Big News: क्यों गुजरात छोडऩे को मजबूर हुए उत्तर भारतीय, जानिए आप भी!

अहमदाबा:  गुजरात के अहमदाबाद में 14 महीने की बच्ची से रेप के बाद उत्तर भारतीयों के खिलाफ बने माहौल को देखते अब उत्तर भारतीय वहां से पालन करने को मजबूर होते दिख रहे हैं। करीब 100 औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन जगहों पर उत्तर भारतीय बड़ी संख्या में काम करते हैं।


साबरकांठा, अरावली और मेहसाणा में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कड़ी की गई है। बता दें कि रेप की घटना में बिहार के एक निवासी का नाम आने के बाद पिछले कुछ दिन में गुजरात में रह रहे उत्तर भारतीयों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। साबरकांठा सिरैमिक इंडस्ट्रीज असोसिएशन के अध्यक्ष मणिभाई पटेल 20 लोगों के दल के साथ शुक्रवार को मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल से मिलने गए थे और सुरक्षा की मांग की थी।

मणिभाई ने बताया कि साबरकांठी जिले में 17 उत्पादन यूनिट्स हैं। पिछले 5 से 6 दिन में ज्यादातर यूनिट्स में काम पर असर पड़ा है क्योंकि मजदूर नहीं आ रहे हैं। मजदूरों के नहीं होने की वजह से 5-6 यूनिट्स पूरी तरह बंद हो गई हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों पर ठाकोर समुदाय के लोग हमले कर रहे हैं। पिछले हफ्ते हिम्मतनगर के पास धुंधर गांव में 14 महीने की बच्ची के साथ रेप कर दिया गया।

रेप का आरोप बिहार के 20 साल के युवक पर है। सिरैमिक के अलावा यूपी और बिहार से गए मजदूर कॉटन, केमिकल और फर्टिलाइजर फैक्ट्रियों में काम करते हैं। मणिभाई का कहना है कि डरे हुए मजदूरों को आश्वासन देने की कोशिश की जा रही है लेकिन बड़ी संख्या में वे लोग अपने शहरों की ओर जा चुके हैं। केमिकल और फर्टिलाइजर यूनिट्स में काम करने वाले करीब 70 वर्कर्स जा चुके हैं और बाकी राज्य छोडऩे की तैयारी कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि साबरकांठा जिले की सिरैमिक यूनिट के 30000 में से 30 फीसदी लोग दूसरे राज्यों के हैं। मेहसाणा के एसपी नीलेश जजाडिया ने कहा हमने नजर रखी है और किसी को हेट क्राइम को अंजाम देने नहीं देंगे। शनिवार को हमने चार लोगों को बाहरी मजदूरों के खिलाफ वॉट्सऐप पर मेसेज फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अरावली के एसपी मयूर पाटिल ने बताया कि इंडस्ट्रियल यूनिट्स को सुरक्षा दी जा रही है।

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