Budget Session: राष्ट्रपति के अभिभाषण से संसद के बजट सत्र की शुरुआत, जानिए क्या-क्या कहा !

नई दिल्ली। सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो गई। राष्ट्रपति ने एक तरफ सरकार की उपलब्धियां गिनवाईं वहीं ट्रिपल तलाक, देशभर में एक साथ चुनाव जैसे मोदी सरकार के अजेंडे पर भी सहमति बनाने की अपील की।


राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग, स्टूडेंट्स के लिए सरकार की योजनाओं के अलावा सामाजिक न्याय के प्रयासों का भी जिक्र किया। कोविंद के संबोधन में मोदी सरकार की आतंरिक और विदेशी नीति के हर पहलू को समेटने की कोशिश की गई।

राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में पूरे देश में एक साथ चुनाव की जरूरत पर भी बल दिया। राष्ट्रपति कोविंद ने गणतंत्र दिवस पर 10 आसियान देशों के मेहमान होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसने हमारे देश की वसुधैव कुटुंबकम की भावना को नया आयाम दिया है। राष्ट्रपति ने स्वच्छ भारत अभियान को महात्मा गांधी के आदर्शों से जोड़ते हुए आशा जताई कि देश 2019 में जब राष्ट्रपति की 150वीं जयंती मनाएगा तो संपूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह गरीब महिलाओं के गरिमा से भी जुड़ा मुद्दा है। रामनाथ कोविंद ने गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने की उज्जवला योजना को जिक्र किया। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय का साधन बताते हुए कहा कि 3 करोड़ 30 लाख से ज्यादा गैस कनेक्शन बांटे गए हैं। राष्ट्रपति ने मोदी सरकार की तरफ से लाए गए ट्रिपल तलाक बिल की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अबतक मुस्लिम महिलाओं का सम्मान राजनीतिक हानि.लाभ का बंधक रहा।

उन्होने आशा जताई की संसद शीघ्र ही इस बिल को कानूनी रूप तक मुस्लिम बेटियों के साथ न्याय करेगी। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने बेटी बचाओए बेटी पढ़ाओ का दायरा 161 जिलों से बढ़ाकर 640 जिले तक कर दिया है। मैटरनिटी बेनिफिट ऐक्ट में बदलाव किया गया। 12 सप्ताह की जगह वेतन सहित 26 सप्ताह की छुट्टी का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि गरीबों की पीड़ा महसूस करने वाली योजनाएं लाई गईं हैं।

इस संदर्भ में उन्होंने मोदी सरकार की जनधन स्कीम का उल्लेख करते हुए बताया कि अब 40 फीसदी महिलाओं के बैंक में खाते हैं। स्वरोजगार की योजनाओं का जिक्ररू राष्ट्रपति कोविंद ने मोदी सरकार की स्वरोजगार योजनाओं का जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बिना बैंक गारंटी कर्ज देने की शुरुआत की गई है। मुद्रा योजना के अंतगर्त अबतक 10 करोड़ लोन स्वीकृत किए गए हैं। 4 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज दिया गया है।

3 करोड़ लोग ऐसे हैंए जिन्होंने पहली बार इस य़ोजना का लाभ उठाया है और स्वरोजगार का सपना साकार हुआ। राष्ट्रपति ने इस आर्थिक लोकतंत्र के लिए प्रयास बताया। किसानों के लिए सरकारी प्रयासों पर फोकसरू राष्ट्रपति ने किसानों के लिए मोदी सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसानों का जीवन उठाना सरकार की उच्च प्राथमिकता है।

सरकार के प्रयासों से इस साल 275 मिलियन टन खाद्यान और 225 मिलियन टन फलों.सब्जियों का रेकॉर्ड उत्पादन हुआ है। सरकार ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य बनाया है। राष्ट्रपति ने किसान बीमा योजनाओंए फसल बीमा योजना का जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि यूरिया नीति की वजह से खाद का संकट खत्म हुआ है।

गोरखपुर, बरौनी, सिंदरी जैसे खाद कारखाने शुरू किए गए हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि गरीबों को एक रुपये प्रति महीना और 90 पैसे प्रतिदिन के प्रीमियम पर बीमा योजना उपलब्ध कराई जा रही है। बुजुर्गों को भी पेंशन दी जा रही है। इस आलोक में राष्ट्रपति ने जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन जैसी योजनाओं का जिक्र किया।

राष्ट्रपति ने जनसंघ विचारक दीनदयाल उपाध्याय का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए काम कर रही है। रोड कनेक्टिविटी के लिए वृहद प्रयासरू राष्ट्रपति ने बताया कि 2014 में केवल 56 फीसदी गांव प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जुड़े थे अब 82 फीसदी गांव सड़क संपर्क से जुड़ गए।

2019 तक देश के प्रत्येक गांव को सड़क संपर्क से जोडऩे का लक्ष्य है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश से ढाई करोड़ से अधिक दिव्यांग लोगों के लिए दिव्यांग जन अधिकार अधिनियन 2016 लागू किया गया है। इसके तहत सरकारी नौकरियों में 4 फीसदी और उच्च शिक्षा में 5 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

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