CM विजय रुपाणी का बड़ा बयान, कहा- कांग्रेस विकास से डर गई है, मोदी की रैली में होती है 5 गुना भीड़

गुजरात में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. किसी भी दिन चुनावों की घोषणा की जा सकती है. पार्टियां चुनावी मोड में आ चुकी हैं. आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है. देश के कई बड़े नेता राज्य के दौरौं पर हैं. इसी बीच ने राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से गांधीनगर में खास बातचीत की. जिसमें उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी.CM विजय रुपाणी का बड़ा बयान, कहा- कांग्रेस विकास से डर गई है, मोदी की रैली में होती है 5 गुना भीड़पंजाब सरकार ने किया बड़ा ऐलान, कहा- अब गाय-भैंस, कुत्ता, बिल्ली पालने पर पड़ेगा टैक्स

राज्य में भारी नाराजगी, अपने गढ़ में घिरी बीजेपी?

गुजरात में व्यापारियों और युवा वर्ग में सरकार को लेकर छाई नाराजगी को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम विजय रुपाणी ने कहा, “यहां कोई आंदोलन नहीं चल रहा है, ना ही किसी तरह की अशांति फैली हुई है. कांग्रेस की जो साजिश थी उसका खुलासा हो चुका है. पिछले दो साल से पाटीदार आंदोलन, ओबीसी की बात, दलित आंदोलन ये सब कांग्रेस की साजिश थी जो अब ओपन हो चुकी है.”

उन्होंने आगे कहा, “पहले हार्दिक पटेल ने पाटीदार आंदोलन में कहा ओबीसी में आरक्षण चाहिए. कांग्रेस ने अपनी पॉलिसी क्लियर नहीं की कि वो सत्ता में आई तो कैसे पाटीदारों को ओबीसी में आरक्षण देगी. पाटीदार समाज अब हार्दिक पटेल से अलग हो गया है. हार्दिक कांग्रेस के साथ जुड़ा हुआ है, ये अब सामने आ चुका है. कल हार्दिक राहुल से मिला. हार्दिक बोल चुका है कि बीजेपी को निकालना है कांग्रेस की सरकार लानी है. इसका मतलब क्लियर हो गया है कि वो कोई समाज की बात नहीं कर रहा है केवल पॉलिटिकल एक्टिविटी कर रहा है. उसी तरह अल्पेश का हो गया. उसने पहले कहा था कि वह कभी राजनीति में नहीं जाएगा लेकिन कांग्रेस में चला गया. अल्पेश ने कभी ऑफिशयली बताया कि कांग्रेस से क्या बात हुई. सिर्फ हवा में बात है. कभी भी बीजेपी के साथ या सरकार के साथ उनकी मीटिंग नहीं हुई है. कोई मांग की बात नहीं हुई है. उन्होंने जो दो-तीन बात समाज में रखी थीं कि मैं व्यसन मुक्ति के लिए निकला हूं, शराब बंदी होनी चाहिए. वो गुजरात में हमने टाइट करके रखी है.”

गुजरात रोजगार में नंबर 1

बेरोजगारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “वो झूठ बोल रहे हैं. बेरोजगारी की बात कर रहे हैं. मैं दावे के साथ कह रहा हूं कि गुजरात रोजगार क्रिएशन में नंबर वन है पिछले 14 साल से. लास्ट टाइम जो सेंट्रल गवर्नमेंट का फिगर आया था 14 साल में 10 साल यूपीए की सरकार थी. उन्होंने बताया कि पूरे भारत में रोजगार क्रिएशन में 83 प्रतिशत गुजरात से था. गुजरात में हमने 10 लाख लोगों को रोजी रोटी दी है. गुजरात में एक साल में हमने 72 हजार लोगों को सरकारी नौकरी दी है.”

यूथ को लग रहा है कि सरकार उनके लिए कुछ नहीं कर रही?

यूथ की नाराजगी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “ये बात सिर्फ मीडिया में है और ये दो-तीन लोग कर रहे हैं. कांग्रेस कर रही है. यूथ में कोई अनरेस्ट नहीं है. यूथ सेटिसफाइड है. यूथ को यहां मौका मिल रहा है. यहां नरेन्द्र भाई ने जिस तरह से काम किया है तो नई-नई अपॉर्च्यूनिटी यूथ को मिल रही है.”

राहुल गांधी की रैली में आई 30 हजार जनता

राहुल की सोमवार को हुई रैली और उसमें जुटी भीड़ पर टिप्पणी करते हुए रुपाणी ने कहा, “कल तो ऐसा हुआ जैसे सवा सौ साल पुरानी कांग्रेस खत्म और सिर्फ अल्पेश ने अपनी जातिवादी स्पीच के आधार पर लोगों को इकट्ठा किया था. तीस हजार से ज्यादा लोग नहीं थे. कांग्रेस उनके सामने सरेंडर है. ऐसा कल पूरा सीन दिखाई पड़ा. कांग्रेस गुजरात में मृतप्राय है. राहुल के नेतृत्व में देश के किसी कोने में किसी को कोई रुचि नहीं है. राहुल का मजाक बन रहा है. गुजरात में आज भी नरेन्द्र भाई के लिए सम्मान है. नरेन्द्र भाई के एक-एक कार्यक्रम में इनके पांच गुना भीड़ रहती है.”

