7.2 तीव्रता के भूकंप से डोली उत्तराखंड की धरती, चारो तरफ मचा हड़कंप ..!

शुक्रवार को उत्तराखंड में राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र की ओर से भूकंप को लेकर मॉकड्रिल की गई। इस दौरान 7.2 रिएक्टर स्केल के भूकंप की सूचना से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।7.2 तीव्रता के भूकंप से डोली उत्तराखंड की धरती, चारो तरफ मचा हड़कंप ..!दिवाली पर दिल्ली-मुंबई के बीच चलेगी अब स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस, 20 % ज्यादा होगा किराया

इस मॉक ड्रिल में कई जगहों पर तालमेल सही रहा तो कहीं तालमेल के कमियां नजर आईं। वहीं इस दौरान पौड़ी में 907, उत्तरकाशी में 374 और हरिद्वार में पांच लोगों की मौत की सूचना पर पुलिस ने शवों का रेस्क्यू और राहत एवं बचाव कार्य का पूर्वाभ्यास किया। इस दौरान हजारों लोग घायल भी हो गए। इसके साथ ही कई घर और सरकारी बिल्डिंग भी जमींदोज हो गई।

पौड़ी जिले में विभिन्न विभागों में तालमेल की कमी पकड़ में आई। राज्य आपदा प्रबंधन केंद्र से सुबह 8.06 बजे जिला प्रशासन को भूकंप आने की जानकारी मिलती है। जिलाधिकारी ने जिले में इनसिडेंट रिस्पांस सिस्टम की टीम, जिला प्रशासन, पुलिस बल, अर्द्ध सैनिक बलों को जिला मुख्यालय के पांच विभिन्न स्थानों पर भूकंप से हुई क्षति की सूचना रेडियो सेट से दी। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगतराम जोशी ने आईआरएस टीम, सेना और अर्द्ध सैनिक बलों को सुबह 8.33 बजे प्रभावित क्षेत्र में भेजकर राहत व बचाव कार्य शुरू कराए।

घायलों को जिला चिकित्सालय भेजा गया। प्रभावितों को पानी और खाद्य पदार्थ देकर मलबे से दबे लोगों को निकाला गया। साथ ही मार्गों को सुचारू किया गया। रांसी हैलीपेड पर चार हेलीकॉप्टर भी उतारे गए। भूकंप के मॉकड्रिल में जिला मुख्यालय और पौड़ी शहर में विभिन्न स्थानों पर 907 लोगों की मौत, 1862 गंभीर और 91,204 लोगों के मामूली रूप से घायल होने और मकानों के मलबे में 2000 लोगों के बेघर व चार वाहन मलबे में दबने की सूचना आई।

उत्तरकाशी जिले में प्रशासन का बचाव कार्य 

उत्तरकाशी जिले में 374 की मौत, 475 गंभीर घायल और 1359 लोगों के घायल होने पर प्रशासन द्वारा बचाव कार्य किया गया। सुबह 8.05 बजे भूकंप आने पर डीएम डा. आशीष चौहान ने सभी विभागों और अधिकारियों को सचेत किया।  मॉकड्रिल में आर्मी, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, पुलिस, एनआईएम, बीआरओ, एनसीसी, एनएसएस के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रतिभाग किया।  

रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में भी मॉक ड्रिल के तहत भूकंप से व्यापक नुकसान हुआ। भूकंप का केंद्र चमोली जनपद का हेलंग में जमीन से 15 किमी नीचे पाया गया। जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशन में आईआरएस द्वारा तत्काल रेस्क्यू कर प्रभावितों को राहत व उपचार दिया गया। जिला सूचना कार्यालय, आवास कॉलोनी, शंकराचार्य अस्पताल, सीईओ कार्यालय, पीएनबी, जीजीआईसी आदि क्षेत्र अति प्रभावित दर्शाए गए। मॉक ड्रिल में आईटीबीपी के 35, एसडीआरएफ के 30, पुलिस के 50, होमगार्ड के 20 होमगार्ड, अग्निशमन के 15 और पीआरडी के 30 जवानों ने भाग लिया।

