BSSC मामले में लालू का पलटवार, कहा -सुशील मोदी को गवाह बनाना चाहिए

पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील मोदी के आरोप पर पलटवार करते हुए राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कहा है कि तब तो सुशील मोदी को ही गवाह बनाना चाहिए था। सुशील मोदी ने आरोप लगाए थे कि बीएसएससी घोटाले के आरोपी रामाशीष राय ने ही चारा घोटाले में लालू की जमानत दी थी।

BSSC मामले में लालू का पलटवार, कहा -सुशील मोदी को गवाह बनाना चाहिए

लालू यादव ने बीएसएससी की परीक्षा का पर्चा लीक मामले में उनपर लग रहे आरोपों और एवियन स्कूल के निदेशक रामाशीष राय से जुड़ रहे उनके नाम का खंडन करते हुए मामले की जांच करा लेने को कहा है।

बड़ी खबर: अपनी खूबसूरती के चलते विधवा हो गई अंगूरी भाभी

उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने कमिटी का गठन किया है जो सबूतों के आधार पर जांच कर रही है और ऐसे में किसी को बख्शने का कोई सवाल ही नहीं उठता ।

बीएसएससी की परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं होने के लिए कार्रवाई की जा रही है | उन्होंने कहा कि परीक्षा और उससे जुड़ी गड़बड़ियों जांच के प्रति सरकार गंभीर है |

हिम्मत है तो लालू-रामाशीष के संबंधों की जांच कराएं नीतीश : सुमो

बीएसएससी पेपर लीक मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती है कि वे बीएसएससी पर्चा लीक कांड के मुख्य आरोपित रामाशीष राय से लालू प्रसाद के संबंधों की जांच कराए और अगर उनमें हिम्मत है तो एसआईटी को उनसे पूछताछ करने का आदेश दें।

इस मामले को लेकर पूर्व में दिए अपने बयान पर लालू के जवाब को नकारते हुए उन्होंने कहा कि अगर लालू प्रसाद रामाशीष राय को नहीं पहचानते हैं तो फिर चारा घोटाले के एक मामले में राय उनके जमानतदार कैसे बने ?

मर्डर करने के बाद दिल्ली में इवेंट मैनेजमेंट कंपनी चला रहा था बिहार का ‘वांटेड’

उन्होंने सवाल उठाया कि जब साल 2006 में रामाशीष राय को 1.42 करोड़ रुपये की आय से अधिक सम्पति के मामले में गिरफ्तार किया गया और 2012 में उसकी सम्पति जब्त करने की कोर्ट से अनुमति मांगी गई थी।मुख्यमंत्री बतायें कि उस मुकदमे का क्या हुआ और आज तक उसकी सम्पति जब्त क्यों नहीं हुर्ह?

भाजपा नेता ने तल्ख़ लहजे में पूछा कि सरकार बतायें कि रामाशीष राय के एवीएन स्कूल के प्रबंधक रामसुमेर सिंह को केन्द्राधीक्षक कैसे बनाया गया जबकि वह न तो प्राचार्य और न ही शिक्षक है।

जब सीबीएसई ने परीक्षा में धांधली व अन्य कतिपय अनियमितताओं के आरोप में 2015 में ही एवीएन स्कूल की मान्यता रद्द कर दी थी तो फिर वहां परीक्षा केन्द्र क्यों और किसके दबाव में बनाया गया ? क्या रसूख के बिना यह सब संभव था?

You May Also Like

English News