रोड शो में नहीं थी कम भीड़

राहुल की रैली की तुलना में मोदी के रोड शो से करने पर रुपाणी बोले, “रोड शो में मैं साथ में था जबरदस्त भीड़ थी. तस्वीर भी बढ़िया है मेरे पास. ऐसी कोई बात नहीं है. आज भी नरेन्द्र भाई के लिए गुजरात नहीं पूरे देश में भीड़ होती है.”

अब नरेन्द्र मोदी नहीं हैं?

बार-बार नरेन्द्र मोदी का नाम लेने के मुद्दे पर रुपाणी बोले, “नरेन्द्र भाई अब पीएम हैं. नरेन्द्र भाई जब सीएम थे तब 122 दिया अब जब पीएम हैं तो 150 देंगे. अब तो गुजरात को मौका मिला है कि गुजरात के सपूत दिल्ली में बैठे हैं. पिछले 10 साल यूपीए की सरकार में गुजरात के साथ अन्याय हुआ था. कांग्रेस ने 20 साल तक इंदिरा गांधी के नाम पर वोट लिए. ये नेशनल लीडर हैं हमारे. मोदी का नाम क्यों ना बोलें हम. मोदी हमारे लीडर हैं. स्टेट के नेता हम हैं लेकिन जब चुनाव होता है तभी नेशनल लीडर्स की चर्चा होती है. अभी जीएसटी की चर्चा क्यों होती है. जीएसटी क्या किसी स्टेट का कानून है.”

जीएसटी को लेकर कोई नाराजगी नहीं

जीएसटी पर बोलते समय उन्होंने कहा, “जीएसटी को लेकर कोई नाराजगी नहीं है. जीएसटी होना चाहिए. लेकिन कोई नई सिस्टम इंप्लीमेंट होती है तो परेशानी आती है. गुजरात पहला राज्य है कि जहां सिस्टम इंप्लीमेंट हुई हो और चुनाव साथ में हो. जो समस्याएं हैं उन पर हम बात कर रहे हैं, सुलझा रहे हैं. मैं दावा भी करता हूं और वादा करता हूं कि सबकुछ जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा.”

ट्रेडर्स की नाराजगी की असलियत बताते हुए रुपाणी ने कहा, “गहलोत की मौजूदगी में मोदी-मोदी के नारे लगे थे. ये कांग्रेस वाले कर रहे हैं बाकि कोई अनरेस्ट नहीं है. ट्रेडर्स की जब सभा थी गहलोत जी बिन बुलाए चले गए तब नारा लगा था मोदी-मोदी. सिस्टम नया है, 6 महीने लगता है किसी सिस्टम को सेट होने में, जीएसटी के लिए नाराजगी नहीं है.” 

राहुल कुछ भी बोलता है

जीएसटी पर राहुल की टिप्पणी पर बोलते हुए रुपाणी ने कहा, “राहुल तो कुछ भी बोलता है. मैं राहुल से सवाल करना चाहता हूं कि आप जब जीएसटी आया था तब आप कहते थे ये हमने किया था, हम ला रहे थे तब मोदी विरोध कर रहे थे. आज बता रहे हैं गब्बर टैक्स है. तो आप उस वक्त क्यों जीएसटी का फेवर कर रहे थे. जीएसटी काउंसिल में कांग्रेस के लोग भी मेंबर हैं. सबने यूनिवर्सिली जीएसटी पास किया है. अब आप बाहर दूसरी बातें कर रहे हैं.”

गुजरात को ध्यान में रखकर जीएसटी में बदलाव?

इस सवाल के जवाब में रुपाणी बोले, “बदलाव गुजरात को ध्यान में रखकर नहीं किया गया. जब किसी नियम के साथ चुनाव होता है तो ऐसा होता है. जीएसटी के बाद गुजरात में चुनाव है जैसे नोटबंदी के बाद महाराष्ट्र में चुनाव था यूपी में चुनाव था हमारे यहां नहीं थे. हमारे यहां पंचायत के चुनाव थे. पंचायत के चुनाव में 80 प्रतिशत जीते. उस वक्त भी कांग्रेस ने नोटबंदी के खिलाफ लाइन में खड़े हो गए थे. राहुल खुद लाइन में खड़े हो गए थे. इस बार वे ये सब जीएसटी के साथ कर रहे हैं. मैं एक सवाल करना चाहता हूं कि आपके पांच राज्य में जीएसटी इंप्लीमेंट है आपने उस वक्त विरोध क्यों नहीं किया अब गब्बर टैक्स बता रहे. जीएसटी काउंसिल में आपके लोग भी हैं क्यों बात नहीं कर रहे.”