सेना के जेकेएलआई यूनिट के 7 पर्यवेक्षक भी मौजूद थे। इस मौके पर सीडीओ डीआर जोशी, प्रभारी अधिकारी देवानंद, सीएमओ डा. सरोज नैथानी, वरिष्ठ कोषाधिकारी शशि सिंह, पीडी एनएस रावत समेत अन्य लोग मौजूद थे। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि आपदा प्रबंधन को परखने के लिए यह मॉक ड्रिल की गई थी, जो संतोषजनक रही। नई टिहरी में भूकंप आने की सूचना मिलते ही जिले का इंसीडेंट रिस्पोंस सिस्टम गतिमान हो गया।

भूकंप से नुकसान की सूचना मिलते ही डीएम सोनिका ने सभी विभागों को अलर्ट कर दिया। बौराड़ी मैदान में आठ एंबुलेंस, चार बसें, छह ट्रक, 10 छोटे और चार बडे़ टेंटों की व्यवस्था की गई। दो फायर सर्विस, चार जेसीबी, दो क्रेन, एक दर्जन वायरलेस सेट की व्यवस्था की गई थी। बौराडी में हैलीपैड बनाया गया। दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न भेजने की व्यवस्था की गई थी। 

रुड़की में सरकारी दफ्तर जमींदोज!

चमोली जिला  आपदाग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित रेस्क्यू को लेकर टीमों में सामंजस्य की कमी दिखी। नगर में यह भी अफवाह उड़ी कि जीआईसी गोपेश्वर में विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त होने से छात्र घायल हुए हैं, जिस पर अभिभावक विद्यालय की ओर दौड़ पड़े। बाद में पता चला कि आपदा की मॉकड्रिल के चलते विद्यालय को आपदा प्रभावित क्षेत्र बनाया गया है। अभिभावक मान सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से पूर्व सूचना न होने से इस प्रकार की स्थिति पैदा हुई है। कम से कम स्कूल प्रशासन को मॉकड्रिल की सूचना होनी चाहिए थी। 

रुड़की में तहसील परिसर में भवन गिरने की सूचना पर पुलिस प्रशासन समेत जिला प्रशासन के सभी महकमों में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस प्रशासनिक अफसरों के अलावा फायरब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ ही बीईजी एंड सेंटर से सेना के जवान भी मदद के लिए आगे आए। अफसरों के साथ-साथ राहत कर्मियों ने उस समय राहत की सांस ली जब उन्हें पता चला कि आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया है।

आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर शुक्रवार को जीआईसी रुड़की में पुलिस प्रशासन और सेना तथा स्वास्थ्य विभाग समेत सभी विभागों के अफसरों को एकत्र किया गया। सायरन बजने के साथ ही सूचना दी गई कि तहसील परिसर में भवन जमींदोज हो गया है। लिहाजा सभी विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में सभी अधिकारी राहत कर्मियों के साथ तहसील पहुंचे और तुरंत कार्रवाई कर जमींदोज भवन में दबे लोगों को बाहर निकाला।

मॉक ड्रिल के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतिका खंडेलवाल ने कहा कि प्रशासन भूकंप समेत किसी भी आपदा के लिए तैयार है। मॉक ड्रिल में एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, सीओ रुड़की एसके सिंह, सीएमएस एसके मिश्रा, तहसीलदार मंजीत गिल, अपर तहसीलदार आशीष घिल्डियाल, कोतवाल सिविल लाइंस साधना त्यागी, कोतवाल गंगनहर कमल किशोर लुंथी, बीईजी एंड सेंटर के सेनाधिकारी और सैनिक शामिल थे।

हरिद्वार में भूकंप से पांच की मौत! 

हैलो सर मैं आन्नेकी गांव से बोल रहा हूं, भूकंप से एक मकान गिर गया और उसमें दबकर पांच लोगों की मौत हो गई। मंसा देवी  रोपवे की ट्राली में श्रद्घालु फंस गए हैं। कुछ श्रद्घालु घायल भी हुए हैं। अभी फोन कॉल खत्म ही हुई थी कि पन्ना लाल भल्ला कालेज के भवन गिरने की सूचना आई। सूचना पर पूरा सिस्टम हरकत में आ गया। राहत और बचाव कार्य शुरू हुए। एक एक कर सभी घायल अलग-अलग अस्पताल भेजे गए।    

