Big News: फिरकापरस्ती खत्म करें BJP व RSS, मुसलमान देंगे साथ: मौलाना अरशद मदनी!

लखनऊ: हिन्दु, मुसलमान, सिख व ईसाई सब देश में अमन चाहते है। मुल्क में प्यार बांटो, नफरत को बंद करो, हुकूमत करो। हमको BJP से विरोध नहीं है, वह देश के नागरिकों से प्यार करे तो आगे बढ़ती जाएगी। फिरकापरस्त और नफरत की सियासत करने वालों को आगे बढऩे नहीं दिया जाएगा। भाजपा और आरएसएस मुल्क में फिरकापरस्ती को खत्म कर दें, मुसलमान उसके साथ रहेंगे।

यह बात जामियत उलमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कही। वे मंगलवार को संगठन की प्रदेश इकाई की ओर से सिटी स्टेशन के पास स्थित रिफाहे आम क्लब में राष्टï्रीय एकता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। राष्टï्रीय एकता सम्मलेन में सभी धर्मों के धर्मगुरुओं ने शामिल होकर साम्प्रदायिकता के खिलाफ खड़े होने और प्यार-मोहब्बत के साथ मिल-जुल कर रहने की अपील की।

अयोध्या के श्रीधाम से बाबा हरदयाल शास्त्री ने सभी धर्म के लोगों से एक रहने की अपील की। सम्मेलन में राजेंद्र सिंह बग्गा समेत कई हस्तियां मौजूद थी। मौलाना मदनी ने कहा कि देश में भाजपा व आरएसएस ने जितना नुकसान नहीं किया है उससे ज्यादा नुकसान कांग्रेस की सरकार और पूर्ववर्ती सरकार के गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने किया है।

कांग्रेस शासनकाल में 20 हजार से अधिक दंगे हुए, जिसके लिए कांग्रेस सरकार दोषी है। 50 साल पहले कांग्रेस को बहुत घमंड था आज उसी कांग्रेस का कार्यकर्ता देश में कहीं गुम हो गया है। यही वजह है कि आज मुल्क को आजादी दिलाने में योगदान देने वाली कांग्रेस बरबाद हो चुकी है। अरशद मदनी ने कहा कि हिन्दू-मुसलमानों के बीच सबसे अधिक मोहब्बत गांवों में दिखती है जबकि देश में सबसे पहले नफरत शहरों से फैलना शुरू होती हैं।

मुल्क की सियासत नफरत से नहीं चल सकती है। उन्होंने आसाम में नागरिकता को लेकर चल रहे विवाद पर बोलते हुए कहा कि वहां नागरिकता को लेकर चल रहे विवाद में जमीयत ने काम किया। फिरकापरस्तों ने मेरे पुतले तक जलाये। उन्होंने मॉब लिंचिंग का जिक्र करते हुए कहा कि अख्लाक से शुरू हुआ यह सिलसिला अब तक 5 दर्जन लोगों की जान ले चुका है। कई मामलों में स्वत: संज्ञान लेने वाला उच्चतम न्यायालय इस मामले में कोई संज्ञान नहीं ले रहा। जमीयत इस मामले को उच्चतम न्यायालय में पेश करेगी।

अमन से खिलवाड़ करने वाले मुल्क के गद्दार
मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि जमियतें उलमा ए हिन्द नफरत का नहीं बल्कि प्यार का नजरिया पेश करती है। अज्ञानता का जवाब अज्ञानता से देने, मुल्क में आग लगाने और अमन से खिलवाड़ करने वाले देश के गद्दार हैं। मुट्ठी भर फिरकापरस्त ताकतें देश में आग लगाने का काम कर रही हैं, उन पर हमें मोहब्बत की बारिश करना चाहिए। मौजूदा समय में मुल्क की हालत बहुत अच्छी नहीं है। कभी भी तबाही मजहब देख कर नहीं आती है। मुल्क में अमन, इंसाफ, प्यार को जगह मिलनी चाहिए। जब यूपी में अखलाक का कत्ल हुआ तो अवार्ड वापस करने वालों में सबसे अधिक हिन्दु थे। जो देश में आपसी एकता की मिसाल है। आज भी देश की अधिसंख्य जनता ऐसे फिरकापरस्तों का समर्थन नहीं करती।

