CM कैप्टन ने किया बड़ा ऐलान, कहा- पंचकूला हिंसा में मारे गए पंजाबियों को कोई मुआवजा नहीं

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दो टूक कहा है कि डेरा मुखी पर फैसला सुनने पंचकूला गए और वहां हिंसा में मारे गए पंजाब के लोगों को सरकार किसी भी तरह का कोई मुआवजा नहीं देगी। इस के अलावा पंजाब में जो नुकसान हुआ है, उसकी लिस्ट बनाकर हरियाणा सरकार को भेजी जाएगी और नुकसान की डेरे से भरपाई करवाने के लिए कार्रवाई पूरी करवाई जाएगी। CM कैप्टन ने किया बड़ा ऐलान, कहा- पंचकूला हिंसा में मारे गए पंजाबियों को कोई मुआवजा नहींअभी-अभी: राम रहीम पर रामदेव ने दिया बड़ा बयान, कह- ‘जो अपराधी है, सज़ा भुगते और आचरण में सुधार लाए’

रविवार को बठिंडा पहुंचे कैप्टन ने कहा कि पंजाब में हालात ठीक है और वह लगातार पंजाब के उन क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं, जो अति संवेदनशील थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जिले के गांव बल्लूआणा और मलोट का दौरा किया जहां पर डेरा समर्थकों ने रेलवे स्टेशन और पेट्रोल पंप को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया था। 

कैप्टन ने कहा कि मालवा में डेरा समर्थकों के खिलाफ 23 एफआईआर दर्ज की गई हैं और करीब 24 लोगों को गिरफ्तार कर उनसे असलाह और पेट्रोल बम बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंचकूला में बाबा के पीछे जाकर अपनी जान गंवाने वाले पंजाब के लोगों को प्रदेश सरकार क्यों मुआवजा देगी। जो भी हुआ हरियाणा सरकार की कोताही के चलते हुआ। 

पंजाब के नुकसान की भरपाई डेरे से करवाएगी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 अगस्त को सजा के एलान के मद्देनजर हालातों को ठीक रखने के लिए जिला स्तर पर डीसी और एसएसपी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अगर डीसी हालातों को देखते हुए कर्फ्यू लगाना चाहे तो लगा सकतेे हैं। इसमें कोई भी कोताही न करने के आदेश भी दिए गए हैं। 

सीएम ने बताया कि पंचकूला गए पंजाब के लोगों को ट्रकों व बसों से उनके घर तक पहुंचाया गया है। पंजाब के सभी 98 डेरों की पुलिस और सेना की ओर से तलाशी ली गई है। वह इस मामले पर लगातार केंद्र के संपर्क में थे। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल मौजूद थे। इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह जिले की मौड़ मंडी में हुए बम धमाके के पीड़ितों से मिलने गए थे लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते उनसे नहीं मिल पाए। 

बठिंडा से पंचकुला गए दस समर्थक लापता
पंचकूला में डेरा मुखी के समर्थन में बठिंडा से कई समर्थक गए थे। हंगामा होने के बाद सभी को बठिंडा सुरक्षित लाया गया लेकिन उनमें से दस समर्थकों के बारे में अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। लापता डेरा समर्थक बठिंडा के बलराज नगर और अमरपुरा बस्ती के अलावा विभिन्न इलाकों से संबंधित हैं।

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