बीजेपी को बढ़त और अपनी हार के बाद, BJP से मुकाबला करने के लिए संतों की शरण में कांग्रेस

देश भर के राज्यों में मिल रही बीजेपी को बढ़त और अपनी हार के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने इस स्थिति से निकलने के लिए एक नया रास्ता खोजा है। कांग्रेस की मुंबई इकाई ने बीजेपी से मुकाबला करने को अब एक साधु और पुजारियों का सेल बनाने का फैसला किया है। इसका मकसद पार्टी की अल्पसंख्यक समर्थक की छवि से छुटकारा पाना है। बीजेपी को बढ़त और अपनी हार के बाद, BJP से मुकाबला करने के लिए संतों की शरण में कांग्रेस

वकोला हनुमान मंदिर के प्रधान पुजारी ओम दासजी महाराज इस सेल के संयोजक होंगे और उनका पहला सम्मेलन इसी रविवार को वकोला मंदिर में होगा। इस सम्मेलन में पूरे शहर के मंदिरों के 200 से अधिका संतों के शामिल होने की संभावना है। 

सम्मेलन में साधु और पुजारियों को मुंबई कांग्रेस प्रमुख और पूर्व सांसद संजय निरुपम सम्मानित करेंगे। सम्मान के तौर पर संजय निरुपम इन पुजारियों के पैर धोएंगे और उन्हें दक्षिणा देंगे। 

हालांकि, इस कदम से पार्टी के अंदर ही कई लोग नाराज हैं। राज्य में कांग्रेस के प्रवक्ता रत्नाकर महाजन ने कहा कि कांग्रेस किसी भी विशेष धर्म का प्रचार नहीं करती है। उन्होंने कहा, ‘धर्म लोगों की निजी आस्था का मामला है। इसे सार्वजनिक जीवन में लाने की कोई जरूरत नहीं है। बीजेपी, जो कि धर्म की राजनीति में विश्वास करती है, उनके पास भी इस तरह का सेल नहीं है।’

लेकिन निरुपम का कहना है कि उन्हें पार्टी हाई कमांड से इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा, ‘मैंने इस मसले पर पार्टी के महासचिव मोहन प्रकाश से बात की है। अभी तक सिर्फ राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ और बीजेपी ही इस समुदाय से बातचीत करती आ रही है। RSS, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्य पूरे शहर के मंदिरों में जाकर न सिर्फ कांग्रेस बल्कि अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ भी विद्वेष फैला रहे हैं। अब समय आ गया है जब इस प्रॉपेगैंडा का जवाब देना होगा। कांग्रेस पार्टी में दोबारा जान फूंकने की जरूरत है। हमें लोगों को यह बताना होगा कि कांग्रेस हिंदू विरोधी पार्टी नहीं है।’

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उन्होंने कहा, ‘हमारे सबसे बड़े नेता महात्मा गांधी ने अपनी प्रार्थना सभाओं में ‘रघुपति राघव राजाराम’ गाया था और राम राज्य की बात की थी। लेकिन राम राज्य का मतलब था कि समाज में सभी तबकों के साथ एक साथ व्यवहार हो।’

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