CPC ने किया नए लीडरशिप का ऐलान, इन 7 लोगों के हाथ में होगी चीन की कमान

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) ने नए नेतृत्व का ऐलान कर दिया है, जो सरकार को चलाएगा. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को जहां दूसरी बार CPC का प्रमुख चुना गया है, तो वहीं पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी (PBSC) में कई पुराने लोगों को जगह दी गई है.CPC ने किया नए लीडरशिप का ऐलान, इन 7 लोगों के हाथ में होगी चीन की कमानबड़ी खबर: अब पाक का ग्वादर पोर्ट बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा शिपिंग सेंटर…

पांच साल में एक बार होने वाली CPC की कांग्रेस में नए नेतृत्व को लेकर कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है. इससे सत्ता में शी जिनपिंग की पकड़ और मजबूत हो गई है. अब वह न सिर्फ अगले पांच साल तक राष्ट्रपति बने रहेंगे, बल्कि उसके बाद भी सत्ता में काबिज रहेंगे.

CPC की सात सदस्यीय पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी (PBSC) में शी जिनपिंग के अलावा चीन के प्रधानमंत्री ली केचियांग (62), ली झांशु (67), उपप्रधानमंत्री वांग यांग (62), कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख सिद्धांतकार वांग हनिंग (62), पार्टी के संगठन विभाग के प्रमुख झाओ लेजी (60) और शंघाई पार्टी प्रमुख हान झोंग (63) जगह मिली है.

ये सात लोग मिलकर अगले पांच साल तक चीन की सरकार चलाएंगे. इन लोगों की मुट्ठी में भारत के पड़ोसी देश चीन की सत्ता होगी.

1. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

शी जिनपिंग को साल 2007 में 54 वर्ष की आयु में पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य बने थे. इसके बाद वह साल 2012 में राष्ट्रपति बन गए. शी जिनपिंग चीन के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं, जिनका जन्म द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुआ था. वह चीन की सत्तारूढ़ CPC के प्रमुख और पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी के पदेन सदस्य हैं. पार्टी में 1980 के दशक से देंग शिआओपिंग के बाद शी जिनपिंग सबसे शक्तिशाली नेता हैं. 64 वर्षी शी जिनपिंग ने स्कूल, मीडिया समेत सभी क्षेत्र में पार्टी के प्रभाव बनाने के लिए काम किया. उन्होंने चीन की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाले निजी बिजनेस भी अपना प्रभाव बनाया.

2. चीनी प्रधानमंत्री ली केचियांग

चीन में शी जिनपिंग के बाद ली केचियांग दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता माने जाते हैं. वह साल 2013 से देश के प्रधानमंत्री हैं और देश के सबसे उच्च पद के लिए भी अपनी उम्मीदवारी कर चुके हैं. हालांकि पूर्व नेता हु जिंताओ से नजदीकी के चलते वह इस पद पर अपनी जगह नहीं बना सके. पार्टी के कई नेता कई मसलों पर केचियांग के खिलाफ रहे हैं, लेकिन फिर भी वह दूसरी बार पार्टी में नंबर दो का पद हासिल करने में कामयाब रहे. उनको दूसरी बार पोलित ब्यूरो में जगह मिली है.

3. ली झांशु 

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल ऑफिस के डायरेक्टर के तौर पर ली झांशु ने शानदार प्रदर्शन किया था. उनको चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का बेहद करीबी माना जाता है. झांशु शी जिनपिंग के स्टाफ प्रमुख भी रह चुके हैं. वह विदेशों की यात्रा समेत कई मौकों पर शी जिनपिंग के साथ नजर आ चुके हैं. युवा कम्युनिस्ट नेता के रूप में उभरने के बाद झांशु ने शी जिनपिंग के गृह प्रांत शान्शी में पार्टी के लिए काम कर चुके हैं. वह पार्टी की कम्युनिस्ट यूथ लीग के प्रांत प्रमुख रहने के साथ ही कई शीर्ष पदों पर काबिज रह चुके हैं. अब झांशु पार्लियामेंट के लेजिस्लेचर के प्रमुख होंगे.

4. वांग यांग

चीन के उप प्रधानमंत्री वांग यांग को भी पोलित ब्यूरो में जगह मिली है. उनको व्यापार के मुद्दों पर अमेरिका और चीन के बीच वार्तालाप करने की हाईप्रोफाइल जिम्मेदारी मिल चुकी है. वांग यांग को अमेरिका और चीन के संबंधों को सुधारने की दिशा में काम करने के लिए भी जाना जाता है. उनको आर्थिक क्षेत्र में सुधार करने और विदेशी व्यापार में सहयोग को बढ़ावा देने के रूप में जाना जाता है. जब वांग चीन के सबसे समृद्ध प्रांत गुआंगडोंग के शीर्ष नेता थे, तो उनका पसंदीदा राजनीतिक नारा था- ‘अपनी सोच मुक्त रखो.’ वांग को भी हु जिंताओ का सहयोगी माना जाता है. अब वह चीन  की संसद के उच्च सदन का नेतृत्व करेंगे.

5. वांग ह्यूनिंग

पोलित ब्यूरो में जगह पाने वाले वांग ह्यूनिंग को कम्युनिस्ट पार्टी का प्रमुख सिद्धांतकार और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सबसे करीबी माना जाता है. बताया जाता है कि शी जिनपिंग के ‘चाइना ड्रीम’ और महत्वाकांक्षी ‘वन बेल्ट वन रोड’ परियोजना के पीछे वांग ह्यूनिंग का दिमाग था. अब वह कम्यूनिस्ट पार्टी के सचिवालय का कामकाज देखने के साथ ही पार्टी की विचारधारा पर काम करेंगे. शी जिनपिंग के प्रशासनिक दर्शन के पीछे भी ह्यूनिंग का ही दिमाग है. वह साल 2002 से पार्टी की सेंट्रल पॉलिसी रिसर्च ऑफिस के डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं. 62 वर्षीय वह शी जिनपिंग के पूर्ववर्ती जिआंग जेमिन और ह्यू जिंताओ के सलाहकार के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं. 62 वर्षीय ह्यूनिंग चीन में केंद्रीकृत शक्ति और सत्तावादी के प्रबल समर्थक हैं.

6. झाओ लेजी

झाओ लेजी साल 2012 से चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन डिपार्टमेंट का कामकाज देखते हैं. यह विभाग देश और विदेश में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नीतियों व अभियान को प्रमोट करने की अहम जिम्मेदारी निभाता है. झाओ लेजी राजनीतिक हाइरार्की पर नियंत्रण करने का भी काम करते हैं. इनको शी जिनपिंग की योजनाओं को प्रमोट करने का श्रेय जाता है.

7. हान झेंग

अर्थशास्त्री हान झेंग ने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत चीन के शंघाई प्रांत से की थी. वह साल 2003 में शंघाई के सबसे युवा मेयर बने. झेंग 48 वर्षीय की उम्र में पार्टी प्रमुख बने और साल 2007 में शी जिनपिंग के डिप्टी के रूप में काम किया. इनको कारोबारी को बढ़ावा देने वाला नेता माना जाता है.

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