60 डिग्री तापमान पर कारगर मेरठ की वर्दी पर नाज करती हैं खाड़ी देशों की सेनाएं

औद्योगिक क्षेत्र में नायाब हुनर रखने वाला मेरठ खाड़ी देशों का भी सुरक्षा कवच बनाता है। मस्कट, ओमान, बहरीन, कुवैत एवं दुबई जैसे देशों की पुलिस एवं सेनाएं मेरठ में बनी वर्दी एवं बैग समेत अन्य सामान का इस्तेमाल करती हैं। अस्पताल एवं म्यूनिस्पल इकाइयों का स्टाफ भी यहां की बनी ड्रेस पहनता है। विशेष फैब्रिक से बनी यह यूनिफार्म 60 डिग्री तक तापमान बर्दाश्त कर सकती है। कई खाड़ी देशों के झंडे, बिल्ले, बेल्ट, टोपी एवं राष्ट्रीय सम्मान के प्रतीकों का भी उत्पादन मेरठ में किया जाता है।इन देशों में तेज धूप के चलते ज्यादा पसीना आता है, इसलिए विशेष तकनीक से बने फैब्रिक का रंग नहीं उड़ता है। आइआइएम अहमदाबाद से एमबीए कर चुके कंपनी निदेशक विजय आनंद का दावा है कि कंपनी में तैयार ओमान पुलिस की टोपी की गुणवत्ता लंदन और स्कॉटलैंड पुलिस की टोपी से ज्यादा बेहतर मानी जाती है। कंपनी अब भारतीय सेना और तमाम राज्यों की पुलिस के लिए भी वर्दी, टोपी, बेल्ट और अन्य एसेसरीज बनाने की तैयारी में है। कंपनी ने संबंधित विभाग को सैंपल भी दिया है।

बागपत रोड स्थित विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्थापित एए एसोसिएट कंपनी 45 साल से इस क्षेत्र में सक्रिय है। सैनिकों के लिए बनाए जाने वाले वाटरप्रूफ बैग में दस जेब होती हैं, जिसमें बंदूक, ड्राइफ्रूट्स और पानी की बोतल आदि रखने की जगह होती है। सिलाई जापानी मशीनों से की जाती है। हर माह 15 हजार से ज्यादा वर्दियां बनाई जा रही हैं। इसके लिए कंपनी की लैब में फैब्रिक एवं ब्रास की जांच होती है। खाड़ी देशों से पहुंचे विशेषज्ञ तैयार उत्पादों की गुणवत्ता परखते हैं।

इन देशों में तेज धूप के चलते ज्यादा पसीना आता है, इसलिए विशेष तकनीक से बने फैब्रिक का रंग नहीं उड़ता है। आइआइएम अहमदाबाद से एमबीए कर चुके कंपनी निदेशक विजय आनंद का दावा है कि कंपनी में तैयार ओमान पुलिस की टोपी की गुणवत्ता लंदन और स्कॉटलैंड पुलिस की टोपी से ज्यादा बेहतर मानी जाती है। कंपनी अब भारतीय सेना और तमाम राज्यों की पुलिस के लिए भी वर्दी, टोपी, बेल्ट और अन्य एसेसरीज बनाने की तैयारी में है। कंपनी ने संबंधित विभाग को सैंपल भी दिया है।  

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