FIFA U-17 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम को एकतरफा मुकाबले में 4-0 से दी मात, घाना अंतिम -16 में..

घाना फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है. गुरुवार को उसने भारतीय टीम को एकतरफा मुकाबले में 4-0 से मात दी. इसके साथ ही मेजबान भारत तीनों मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया. घाना की तरफ से कप्तान एरिक  अयाह ने 43वें और 52वें मिनट ने दो, जबकि स्थानापन्न रिकॉर्डो डान्सो 86वें और इमानुअल टोकु 87वें मिनट ने एक-एक गोल दागे.FIFA U-17 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम को एकतरफा मुकाबले में 4-0 से दी मात, घाना अंतिम -16 में..कीवी कोच ने कहा- भारतीय हालात में ढलें या कड़े सबक सीखें

मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों विशेषकर धीरज सिंह की आंखों में आंसू थे, जिन्होंने कुछ अच्छे बचाव किए. दो बार का चैंपियन घाना खेल के हर क्षेत्र में अव्वल साबित हुआ. घाना ने इस जीत से तीन मैचों में छह अंक के साथ ग्रुप ए में पहले स्थान पर रहकर अंतिम सोलह में पहुंचा. कोलंबिया और अमेरिका के भी छह-छह अंक रहे, लेकिन गोल अंतर में वे क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर खिसक गए.

घाना के खिलाड़ी कद काठी में काफी मजबूत थे, लेकिन भारतीयों ने फुर्ती और कौशल के मामले में उन्हें शुरू में बराबर की टक्कर दी. खेल आगे बढ़ने के साथ हालांकि अंतर साफ नजर आने लगा और अफ्रीकी टीम का दबदबा बढ़ता गया. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में मौजूद 52,614 दर्शकों में से अधिकतर ने हर पल भारतीयों का उत्साह बनाए रखा, लेकिन दर्शकों का जोश मैदान का अंतर नहीं पाट पाया.

पिछले मैच में गोल करने वाले जैक्सन आज पूरी तरह निष्प्रभावी रहे, गेंद पर 65 प्रतिशत घाना का नियंत्रण रहा. खेल के छठे मिनट में ही भारतीय रक्षापंक्ति में छितराव दिखा, जिसका फायदा उठाकर घाना के खिलाड़ी तेजी से भारतीय पोस्ट में घुसे. एरिक के सामने तब केवल गोलकीपर धीरज सिंह थे और वह उन्हें छकाने में कामयाब भी रहे, लेकिन ब्लैक कैट्स के स्टार फॉरवर्ड को ऑफ साइड करार दे दिया गया जिससे भारतीय टीम और बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने राहत की सांस ली. 

राइट विंगर सादिक इब्राहीम ने दाएं छोर से लगातार हमले करके भारतीयों पर दबाव बनाए रखा. भारतीय डिफेंडर संजीव स्टालिन ने अपनी पूरी ताकत सादिक को रोकने पर लगा रखी थी, लेकिन यह मिडफील्डर 20वें मिनट में करारा शॉट भारतीय गोल में जमाने में सफल रहा. धीरज की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने उसी कुशलता से बाहर का रास्ता दिखाया. इसके छह मिनट बाद स्टालिन की चूक पर अनवर अली ने सादिक को रोका.

पहले दस मिनट के बाद अधिकतर समय गेंद भारतीय पाले में मंडराती रही. इस बीच भारत ने जरूर कुछ जवाबी हमले किए. घाना और भारत दोनों की कहानी टूर्नामेंट में अब एक जैसी चलती रही.दोनों विशेषकर घाना कुछ अच्छे मूव बनाने के बावजूद अंतिम क्षणों की चूक के कारण गोल नहीं कर पाया और यहां पहले हाफ में इसकी पुनरावृत्ति ही देखने को मिली.

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