ASEAN में मोदी-ट्रंप की मुलाकात अहम, दुनिया को चौंका सकते हैं दोनों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलीपींस की तीन दिनों की यात्रा पर मनीला पहुंच गए हैं. यहां वह 15वें इंडिया-आसियान शिखर सम्मेलन और 12वीं पूर्व एशिया समिट शामिल होंगे. इस दोनों समिट से इतर पीएम मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की संभावना है. हालांकि उनकी फिलीपींस यात्रा महज इन शिखर सम्मेलनों और मुलाकातों तक ही सीमित नहीं.ASEAN में मोदी-ट्रंप की मुलाकात अहम, दुनिया को चौंका सकते हैं दोनों?iPhone X को लेकर आयी एक बुरी खबर, जानिए क्या है?

मनीला रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि फिलीपींस की उनकी यात्रा एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत आसियान सदस्य देशों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए देश की प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

पीएम मोदी फिलीपींस की अपनी पहली द्विपक्षीय में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के अलावा आसियान की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष आयोजनों, क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझोदारी (RCEP) नेताओं के साथ बैठक और आसियान कारोबार व निवेश शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे.

पीएम मोदी यहां फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतर्ते के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. इसके अलावा वह आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के नेताओं से भी बातचीत करेंगे. पीएम मोदी यहां अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (IRRI) और महावीर फिलीपींस फाउंडेशन इंक (MPFI) के दौरे के अलावा फिलीपींस में बसे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे.

IRRI धान की उन्नत फसल विकसित करने वाली अनुसंधान संस्थान है, जिसने खाद्य समस्या से जूझ रहे दुनिया के विभिन्न देशों की मदद की है. मोदी सरकार ने इस साल जुलाई में IRRI को पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक केंद्र स्थापित करने की इजाजत दी थी. फिलीपींस से बाहर IRRI का यह पहला अनुसंधान केंद्र है.

वहीं MPFI का भी भारत से खास नाता है. वर्ष 1989 में स्थापित यह कंपनी अब तक फिलीपींस में करीब 15,000 जरूरतमंद विकलांगों को मुफ्त कृत्रम पैर ‘जयपुर फुट’ बांट चुकी है.

आसियान समूह में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रूनई, कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम शामिल है. 10 सदस्यीय आसियान और भारत की कुल आबादी 1.85 अरब है, जो वैश्विक आबादी का एक चौथाई हिस्सा है. इनकी कुल जीडीपी 3800 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है. वहीं भारत और आसियान के बीच कारोबार वर्ष 2015-16 में 65.04 अरब डॉलर था, जो दुनिया के साथ भारत के कुल कारोबार का 10.12 प्रतिशत था.

इस 10 सदस्यीय आसियान सदस्य देशों के अलावा पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और रूस शामिल हैं. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. ट्रंप 5 एशियाई देशों के दौरे पर चल रहे हैं.

मीटिंग के दौरान दोनों नेता क्षेत्र की सुरक्षा जैसे पारस्परिक मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं. शुक्रवार को ट्रंप ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि वे इतने विशाल देश के लोगों को एक साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चारों देश भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के मध्य, बदलते वैश्विक परिवेश में सामरिक भागीदारी को लेकर बड़े स्तर पर चर्चा हो सकती है. खबर है कि अगर इन चारों देशों के प्रमुख ना मिल सके तो सीनियर अधिकारियों के बीच वार्ता होगी.

दक्षिण चीन सागर और दक्षिण एशिया क्षेत्र में बढ़ते चीन के दखल के  मद्देनजर भी मोदी और ट्रंप की मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ट्रंप हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर भारत नीति का समर्थन कई बार कर चुके हैं.

ट्रंप का हिंद-प्रशांत का जिक्र बार-बार करना इस ओर भी इशारा करता है कि वाशिंगटन अपने प्रतिद्वंदी चीन का प्रभाव एशिया क्षेत्र में घटाने के लिए भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया को साथ लेकर चल रहा है.

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