से तेल की कीमत बढ़ रही है। ओबामा ने घरेलू मोर्चे पर ऊर्जा के मुद्दे से निबटने के लिए कोई योजना तो नहीं रखी लेकिन उन्होंने तेल कंपनियों की सब्सिडी घटाने और साफ ऊर्जा के विकल्पों में ज्यादा निवेश करने की बात कही है।
एक भाषण के दौरान ओबामा ने कहा, लंबे समय से तेल की कीमतें बढ़ने की सबसे बड़ी वजह चीन, भारत और ब्राजील में इसकी मांग बढ़ना है। ओबामा हैम्पशायर के नाशुआ में ऊर्जा और गैस की कीमतों पर भाषण देने गए थे। 
ओबामा ने कहा, जरा सोच कर देखिए पिछले पांच सालों में चीन में दौड़ रही गाड़ियों की संख्या तिगुनी हो गई। 2010 में केवल चीन की सड़कों पर एक करोड़ कारें बढ़ गईं, एक करोड़ कार एक साल में एक देश में। तो यह हैं जो तेल इतना तेल इस्तेमाल कर रहे हैं। ओबामा का कहना है कि आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी।
 

 

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