चुनाव से कांग्रेस को डर

चुनाव की घोषणा में देरी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “चुनाव की घोषणा में भी कांग्रेस बौखला रही है. पहले तो इलेक्शन टाइम से होने वाला है. हिमाचल का चुनाव नवंबर में है. हमारा चुनाव होगा दिसंबर में. दोनों में 29 दिन का डिफरेंस है तो पहले क्यों आचार संहिता आए. चुनाव आयोग का पिछली बार कांग्रेस ने दुरुपयोग किया था. 90 दिन तक आचार संहिता लगाई गई. इसलिए लगाई गई कि मोदी काम ना कर सके. सब ठप्प पड़ जाए. आप बताइए किस राज्य में 83 दिन आचार संहिता लगी. किस राज्य में तीन महीना आचार संहिता लगी. इस बार नहीं लगी इसलिए कांग्रेस बौखला रही है क्योंकि हम लोग काम कर रहे हैं.”

कांग्रेस से नहीं जुड़ रहे युवा

कांग्रेस से लगातार युवाओं के जुड़ने से संबंधित सवाल के जवाब में रुपाणी ने कहा, “कोई यंगस्टर्स नहीं जुड़ रहे. मुझे तो कल के सीन पर ताज्जुब होता है. अल्पेश पहले ही कांग्रेस में था. अल्पेश कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ा है. अल्पेश के पिता जी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं अभी भी और उन्होंने रिज्वाइन किया. वो कांग्रेस में ही थे. उसमें क्या नया हुआ है. हार्दिक कांग्रेस का एजेंट बन कर काम कर रहा है. कांग्रेस इतनी दुर्बल हो रही है कि वो हार्दिक, अल्पेश और जिग्नेश के दम पर चुनाव लड़ना चाह रही है.”

गांवों में विकास की बात करते हुए उन्होंने कहा, “गुजरात में नर्मदा का पानी हमने गांव-गांव में पहुंचाया है. 2002 में भी कांग्रेस यही कर रही थी. 2007 में भी कांग्रेस यही कर रही थी. 2012 में भी कांग्रेस यही कर रही थी और अभी भी कांग्रेस वही कर रही है. कई सरकार हमने बनाई.”

जोड़तोड़ की राजनीति- कांग्रेस का स्टंट

जोड़तोड़ की राजनीति पर पूछे सवाल के जवाब में रुपाणी ने कहा, “वो भी कांग्रेस का स्टंट है. नरेन्द्र ने तीन घंटे पहले बीजेपी ज्वाइन की. हमारे प्रदेश अध्यक्ष से खेस पहना. उस वक्त उन्होंने क्यों नहीं कहा. फिर तीन घंटे बाद कांग्रेस वाले लेकर आए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उनके साथ कांग्रेस वाले खड़े थे. उसके बाद उन्होंने 10 लाख रुपये टेबल पर रखा. वरुण ने बताया कि आप कोई भी प्रमाण दीजिए कि ये पैसा मैंने दिया है. आपके पास कोई टेप है. आपने कोई रिकॉर्डिंग किया है तो बताइए. ये सब केवल पॉलिटिकल स्टंट है.”

जब सीएम से पूछा गया कि लोग बोल रहे हैं कि बीजेपी से खुले ऑफर मिल रहे हैं तो रुपाणी ने कहा, “लोग सब बोल रहे हैं. लोग यह भी कह रहे हैं कि राहुल गांधी ने सबको पैसा दिया. लोग बैग लेकर होटल से निकले, ये सब सोशल मीडिया पर चल रहा है. ये सब चलने दीजिए. चुनाव के वक्त ये सब आरोप-प्रत्यारोप होते हैं. कोई ठोस बात हो तो हम कुछ कहें.”

सोशल मीडिया पर ‘विकास कैंपेन’

कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए सोशल मीडिया कैंपन पर बोलते हुए सीएम रुपाणी ने कहा, “विकास के नाम पर भारतीय जनता पार्टी आगे बढी़ है. गुजरात उसमें रोल मॉडल है. मोदी जी जब यहां मुख्यमंत्री थे तब यहां जो विकास किया उसकी बात पूरे देश के सामने रखी और पूरे देश ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाया कि नरेंद्र मोदी देश का विकास करेगा. नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जितने भी चुनाव हुए सब विकास पर हुए. सबने विकास को वोट दिया. भारतीय जनता पार्टी जीती और कांग्रेस को जड़ से हटा दिया. इसलिए कांग्रेस विकास से डर गई है. विकास नाम सुनते ही कांग्रेस डर जाती है. इसलिए विकास को बदनाम करने के लिए विकास करने वाले लोगों को रोकने के लिए वो सोशल मीडिया पर चला रहे हैं. लोग कमेंट करते हैं कि विकास को आप रोक नहीं पाएंगे. इस बार कांग्रेस के अस्तित्व का सवाल है. हम तो चुनाव जीतने वाले हैं. कांग्रेस को 25-30 सीट मिल जाए इसलिए लड़ रहे हैं. कांग्रेस वाले ही यह बात बोल रहे हैं.”

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