फिरकापरस्त ताकतें इस्लामी शरीयत को बदलना चाहती है
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना अशहद रशीदी ने कहा कि कुछ लोग मुल्क बांटने की कोशिशें कर रहे हैं। वह अंग्रेजी हुकूमत की तर्ज पर बांटों और राज करो की नीति अपना रहे हैं। जिस तरह से हिन्दुस्तानियों ने मिल कर अंग्रेजों से देश को आजाद कराया था, उसी तरह से हम सबको मिल कर ऐसी ताकतों को हराना होगा। उन्होंने कहा कि मुल्क बांटने की मंशा रखने वालों को किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। हम एक हैं और एक ही रहेंगे। मौलाना अशहद रशीदी ने कहा कि फिरकापरस्त ताकतों की निगाहें इस्लाम और कुरान पर है। वह इस्लामी शरीयत को बदलना चाहते हैं। ऐसी ताकतों से मैं बताना चाहता हूं कि इस्लामी शरीयत इंसान ने नहीं बल्कि अल्लाह की बनाई है, इससे टकराने वाले का वजूद मिट जाएगा।

लव जिहाद व गौकशी के नाम पर बंद हो कत्लेआम
मौलाना अशहद रशीदी ने कहा कि आज आज लव जिहाद और गाय के नाम पर बेलगाम हुजूम मुसलमानों को मार रहा है, यह सिलसिला बन्द होना चाहिए। मुसलमान बुजदिल नही हैं, हम जालिम के पंजे को मरोडऩा जानते हैं। हम देश से प्यार करते हैं और इसे गृहयुद्ध में नहीं झोंकना चाहते। मौलाना रशीदी ने कहा कि चुनाव आते ही मुल्क के उच्च पदों पर बैठे लोग मंदिर मस्जिद की बात कर मुल्क को कमजोर बनाने का काम करते है लेकिन हम मुल्क को कमजोर नही होने देंगे। उन्होंने कहा कि फिरकापरस्त ताकतें देश के लिए नासूर है।

हिन्दु मुसलमान एकता की मिसाल
कौमी एकता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए पूर्व न्यायधीश सुहैल सिद्दीकी ने कहा कि लखनऊ वह मकाम है जहां तारीखें बसेरा करती थी और तहजीब सजदा करती है। उन्होंने संगठन के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के कामों का जिक्र करते हुए सराहना की। उन्होंने कहा कि मौलाना ने जेलों में बेवजह सजा काट रहे काफी लोगों को जेल से छुड़वाया। आसाम में हजारों लोगों को नागरिकता दिलाने में मदद की। जस्टिस सिद्दीकी ने कहा कि हिन्दू मुस्लिम एकता का मामला है तो मुसलमान हमेशा से हिंदुओं के साथ कदम मिलाकर चलता आया। उन्होंने कहा कि हिन्दु हमारे बगैर और हम हिन्दुओं के बगैर नही चल सकते। सुहैल सिद्दीकी ने कहा कि मदरसों में पढऩे वाले छात्रों और उसे चलाने वाले प्रबंधन को परेशान किया जा रहा। मदरसों की मान्यता तक रद करने की बात की जा रही जबकि जंगे आजादी से लेकर अब तक मदरसों ने अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि शैक्षिक अधिकार पर संविधान केआर्टिकल 41 में कहा गया कि है कि सरकार का इसमें कोई दखल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कानून कोई भी बने वह आर्टीकल 30 को खत्म नहीं कर सकते है। मदरसों में कोई कानून लागू नही होता है और उन ही उन शैक्षिक संस्थानों पर जो आर्टिकल 30 के तहत आते हैं।

सरकारी मदद न लें मदरसे
जस्टिस सिद्दीकी ने कहा कि यदि मदरसे सरकारी मदद न लें तो उन पर कोई भी किसी तरह की पाबंदी नही लगा सकता है। वह चाहे तो जामिया उर्दू अलीगढ़ से मान्यता लेकर मदरसा चला सकते है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की तरक्की का रास्ता तालीम है। अगर आप मदरसों के लिए सरकार से मदद लेते है तो वह बैसाखी होगी और बैसाखी से सिर्फ सहारा मिलता है आगे बढऩे का मौका नहीं। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्राथमिक शिक्षा को बेहतर करें। कोई भी नया स्कूल खोलने से बेहतर है जो स्कूल चल रहे हैं उनको बेहतर बनाए।

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