Big News:लम्बे ड्रामें और सस्पेंस के बाद भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर गिरफ्तार!

लखनऊ: उन्नाव रेप के आरोपी भाजपा विधायक के खिलाफ जो पुलिस नौ माह में नहीं कर पायी उसे सीबीआई ने चंद घंटों में कर डाला। इसे एतिहासिक कार्रवाई भी कह सकते है, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है जबकि किसी केस में एक दिन से भी कम समय में प्रमुख कार्रवाई को अंजाम दिया गया हो।

गुरुवार को दिन में प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच के लिये केन्द्र सरकार को सिफारिश पत्र भेजा, शाम तक केन्द्र सरकार के पनर्सल एवं ट्रेनिंग विभाग ने सीबीआई जांच के लिये नोटिफिकेशन जारी कर दिया। उसी दिन रात में 10:15 बजे सीबीआई ने मुकदमा दर्ज कर लिया और भोर तक तकरीबन 4 और 5 बजे के बीच इन्दिरानगर इलाके से विधायक को हिरासत में ले लिया गया।

इसके बाद सीबीआई की टीम ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से 17 घंटे तक लम्बी पूछताछ की। रात करीब 10 बजे सीबीबाई ने कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी की पुष्टिï की। अब शनिवार को सीबीआई कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई कोर्ट में पेश करेगी। वहीं शुक्रवार को सीबीआई की कुछ टीमें उन्नाव भी गयी।

उन्नाव में सीबीआई ने इस मामले से जुड़े कई लोगों से अलग-अलग पूछताछ की। ऐसी चर्चा है कि शनिवार को सीबीआई पीडि़त परिवार और आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर का आमना-सामना करा सकती है। सीबीआई सूत्र बताते हैं विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से सीबीआई की टीम ने करीब दो दर्जन से अधिक सवाल किये। इन सवालों में कुछ का जवाब तो वह दे सके, तो कुछ सवालों का जवाब विधायक नहीं दे सके।

सीबीआई ने दर्ज किये तीन मुकदमे
उन्नाव कांड से संबंधित तीन अलग-अलग मुकदमें सीबीआई ने गुरुवार रात 10:15 बजे दर्ज किया है। पहला मामला भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉस्को एक्त के तहत दर्ज किया गया है। इसमे माखी गांव की रहने वालीमहिला शशी सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। दूसरा मुकदमा उन्नाव के माखी थाने में दर्ज धारा 323,504,506,और आ र्स एक्ट का कापी किया गया है, जिसमें पीडि़ता के पिता को पुलिस ने जेल भेज दिया था, जिनकी न्यायिक हिरासत में मौत हो गयी थी। सीबीआई पूरे प्रकरण की जांच करेगी कि किस आधार पर पुलिस ने पीडि़ता के पिता को जेल भेजा था, उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। तीसरा मुकदमा 147,323 और 504 में दर्ज किया गया है, जिसे माखी थाने में पीडि़ता की मां ने दर्ज कराया था। इसके मुकदमे को पुलिस ने हत्या यानि 302 में तरमीम कर चुकी है, इसी मुकदमे में पीडि़ता के पिता की हत्या के आरोप में विधायक का भाई अतुल सिंह जेल में है। इस मुकदमें के दायरे में माखी थाने के पुलिस कर्मी भी आ सकते है, अन्य लोगों को भी सीबीआई रडार पर ले सकती है, जिनकी भूमिका पीडि़ता के पिता को मारने में रही होगी। सीबीआई ने इस मुकदमे में विनीत, बउवा, शैलू, सोनू और अन्य को नामजद किया गया है। यह तीनों केस एक दूसरे से संबंधित है। सभी मुकदमें सीबीआई की लखनऊ शाखा ने दर्ज किया है।

अपराध के खिलाफ जीरो टालरेंस से नहीं भटके है हम : योगी
लखनऊ। उन्नाव कांड पर चुप्पी तोड़ते हुए मु यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार अपराध और भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस की नीति से हटी नहीं है। कानून का राज कायम करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। शुक्रवार को चित्रकूट में पत्रकारों से बात चीत के दौरान मु यमंत्री ने कहा कि नौ अप्रैल को प्रकरण सरकार के संज्ञान में जैसे ही आया, हमने तत्काल एसआईटी गठित कर कार्रवाई शुरू की। एसआईटी की रिपोर्ट में जो पुलिसकर्मी और डाक्टर दोषी पाए गए, उन्हें निलंबित किया गया। इसके बाद हमने मामला सीबीआई को सौंपा है। मु यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शुरुआत से ही अपराध और भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टालरेंस की नीति पर चल रही है। हम इस नीति को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे। हम अपराधियों से स ती से निपटते हैं चाहे वह कितना ही बड़ा या प्रभावशाली क्यों ना हो।

इस घटना का चौतरफा विरोध हुआ
उन्नाव काण्ड के सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों ने इस घटना का खुलकर विरोध किया। खास कर समजावादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी ने लखनऊ से लेकर कई जगहों पर इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं उन्नाव घटना को इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले पर नाराजगी जतायी और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किये।

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