Big News: यूक्रेन की इस महिला को गोरखपुर से किया गया गिरफ्तार, जानिए क्यों?

लखनऊ: एसटीएफ ने मंगलवार को गोरखपुर जनपद से युक्रेन की रहने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया। महिला बिना वीजा के भारत में रह रही थी और गोरखपुर से नेपाल जाने की फिराक मेें लगी थी। पकड़ी गयी महिला के पास से दो पासपोर्ट, दो मोबाइल फोन, दो टैबलेट, एक फर्जी डीएल और डालर, यूक्रेन और भारतीय मुद्रा भी मिली।


एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि कुछ दिनों से इस बात की सूचना मिल रही थी कि नेपाल के रास्ते बिना वीजे के विदेशी भारत की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं।

इस सूचना पर काम करते हुए एसटीएफ को इस बात का पता चला कि गोरखपुर जनपद से एक विदेशी महिला चोरी छुपे नेपाल जाने की फिराक में लगी है। इस सूचना पर एसटीएफ की टीम ने गोरखपुर के सिविल लाइंस इलाके से पार्क रेजीन्सी होटल के पास से एक विदेशी महिला को पकड़ा।

पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम डारिया मोलचन पुत्री विटाली मोलचन निवासी -सुमी 85 किरोवा, स्ट्रीट युक्रेन बताया। एसटीएफ को उसके पास से दो पासपोर्ट, दो मोबाइल फोन, दो टैबलेट, फर्जी भारतीय डीएल, 1860 डालर, 56 यूक्रेन की करेंसी और 600 रुपये मिले।

पूछताछ में हुआ चौकाने वाला खुलासा
एसटीएफ की टीम ने जब डारिया मोलचन से पूछताछ की तो कई चौकाने वाले खुलासे हुए। उसने बताया कि वह पिछले दो वर्ष से भारत आ जा रही हॅू। उसने बताया कि वह यूक्रेन में माडल का काम करती थी, इसी एजेन्सी के जरिये वह पहली बार भारत आयी। दिल्ली में कर्मा एजेंसी में तीन माह तक माडलिंग का काम किया। वह उस वक्त टुरिस्ट वीजा पर भारत आयी थी। कर्मा एजेन्सी के मालिक व डायरेक्टर हिमांशू भसीन हंै और मैनेजर वीरू विष्ट हैं। एजेन्सी में कार्य करने के दौरान उसकी दिल्ली में ही मुलाकात इमशान और कासिफ से अरबन पिंग क्लब में ही हुई थी। अरबन पिंक क्लब बन्द होने के बाद वह प्री वे क्लब में जाने लगी। जहां उसकी मुलाकात अनुज पोद्दार, अब्दुल, राहुल, पुपसिक, रोहित से हुई । इस बीच मैं यूक्रेन वापस गयी फिर अन्य देशों की यात्रा की और फिर भारत भी आयी। भारत आने पर उसकी इमश्सान और अन्य लोगों से मुलाकात होती रहती थी। 28 दिसम्बर 2017 को वह यूक्रेन से नयी दिल्ली आयी थी पर ऐयरपोर्ट पर ही उसको रोक दिया गया था और बताया गया था कि उसको ब्लैक लिस्टेट किया जा चुका है और वहीं से उसको वापस यूक्रेन भेज दिया गया। इस पर उसने वाईफाई के जरिये वाट्सअप काल करके इमशान से बात किया तो उसने उसको परेशान न होने की बात कही। युक्रेन पहुंचने पर उसने इमशान से बात किया तो उसने बताया कि वह नेपाल का वीज़ा लेकर नेपाल आ जाये। इमशान ने उसको नेपाल से भारत लाने की बात कही। इस पर वह यूक्रेन से नेपाल पहुंच गयी। नेपाल में वह इमशान के दोस्त सौरभ के साथ रही, फिर लगभग दो हफ्ते पहले इमशान कार से नेपाल आया और उसको कार से भारत ले आया। भारत में वहं इमषान के घर दिल्ली में रूकी। 3 अप्रैल को उसको नेपाल से दुबई जाना था इसलिए वह नेपाल जाने की फिराक में थी।

फर्जी डीएल से दिल्ली से आयी थी गोरखपुर
छानबीन के दौरान डारिया के पास मिला डीएल फर्जी निकला। डीएल पर फोटो तो उसका लगा था पर नाम मरिना अमन मेहता का लिखा हुआ है। पूछने पर बताया कि मैं भारत में वैध तरीके से नहीं आ सकती थी, क्योंकि दिल्ली एयरपोर्ट पर उसे ब्लैक लिस्ट करके वापस यूक्रेन भेजा जा चुका था। भारत में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए पहचान पत्र की जरूरत होती है। इस पर इमशान ने उसको फर्जी डीएल बनवा कर दिया था। वह इस डीएल का प्रयोग कर दिल्ली से फ्लाइट से गोरखपुर आयी थी। उसने बताया कि अनुज पोद्दार ही उसको नेपाल भिजवा रहा था।

You May Also Like

English News