Big News: पढि़ए मोदी ने कैसे साबित किया खुद को जनता का भागीदार, आरोप बन गया इनाम!

लखनऊ: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की पीएम मोदी पर की गयी चौकीदार व भागीदार को लेकर टिप्पणी का खुद पीएम ने जवाब दिया है। पीएम मोदी ने पलटवार करते हुए शनिवार को लखनऊ में कहा कि वह इस इल्जाम को इनाम मानते हैं और उन्हें देश के गरीबों के दुख का भागीदार होने पर गर्व है।  

 

प्रधानमंत्री ने यहां स्मार्ट सिटी,अमृत तथा प्रधानमंत्री आवास योजनाओं की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा पिछले दिनों संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लगाये गये भागीदार सम्बन्धी आरोप का जवाब देते हुए कहा कि इन दिनों मुझ पर एक इल्जाम लगाया गया है कि मैं चौकीदार नहीं भागीदार हूं, लेकिन देशवासियों मैं इस इल्जाम को इनाम मानता हूं। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं भागीदार हूं, मैं देश के गरीबों के दुखों का भागीदार हूं, मेहनतकश मजदूरों के दुखों और हर दुखियारी मां की तकलीफों का भागीदार हूं, मैं उस हर मां के दर्द का भागीदार हूं जो लकडिय़ां बीनकर घर का चूल्हा जलाती है। मैं उस किसान के दर्द का भागीदार हूं जिसकी फसल सूखे या पानी में बर्बाद हो जाती है।

मैं भागीदार हूं उन जवानों के जुनून का जो हड्डी गलाने वाली सर्दी और झुलसाने वाली गर्मी में देश की रक्षा करते हैं। मोदी ने कहा कि वह गरीबों के सिर पर छत दिलाने, बच्चों को शिक्षा दिलाने, युवाओं को रोजगार दिलाने और हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई यात्रा कराने की हर कोशिश के भागीदार हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि गरीबी की मार ने मुझे जीना सिखाया है।

गरीबी का दर्द मैंने करीब से देखा है। मगर जिसके पांव फटे ना बिवाईए वह क्या जाने पीर पराई । उल्लेखनीय है कि राहुल ने गत 20 जुलाई को लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री पर कुछ उद्योगपतियों के लिये काम करने का इल्जाम लगाते हुए भ्रष्टाचार में भागीदार होने का आरोप लगाया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे पहलेए मुझ पर यह भी इल्जाम लगाया गया कि मैं चाय वाला देश का प्रधान सेवक कैसे हो सकता हूं।

स्मार्ट सिटी के लिये हमारे पास प्रेरणा के साथ-साथ पुरुषार्थ करने वाले लोग भी थे, लेकिन राजनीतिक इच्छा शक्ति और सम्पूर्णता की सोच के अभाव ने बड़ा नुकसान किया। देश के बेतरतीब शहरीकरण के लिये कांग्रेस को दोषी ठहराते हुए मोदी ने कहा कि आजादी के बाद जब राष्ट्र निर्माण की बारी थी तब आबादी का इतना दबाव भी नहीं था।

अगर उसी वक्त योजना बनाकर काम किया होता तो वैसी दिक्कतें नहीं होती जैसी आज हैं। आबादी को बेतरतीब फैलने दिया गया। कंक्रीट का जंगल बनने दिया आज इसका परिणाम पूरा देश भुगत रहा है। लखनऊ के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठिïत में मौजूद पीएम ने राज्य की पूर्व समाजवादी पार्टी पर भी कई आरोप लगाये और उनकी कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किये।

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