ये हकीकत में नहीं था भूकंप आने पर रिस्पांस टाइम को चेक करने के लिए जिला प्रशासन पुलिस महकमे की मॉक ड्रिल थी। जिलाधिकारी दीपक रावत और एसएसपी कृष्ण कुमार वीके की देखरेख में शहर में मॉक ड्रिल हुई।

मॉक ड्रिल में बाकायदा सेना के जवान भी शामिल रहे। शुक्रवार की सुबह सिटी पुलिस कंट्रोल रूम को भूकंप के झटके महसूस हुए। इसके बाद जब लोगों के फोन आए तो सिस्टम हरकत में आ गया। भूकंप से मंसा देवी रोपवे, वी मार्ट, पन्नालाल भल्ला इंटर कालेज,  मेला अस्पताल, ग्राम आन्नेकी हेत्तमपुर, कोटावाली नदी के पुल को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली। सूचना पर सरकारी अमला सक्रिय हो गया और तुरंत मौके पर पहुंचे। घायलों को एंबुलेंस और दूसरे वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया।

 मॉक ड्रिल में जांचा गया कि प्रशासनिक अमले को घटनास्थल पर पहुंचने में कितना वक्त लगा और फिर राहत बचाव कार्य को कितने वक्त में अंजाम दिया गया। भूकंप से आम शहरी को भी बचाने के लिए कवायद की एक्सरसाइज की गई। मॉक ड्रिल में सिस्टम ने खुद को सही पाया। जिलाधिकारी दीपक रावत और एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने मॉक ड्रिल के बाद अधीनस्थों की बैठक लेकर मॉक ड्रिल के  दौरान खामी सामने आने पर भी मंथन किया।    

चमोली में भूकंप से कांपा दून! 

चमोली के हेलन में सुबह 8.15 बजे 7.2 रिएक्टर के भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिसका असर दून के भी कई इलाकों पर पड़ा। भूकंप आने के तुरंत बाद जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन और एसएसपी निवेदिता कुकरेती आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंच गए। जहां करीब आधे घंटे बैठ सभी जगह का हाल लेते रहे।

चमोली के भूकंप का असर दून के क्रॉस मॉल, बन्नू इंटर कॉलेज, कलेक्ट्रेट भवन, दून अस्पताल और भागीरथी अर्पाटमेंट ओल्ड सर्वे रोड में भी देखा गया। भूंकप की सूचना पर तत्काल आपदा प्रबंधन के इंसीडेंट रिस्पांस सिटस्म की टीम कार्यालय में उपस्थित हो गई। इस दौरान जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जिले की विद्युत व्यवस्था को बंद कर दें। ताकि भूकंप के पश्चात विद्युत तारों से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

भूकंप से प्रभावित लोगों का उपचार किया जा रहा है। जिसमें क्रॉस माल में 15 लोग घायल हुए। इनमें से 11 को प्राथमिक उपचार देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं चार लोग घटना के समय पार्किंग स्थल पर स्कार्पियों गाड़ी में थे। गाड़ी पर मलबा गिरने से यह लोग बुरी तरह घायल हो गए। गाड़ी को कटर से काटकर घायलों को बाहर निकाला गया। जिनका कॉरोनेशन अस्पताल में उपचार चल रहा है। घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। दून अस्पताल में 24 लोग भूकंप की चपेट में आए।

इनमें से दो की मृत्यु हो गई एवं 7 गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि 15 लोग आंशिक रूप से घायल हुए, जिनका उपचार दून अस्पताल में किया जा रहा है। भागीरथी अपार्टमेंट में 14 लोग प्रभावित हुए। इनमें से चार की मृत्य हो गई। दस को रेस्क्यू टीम की ओर से उपचार के लिए भेजा गया। बन्नू स्कूल में 372 बच्चों एवं शिक्षकों का रेस्क्यू किया गया। जिसमें 21 बच्चों एवं 12 शिक्षकों का मौके पर उपचार किया गया। दो लोगों को उपचार के लिए कॉरोनेशन भेजा गया। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार सभी जगह से रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है। घायलों का दून एवं कॉरोनेशन अस्पताली में उपचार किया जा रहा है।

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