BJP का राहुल पर निशाना, ‘खून की दलाली’ वाले बयान को बताया देश का अपमान

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खून की दलाली के बयान की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयान से देश का अपमान हुआ है। भाजपा राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा करती है। अमित शाह ने कहा कि राजनीति के लिए तमाम मुद्दे हैं। लेकिन इन लोगों को हल्की बातों को कहने से बचना चाहिए। राहुल गांधी से सीधा सवाल करते हुए उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने दलाली शब्द का इस्तेमाल सेना के लिए किया। राहुल गांधी के बयान से देश शर्मसार हुआ है।

BJP का राहुल पर निशाना, 'खून की दलाली' वाले बयान को बताया देश का अपमान सेना की मंशा पर मत उठाओ सवाल

उन्होंने कहा कि इसमें तनिक मात्र संदेह नहीं है कि सेना ने बेहतरीन काम नहीं किया है। जो लोग सर्जिकल स्ट्राइक पर संदेह जता रहे हैं उसके बारे में बोलने की जरूरत नहीं है। सेना के डीजीएमओ ने साफ तौर पर कह दिया है कि सेना ने पीओके में उचित जवाब दिया है लिहाजा इस मुद्दे पर अब कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जिस तरह से राजनीतिक दल इस पर राजनीति कर रहे हैं उसका मतलब साफ है कि मुद्दाविहीन विपक्ष पूरी तरह हताश है।

‘विपक्ष पूरी तरह से हताश’

विपक्षी दलों की मंशा पर सवाल उठाते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि आखिर वो कौन लोग हैं जो इस तरह का सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष इस तरह के बयान देकर भारतीय फौज के मनोबल को तोड़ रहा है। विपक्षी दलों के लोग सेना की भावना पर सवाल उठा रहे हैं।

केजरीवाल को सस्ती लोकप्रियता पाने की आदत

सर्जिकल स्ट्राइक दिल्ली के सीएम केजरीवाल के बयान देने के बाद वो पाकिस्तान में ट्रेंड होने लगे। दरअसल ये लोग सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ भी कह सकते हैं। अमित शाह ने कहा कि केजरीवाल जी अपनी जिम्मेदारी से भागते हैं, जब उनसे सवाल पूछा जाता है तो वो दूसरे लोगों पर तोहमत लगाते हैं। सेना की इस कार्रवाई के बाद उन्हें डर सता रहा है कि कहीं पंजाब में उनकी लड़ाई कमजोर न हो लिहाजा वो सेना के सहारे भाजपा पर निशाना साध रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं की समझ आलू की फैक्ट्री तक सीमित

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष जवानों के खून की दलाली के बयान के बाद पाकिस्तान में ट्रेंड होने लगे। भाजपा इस तरह के मंतव्यों का समर्थन नहीं करती है।कांग्रेस नेताओं की समझ आलू की फैक्ट्री तक सीमित हो चुकी है। उन्हें अब ये समझ में नहीं आता है कि गंभीर विषयों पर किस तरह से बात रखनी चाहिए। उनका एक नेता कहता है कि सर्जिकल स्ट्राइक फर्जी थी, दूसरे नेता तत्कालीन डीजीएमओ पर सवाल खड़ा कर देता है।

पाक के पास बोलने के लिए अब कुछ नहीं

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पाकिस्तान के पास बोलने के लिए अब कुछ बचा नहीं है। पाक के हुक्मरानों को समझ में नहीं आ रहा है कि वो किस तरह बयान दें। कभी नवाज शरीफ भारत के खिलाफ युद्ध की धमकी देते हैं, तो कभी कहते हैं कि पाक सेना को आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। इस तरह के बयानों के बाद सामान्य तौर पर ये समझ बनाई जा सकती है कि पीओके में कुछ न कुछ तो जरूर हुआ था।

राहुल गांधी ने यह कहा था

राहुल ने कहा, ‘जो हमारे जवान हैं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में अपना खून दिया है, जिन्होंने हिंदुस्तान के लिए सर्जिकल स्ट्राइक किए हैं, उनके खून के पीछे आप (पीएम) छुपे हैं, उनकी आप दलाली कर रहे हो, ये बिल्कुल गलत है। हिंदुस्तान की सेना ने हिंदुस्तान का काम किया है। आप अपना काम कीजिए, आप किसान की मदद कीजिए, आप हिंदुस्तान की सेना को सातवें पे कमीशन में पैसा बढ़ा कर दीजिए, ये आपका काम है।’

13 मिनट के भाषण में नया राजनीतिक अखाड़ा

मोदी पर इस सियासी हमले के साथ राहुल का 13 मिनट का भाषण भी समाप्त हो गया। इसने सर्जिकल स्ट्राइक पर नया राजनीतिक अखाड़ा खुल गया है। उन्होंने पीएम मोदी, आरएसएस और भाजपा पर जाति और धर्म के आधार पर लोगों के बीच लड़ाई कराने का आरोप भी लगाया। साथ ही कहा कि कांग्रेस ने 70 सालों में लोगों के साथ जो इंसाफ किया था, इंसाफ के उस तराजू को मौजूदा सरकार ने उठाकर फेंक दिया है।

सोनिया के बयान की याद दिलाई

सर्जिकल स्ट्राइक पर प्रधानमंत्री मोदी पर राहुल का यह सियासी हमला कुछ उसी अंदाज में हुआ है जैसा गुजरात के 2007 के विधानसभा चुनाव के दौरान सोनिया गांधी ने उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा था। जवानों के खून की दलाली के राहुल के इस बयान को स्वाभाविक रूप से भाजपा ने तत्काल थामते हुए कांग्रेस पर जवाबी गोले दागने की शुरुआत भी कर दी।

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