#RIPRajeshSahni: यूपी पुलिस ने एक जांबाज अफसर ने गोली मारकर की आत्महत्या, वजह किसी को नहीं पता!

लखनऊ: यूपी पुलिस के तेज तर्रार माने जाने वाले एटीएस के एडिशनल एसपी राजेश साहनी ने मंगलवार की दोपहर अपने दफ्तर में सर्विस पिस्टल से गोली मारकर जान दे दी। उन्होंने आत्महत्या क्यों की फिलहाल इस बात का पता नहीं चल सका है। पुलिस आत्महत्या के पीछे का कारण तलाशने की बात कह रही है।


एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि 1992 बैच के पीपीएस अधिकारी राजेश साहनी वर्ष 2014 से यूपी एटीएस में बतौर एडिशनल एसपी तैनात थे। मंगलवार की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे वह पुलिस लाइन के ट्रांजिट हास्टल स्थित अपने घर से दफ्तर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने अपने चालक मनोज सिंह से आपरेशन के लिए तैयार रहने की बात कहते हुए सरकारी पिस्टल मांगी और चालक से गाड़ी तैयार करने के लिए कहा।

चालक ने उनको पिस्टल लाकर दे दी और गाड़ी में तेल डालने के लिए चला गया। कुछ देर के बाद जब वह वापस लौटा तो देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उसने दरवाज को खटखटाया भी पर कोई जवाब नहीं मिला। चालक जैसे ही कमरे की पीछे खिड़की के पास पहुंचा, उसको कमरे से बारूद की दुर्गंध लगी। चालक ने फौरन इस बारे में एटीएस मुख्यालय में मौजूद आलाधिकारियों को बताया।

इसके बाद सभी लोग पीछे के दरवाजे से कमरे के अंदर पहुंचे तो मंजर देख सन्न रह गये। कमरे के फर्श पर खून से लथपथ राजेश साहनी का शव पड़ा था। पास में ही उनकी सर्विस पिस्टल भी मौजूद थी। उनकी दाहिनी कनपटी पर गोली लगी थी जो कनपटी को चीरती हुई दीवार में लगी थी। एडिशनल एसपी राजेश साहनी की आत्महत्या की खबर मिलते ही मौके पर एडीजी कानून-व्यवस्था, एडीजी क्राइम चंद्र प्रकाश, एडीजी जोन राजीव कृष्ण, डीआईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार, एसएसपी दीपक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गये।

छानबीन के लिए फारेंसिक टीम को बुला गया। शाम करीब चार बजे राजेश साहनी के शव को छानबीन के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि एडिशन एसपी राजेश साहनी ने सरकारी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या की, पर आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल सका है। कारण के लिए पुलिस सभी पहलुओं पर छानबीन कर रही है। ऐसी संभावना है आत्महत्या के पीछे पारिवारिक कारण या फिर काम का दवाब हो सकता है, पर अभी तक कारण की कोई पुष्टिï नहीं हुई है। उनके परिवार में पत्नी सोनी साहनी और बेटी श्रेया साहनी मौजूद हंै।

एडीजी कानून-व्यवस्था बोले आत्महत्या, कारण की होगी जांच
एटीएस दफ्तर में मौजूद एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि छानबीन के बाद इस बात का पता चला है कि एएसपी राजेश सहानी ने खुद को सरकारी ग्लाक पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या की है। उन्होंने बताया कि आत्महत्या के कारण का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस अपनी तरफ से सभी पहलुओं पर छानबीन कर रही है। वहीं परिवार वालों से भी बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में आत्महत्या के कारण का पता चल जायेगा।

दो दिन से थे छुट्टी पर, लेकिन जा रहे थे फिर दफ्तर
एटीएस के आईजी असीम अरूण ने बताया कि एडिशनल एसपी राजेश साहनी दो दिन पहले ही अवकाश लिया था। सोमवार को वह आईएसआई एजेंट राजेश सिंह का कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिए गये थे। इसके बाद वह मंगलवार को दफ्तर क्यों आये, इस बारे में किसी को कुछ नहीं पता।

बेटी को मुम्बई टीआईएसएस में दाखिला दिलाने जाने वाले थे
एटीएस में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि एडिशनल एसपी राजेश साहनी की एक बेटी श्रेया है। चंद रोज पहले उसको मुम्बई के सबसे प्रतिष्ठिïत टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल स्टडीज में एमए में दाखिला हो गया था। राजेश साहनी बेटी को मुम्बई टीआईएसएस में दाखिलस दिलाने के लिए जाने वाले थे। इसी के लिए उन्होंने शायद छुट्टी ली थी। उनकी बेटी श्रेया ने दिल्ली से बीए किया था। मौजूदा समय में वह लखनऊ स्थित घर पर ही मौजूद थी।

पत्नी से भण्डारे और दफ्तर जाने की बात कहकर निकले थे
एटीएस दफ्तर में मौजूद लोगों ने बताया कि मंगलवार की सुबह राजेश साहनी अपनी पत्नी सोनी से बड़े मंगल के मौके पर एक भण्डरे में शामिल होने और फिर उसके बाद दफ्तर जाने की बात कहकर निकले थे। वह जिस वक्त घर से निकले थे तो किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा लेंगेे।

आत्महत्या को लेकर तरह-तरह की रही चर्चाएं
एडिशन एसपी राजेश साहनी की आत्महत्या को लेकर एटीएस मुख्यालय में तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिलीं। कोई काम का दवाब बता रहा था तो कोई पारिवारिक वजह। कुछ लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा था कि जब वह दो दिन से छुट्टी पर थे तो वह दफ्तर क्यों आते थे? कहीं ऐसा तो नहीं कि राजेश साहनी किसी काम के दवाब में थे। फिलहाल घटना के बाद से लेकर शव के पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने तक इस तरह की चर्चाएं एटीएस दफ्तर में सुनने को मिलीं।

वर्ष 2005 में चर्चा में आये थे राजेश साहनी
एडिशनल एसपी राजेश साहनी से जुड़ी एक ऐसी भी घटना है, जिसने उनको काफी लोकप्रिय बना दिया था। यह घटना वर्ष 2005 की है। जब वह सीओ कैसरबाग थे। राजेश साहनी कैसरबाग इलाके में चेकिंग के दौरान कानपुर के रहने वाले कटियार बंधू की जीप वजीरगंज इलाके में रोक ली थी। उसमें सवार पांच भाईयों ने खुद को सपा के एक कदवर नेता का दत्तक पुत्र बताते हुए अपना परिचय राजेश साहनी जैसे ईमानदार अफसर को पांच पाण्डवों के रूप में दिया था। उनकी वर्दी उतरवा देने की धमकी दी, साथ ही जीप के बोनट पर बैठाकर एसएसपी आवास ले गये थे। धमकाया था कि चलो अभी कप्तान बताएंगे कि हम लोग कौन हैं? लेकिन ईमानदार अफसर से भिडऩा पांच पाण्डवों को ऐसा महंगा पड़ा कि जेल जाने के बाद उन्हें दस साल की सजा भी हुई थी। इस घटना के बाद राजेश साहनी पुलिस विभाग में ऐसा चमके कि दिन-ब-दिन चमकते ही रहे।

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