Bollywood and Bapu: इन पांच एक्टरों ने बापू को रुपहले पर्दे पर जीवित किया!


मुम्बई: आज पूरा देश ही नहीं बल्कि पूरा विश्व आहिंसा के पूजारी माहत्मा गांधी को याद कर रहा है। इस बीच हम आपको फिल्म जगत से जुड़े उन कलाकारों के बारे में बताते है, जिन्होंने बापू को रुपहले पर्दे पर जीवित कर दिया।

दिलीप प्रभावलकर
संजय दत्त के करियर की सबसे यादगारों फिल्मों में लगे रहो मुन्नाभाई शामिल है। जिसे राजकुमार हिरानी ने निर्देशित किया था। इस फिल्म में महात्मा गांधी की सीख को मनोरंजक तरीके से पेश किया गया था और गांधीगिरी के कॉन्सेप्ट ने देशभर में लोकप्रियता पायी थी। फिल्म में संजय दत्त और अरशद वारसी मुख्य भूमिकाओं में थे। मगर मराठी एक्टर दिलीप प्रभावलकर ने गांधी बनकर फिल्म को एक अलग आयाम दिया।

दर्शन जरीवाला
फिरोज अब्बास ख़ान की फिल्म गांधी माई फादर में दर्शन जऱीवाला ने बापू का किरदार निभाया। फिल्म गांधी और उनके बेटे हरिलाल गांधी के रिश्तों पर आधारित थी। इस फिल्म का निर्माण अनिल कपूर ने किया था और गांधी जी के बेटे का किरदार अक्षय खन्ना ने निभाया था। एक पिता और राष्ट्रपिता के बीच के अंतद्र्वंद्व बखूबी उभारने के लिए दर्शन जऱीवाला की खूब तारीफ़ हुई थी। उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का राष्ट्रीय फि़ल्म पुरस्कार प्रदान किया गया था।

रजित कपूर
1996 में आयी श्याम बेनेगल की फिल्म द मेकिंग ऑफ़ महात्मा में गांधी जी का किरदार रजित कपूर ने निभाया था। इस फिल्म का निर्माण भारत और साउथ अफ्रीका की फिल्म कंपनियों ने मिलकर किया था। इस फिल्म में मोहनदास करमचंद गांधी के महात्मा गांधी बनने के सफर पर रौशनी डाली गयी थी। साउथ अफ्रीका में गांधी जी का 21 साल का प्रवास कहानी का आधार बना। द मेकिंग ऑफ़ महात्मा फातिमा मीर की किताब द एप्रेंटिसशिप ऑफ़ ए महात्मा का अडेप्टेन थी। महात्मा गांधी के किरदार में उनके व्यक्तित्व को बारीकी और प्रभावी ढंग से उतारने के लिए रजित कपूर को बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला।

नसीरुद्दीन शाह
वेटरन एक्टर कमल हासन की फिल्म हे राम में महात्मा गांधी का किरदार निभाने का मौक़ा एक और दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह को मिला। इस फिल्म का निर्माण.निर्देशन कमल हासन ने ही किया था और फिल्म में उन्होंने मुख्य किरदार भी निभाया। हे राम की कहानी महात्मा गांंधी की नाथूराम गोडसे द्वारा हत्या और उसकी साजिश पर आधारित थी। शाह रुख़ ख़ान ने फिल्म में कैमियो किया था। इतिहास पर रौशनी डालती हे राम की कहानी को गढऩे में काल्पनिकता का सहारा भी लिया गया था।

बेन किंग्सले
संयोग देखिए जिस ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ हिंदुस्तान ने आज़ादी की सबसे लंबी चलने वाली जंग लड़ी उसी मुल्क के एक्टर ने महात्मा गांधी के किरदार को सिनेमाई पर्दे पर अमर कर दिया। 1982 में आई रिचर्ड एटनबरो की फिल्म गांधी में मोहनदास करमचंद गांधी का किरदार बेन किंग्सले ने निभाया था। गांधी के किरदार को निभाने में बेन की काबिलियत ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर भी दिलवाया। दिलचस्प बात यह है कि बेन किंग्सले के पिता रहीमतुल्ला हारजी भांजी भारतीय मूल के गुजराती थे, जबकि मां एना लीना मैरी ब्रिटिश थीं। बेन का जन्म का नाम कृष्णा पंडित भांजी है।(Input- Dainik Jagran)

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