CM योगी बोले-राहुल को मंदिर में बैठना तक नहीं आता, जनता उनका ढोंग नहीं स्वीकारेगी

गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का मंदिर एक मुद्दा बन गया है. भारतीय जनता पार्टी के राहुल के इस कदम को पहले से ही राजनीतिक स्टंट करार दे रही है. वहीं अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राहुल के मंदिर जाने पर टिप्पणी की है.

गुजरात में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का मंदिर एक मुद्दा बन गया है. भारतीय जनता पार्टी के राहुल के इस कदम को पहले से ही राजनीतिक स्टंट करार दे रही है. वहीं अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राहुल के मंदिर जाने पर टिप्पणी की है.  योगी आदित्यनाथ ने राहुल के मंदिर जाने को ढोंग तो बताया ही, साथ ये भी कह दिया कि उन्हें मंदिर में बैठना तक नहीं आता है.  सीएम योगी ने कहा, 'उन्हें तो यह तक नहीं मालूम कि मंदिर में कैसे बैठा जाता है फिर वह मंदिर क्यों जा रहे है? उनके इस ढोंग को जनता स्वीकार नहीं करेगी.'  एजेंसी के मुताबिक, योगी ने कहा कि 'राहुल गांधी आज जो गुजरात में जगह जगह मंदिरों में जा रहे हैं, कभी द्वारका मंदिर जाते हैं, कभी स्वामीनारायण मंदिर जाते हैं. मैं खुश हूं कि इसी बहाने उनकी बुद्धि शुद्ध हो रही है, लेकिन बेचारे को यह भी नहीं मालूम मंदिर में कैसे बैठा जाता है.'  योगी ने इसके पीछे राहलु के काशी विश्वनाथ मंदिर जाने का उदाहरण दिया. योगी ने कहा कि राहुल वहां ऐसे बैठे थे जैसे नमाज पढ़ने के लिए बैठे हों और तब पुजारियों को कहना पड़ा था कि यह मंदिर है, मस्जिद नहीं.  बता दें कि गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए राहुल गांधी ने नवसृजन यात्रा की शुरुआत द्वारकाधीश मंदिर जाकर की थी. इसके बाद वो कई मंदिरों में गए और माथे पर टीका लगाकर जनसभाओं को संबोधित भी किया. राहुल के इस बदलते रूप को कांग्रेस की चुनावी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है.योगी आदित्यनाथ ने राहुल के मंदिर जाने को ढोंग तो बताया ही, साथ ये भी कह दिया कि उन्हें मंदिर में बैठना तक नहीं आता है.

सीएम योगी ने कहा, ‘उन्हें तो यह तक नहीं मालूम कि मंदिर में कैसे बैठा जाता है फिर वह मंदिर क्यों जा रहे है? उनके इस ढोंग को जनता स्वीकार नहीं करेगी.’

एजेंसी के मुताबिक, योगी ने कहा कि ‘राहुल गांधी आज जो गुजरात में जगह जगह मंदिरों में जा रहे हैं, कभी द्वारका मंदिर जाते हैं, कभी स्वामीनारायण मंदिर जाते हैं. मैं खुश हूं कि इसी बहाने उनकी बुद्धि शुद्ध हो रही है, लेकिन बेचारे को यह भी नहीं मालूम मंदिर में कैसे बैठा जाता है.’

योगी ने इसके पीछे राहलु के काशी विश्वनाथ मंदिर जाने का उदाहरण दिया. योगी ने कहा कि राहुल वहां ऐसे बैठे थे जैसे नमाज पढ़ने के लिए बैठे हों और तब पुजारियों को कहना पड़ा था कि यह मंदिर है, मस्जिद नहीं.

बता दें कि गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए राहुल गांधी ने नवसृजन यात्रा की शुरुआत द्वारकाधीश मंदिर जाकर की थी. इसके बाद वो कई मंदिरों में गए और माथे पर टीका लगाकर जनसभाओं को संबोधित भी किया. राहुल के इस बदलते रूप को कांग्रेस की चुनावी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है.

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