EU प्रमुख बोले, ट्रंप जैसे दोस्त के रहते दुश्मन की जरूरत नहीं

यूरोपीय यूनियन (ईयू) के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने ईरान परमाणु करार से हटने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने यहां कहा, “ट्रंप ने दोस्त से ज्यादा दुश्मन की तरह काम किया है। जिसके पास ट्रंप जैसा दोस्त हो, उसे दुश्मन की जरूरत नहीं पड़ेगी।” बुल्गारिया की राजधानी में बुधवार को एक बैठक में ईयू प्रमुख ने यूरोपीय नेताओं से ट्रंप के फैसले के खिलाफ संयुक्त यूरोपीय मोर्चा बनाने की अपील की।यूरोपीय यूनियन (ईयू) के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने ईरान परमाणु करार से हटने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने यहां कहा, "ट्रंप ने दोस्त से ज्यादा दुश्मन की तरह काम किया है। जिसके पास ट्रंप जैसा दोस्त हो, उसे दुश्मन की जरूरत नहीं पड़ेगी।" बुल्गारिया की राजधानी में बुधवार को एक बैठक में ईयू प्रमुख ने यूरोपीय नेताओं से ट्रंप के फैसले के खिलाफ संयुक्त यूरोपीय मोर्चा बनाने की अपील की।  ट्रंप ने गत आठ मई को ईरान के साथ हुए परमाणु करार से अमेरिका के हटने का ऐलान किया था। इसी के मद्देनजर यूरोपीय देशों के प्रमुखों की यह बैठक बुलाई गई थी। टस्क ने अमेरिकी प्रशासन की तुलना यूरोप के पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों रूस और चीन से की। बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, "साफतौर पर कहूं तो यूरोप को राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी होना चाहिए, क्योंकि उन्होंने हमारे सभी भ्रम दूर कर दिए हैं।"  इससे पहले मंगलवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय मंत्रियों ने ईरान के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की और परमाणु करार को बनाए रखने के मसले पर चर्चा की। साल 2015 में ईरान के साथ अमेरिका के अलावा रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने परमाणु समझौता किया था। यूरोपीय देश फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी पहले ही इस समझौते के साथ बने रहने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं।

ट्रंप ने गत आठ मई को ईरान के साथ हुए परमाणु करार से अमेरिका के हटने का ऐलान किया था। इसी के मद्देनजर यूरोपीय देशों के प्रमुखों की यह बैठक बुलाई गई थी। टस्क ने अमेरिकी प्रशासन की तुलना यूरोप के पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों रूस और चीन से की। बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, “साफतौर पर कहूं तो यूरोप को राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी होना चाहिए, क्योंकि उन्होंने हमारे सभी भ्रम दूर कर दिए हैं।”

इससे पहले मंगलवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय मंत्रियों ने ईरान के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की और परमाणु करार को बनाए रखने के मसले पर चर्चा की। साल 2015 में ईरान के साथ अमेरिका के अलावा रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने परमाणु समझौता किया था। यूरोपीय देश फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी पहले ही इस समझौते के साथ बने रहने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं।

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