Data Leak: फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने सार्वजनिक रूप से मांगी माफी!

अमेरिका: फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने मंगलवार को कांग्रेस सीनेट की सुनवाई में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्हें फेसबुक पर लगे आरोपों को लेकर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। डेटा लीक मामले में फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग मंगलवार को अमेरिकी कांग्रेस की दो सीनेट कमेटी के ज्वाइंट सेशन में पेश हुए। इस दौरान 44 सीनेटरों ने उनसे सवाल जवाब किए। करीब 200 अन्य लोग भी इस दौरान मौजूद थे।


इससे पहले जुकरबर्ग ने कमेटी को दिए अपने बयान में अमेरिकी कांग्रेस से माफी मांगी है। साथ ही जकरबर्ग ने भारत में अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव के बारे में कहा कि हम पूरी कोशिश करेंगे कि भारत में होने वाले आगामी चुनाव में पूरी ईमानदारी बरतें। सुनवाई के दौरान जुकरबर्ग काफी गंभीर दिखे और उन्होंने सांसदों की बात सुनी।

इस दौरान कॉमर्स कमेटी के चेयरमैन सेन जॉन थ्यून ने कहा कि जुकरबर्ग आपने और आपने जो कंपनी बनाई उसने जो कहानी बनाई वह अमेरिकी लोगों के सपनों का प्रतिनिधित्व करती है। जॉन ने कहा कि कई लोग आपकी सफलता की कहानी से प्ररेणा लेते हैं और खासकर जो आपने किया है उससे भी।

लेकिन इसके साथ ही आपके ऊपर एक दायित्व भी है और यह आप पर निर्भर करता है कि आप सुनिश्चित करें कि आपकी कंपनी और उसका इस्तेमाल करने वाले लाखों लोगों द्वारा देखा गया सपना उनकी गोपनियता को लेकर दुरूस्वप्न न बन जाए। सुनवाई के दौरान जुकरबर्ग ने भी अपनी गलती मानी। पहले जवाब में उन्होंने कहा कि फेसबुक के 8ण्70 करोड़ यूजर्स के निजी डेटा का दुरुपयोग रोकने के लिए मैंने पर्याप्त कदम नहीं उठाए जबकि यह मेरी जिम्मेदारी थी। जुकरबर्ग ने लिखा कि हमने अपनी जवाबदेही स्वीकार करने में चूक की।

मुझसे यह बड़ी गलती हुई हैए माफ कर दें। पेशी से पहले अमेरिकी प्रतिनिधिसभा की समिति ने जकरबर्ग के लिखित माफीनामा की मूल प्रति जारी की। इसमें जकरबर्ग ने लिखाए श्मैंने फेसबुक की शुरुआत की। मैं इसे चलाता हूं और यहां जो होता हैए उसके लिए जिम्मेदार हूं। यह बिलकुल साफ है कि हमने ऐसे टूल्स को रोकने के लिए पर्याप्त काम नहीं कियाए जिससे नुकसान हुआ।

इसका दुरुपयोग फेक न्यूजए चुनाव में विदेशी दखल और हेट स्पीच में हुआ। जुकरबर्ग ने इसमें अपनी गलती मानते हुए ऐसी व्यवस्था बनाने का वादा किया हैए जिससे कोई भी विदेशी शक्ति अमेरिका के चुनाव को प्रभावित ना कर सके। वह अपने नियमों को और सख्त बनाएगीए ताकि भविष्य में इस तरह की चूक ना हो पाए।

गौरतलब है कि जुकरबर्ग ने सीनेट की सुनवाई से पहले अपने बयान में कहा कि अब यह साफ है कि हमनें अपने यूजर्स की गोपनियता को सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। जुकरबर्ग ने कहा कि मैं अपनी गलतफहमी की जिम्मेदारी लेता हूं।

मुझे मालूम है कि हमनें अपनी जिम्मेदारी के बारे में व्यापक रूप से नहीं सोचा और यह एक बड़ी गलती है। उन्होंने कहा कि यह मेरी गलती थी और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। फेसबुक पर आरोप है कि उसने बिना इजाजत यूजर्स के निजी डेटा कैंब्रिज एनालिटिका के साथ शेयर किए थे। राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अमेरिका के फेसबुक यूजर्स के निजी डेटा का इस्तेमाल किया गया था।

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