Encounter: लखनऊ पुलिस और बंगलादेशी बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, दो के लगी गोली!

लखनऊ: एक साल से लखनऊ पुलिस जिस 25 हजार रुपये के इनामी बंगलादेशी बदमाश को तलाश रही थी, उसको गुरुवार की देर रात गाजीपुर ने मुठभेड़ के दौरान धर लिया। इनामी बदमाश के एक साथी को कुछ ही देर के बाद महानगर पुलिस ने भी मुठभेड़ में दौरान गिरफ्तार किया। दोनों जगहों पर हुई मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और उनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस को पकड़े गये बदमाशों के पास अलसहे, चाकू, रस्सी, रुपये और बंगलादेशी मुद्रा मिली।


एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि 9 दिसम्बर वर्ष 2016 को पीजीआई की एल्डिको कालोनी में रहने वाली रणवीर कपूर के घर डकैती की घटना घटी थी। इस मामले में उसी दिन पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गये सभी बदमाश बंगलादेश के रहने वाले थे। पूछताछ में बदमाशों ने अपने गैंग लीडर बंगलादेश निवासी शफीकुल का नाम बताया था।

इसके बाद पुलिस शफीकुल की तलाश में जुटी थी, पर वह बंगलादेश भाग गया था। इसके बाद पुलिस की टीम उसकी तलाश में बंगलोर, मालदा और जबलपुर तक गयी। वह से पुलिस ने शफीकुल के बारे में अहम जानकारी जुटायी। इसके बाद लखनऊ पुलिस शफीकुल और उसके गैंग पर मुखबिर की मदद से नज़र रखे लगी।

तीन दिन पहले पुलिस टीम को मुखबिर की मदद से इस बात का पता चला कि शफीकुल और उसके साथी मालदा के रास्ते बार्डर क्रास कर भारत आये हैं और कानपुर में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस की टीम उनकी तलाश में लगी। एक टीम को कानपुर भेजा गया। इस बीच गुरुवार की देर रात पुलिस को पता चला कि शफीकुल और उसके साथी लखनऊ में रेलवे क्रासिंग के पास आने वाले हैं। इसके बाद अलग-अलग पुलिस की टीमों को डालीगंज रेलवे स्टेशन से गोमतीनगर रेलवे स्टेशन के बीच लगा दिया गया।

पहली मुठभेड़- देर रात गाजीपुर पुलिस की टीम ने बड़ी जुगौली रेलवे क्रासिंग के पास कुछ संदिग्ध लोगों को देखा। पुलिस की टीम जैसे ही उन लोगों के पास पहुंची, उन लोगों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस फायरिंग में एक बदमाश के पैर पर गोली लगी,जबकि अन्य बदमाश पटरियों के रास्ते भाग खड़े हुए। पुलिस ने फौरन घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम बंगलादेश निवासी शफीकुल बताया। पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल, 4250 रुपये, बंगलादेशी मुद्रा, बंगलादेश के कुछ मोबाइल नम्बर, बंगलादेशी टीशर्ट, पैंचकस और रस्सी मिली।

दूसरी मुठभेड़- बड़ी जुगौली से बदमाशों के भागने की सूचना बाकी थानों को दी गयी। इस बीच महानगर पुलिस को बादशाहनगर रेलवे क्रासिंग के पास कुछ संदिग्ध भागते दिखे। उनके हाथ में असलहे थे। पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि चार से पांच अन्य बदमाश भाग निकले। पुलिस ने घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पूछताछ में उसने अपना नाम बंगलादेश निवासी कमाल बताया और खुद को 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश शफीकुल का साथी बताया। पुलिस ने कमाल के पास से एक तमंचा, एक चाकू ,5052 रुपये और बंगलादेशी मुद्रा बरामद की।

मालदा से कालका ट्रेन से कानपुर आये थे बदमाश
पूछताछ में पकड़े गये बदमाशों ने बताया कि वह लोग पश्चिम बंगला के मालदा जनपद से कालका ट्रेन से कानपुर आये थे। इसके बाद वह लोग कानपुर में रेलवे स्टेशन के पास ठहरे और बुधवार को लखनऊ आकर घटना को अंजाम देने के लिए रेकी भी की और वापस चले गये। गुरुवार की देर रात भी बदमाशों का यह गैंग रेकी के लिए आया था और पुलिस के मुठभेड़ हो गयी।

घाट मालिक रुपये लेकर सीमा कराते थे पार
पुलिस को अपनी छानबीन में इस बात का पता चला है कि बंगलादेश के रहने वाले इन बदमाशों को मालदा में घाट मालिक चार से पांच हजार रुपये लेकर सीमा पार कराते थे। सीमा पार करने के बाद बदमाशों का यह गैंग ट्रेन से सफर कर देश के महानगर पहुंचा था और वारदात को अंजाम देता था।

रेलवे लाइन के किनारे ही करते थे डकैती
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि बंगलादेशी बदमाशों का यह गैंग सिर्फ रेलवे लाइन कि किनारे स्थित पॉश कालोनियों को ही अपना टारगेट बनाता था। ऐसा यह लोग इसलिए करते थे कि वारदात के बाद गैंग बड़ी आराम से रेलवे लाइन के सहारे शहर की सीमा छोड़ दिया करते थे।

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