डेरे में पहली बार पहुंचा मीडिया का कैमरा, ये है राम रहीम की ‘गुप्त गुफा’……

राम रहीम में डेरे में मीडिया का कैमरा पहुंचा तो अंदर का नजारा हैरान कर देने वाला था। चारों ओर भव्य इमारतें, तस्वीरों में देखिए डेरे में पहली बार पहुंचा मीडिया का कैमरा, ये है राम रहीम की 'गुप्त गुफा'......

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700 एकड़ में फैले डेरा सच्चा सौदा में हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। डेरा के अंदर चंद खामोश सेवादारों के अलावा कोई मौजूद नहीं। कभी 24 घंटे गुलजार रहने वाले डेरा सच्चा सौदा में अब हर जगह ताले लटके हुए हैं। 

प्रशासन के सर्च ऑपरेशन शुरू करने से पहले बुधवार को मीडियाकर्मी सुरक्षा बल से बचते-बचाते खेतों के रास्ते डेरा के अंदर पहुंचे और अधिकतर जगहों का जायजा लिया। अंदर पहुंचने पर हर तरफ वीरानी छाई मिली। अंदर मौजूद सेवादारों ने किसी को नहीं रोका और न ही तलाशी ली। 

डेरा के शिक्षण संस्थानों में ताले लगे हुए हैं। डेरा सच्चा सौदा की गद्दी के प्रबलउत्तराधिकारी माने जा रहे डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के पुत्र जसमीत इंसां की कोठी के गेट पर मोटा ताला लटका हुआ है। यही आलम डेरा के शाही रिसोर्ट, होटल, सच मार्केट, आश्रम व सत्संग हॉल में दिखाई दिया।

 सुनसान माहौल में गेट पर ताले और मुरझाये चेहरों के साथ सेवादारों की चहल कदमी को छोड़कर तनिक भी हलचल डेरा में नहीं है। प्रशासन की ओर से डेरा सच्चा सौदा की बिजली काटे जाने से वहां परेशानियां काफी बढ़ चुकी हैं। डेरा सच्चा सौदा कामाही सिनेमा जो 25 अगस्त से पहले हमेशा हाउस फुल रहता था, अब सुनसान हो चुका है।

डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल में दो व्यक्ति उपचाराधीन मिले। ड्यूटी डॉक्टर पुनीत इंसां ने बातचीत में बताया कि अस्पताल में हर प्रकार की मेडिकल सुविधाएं ठप पड़ी हुई हैं। इस कारण मरीजों का सही प्रकार से उपचार नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में हर सप्ताह हजारों थैलीसीमिया व खून की कमी वाले रोगी आते थे। डायलेसिस भी नहीं हो पा रही है।

अस्पताल की बिजली प्रशासन ने काट रखी है। इस कारण करीब 500 यूनिट ब्लड खराब होने की कगार पर पहुंच गया है। बिजली के लिए जरनेटर सुविधा का भी इस्तेमाल नहीं हो पा रहा, क्योंकि प्रशासन डीजल लाने तक की इजाजत नहीं दे रहा। उपचाराधीन मरीज हाथों से पंखी हिलाकर हवा लेने पर मजबूर हैं।

जीवन में उजाला लाने वाली आंखें खराब होने के कगार पर 

डेरा सच्चा सौदा के नेत्र बैंक में करीब 20 आंखें जमा हैं। नेत्रदानियों ने ये आंखें यह सोचकर दान की थी कि उनके आंखों से किसी जरूरतमंद का जीवन रोशन हो सके, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि नेत्र बैंक में पड़ी दान की हुई 20 आंखें खराब हो जाएंगी। 

डेरा सच्चा सौदा अस्पताल के डॉक्टर पुनीत इंसां का कहना है कि नेत्र बैंक के फ्रीजर में करीब 20 आंखें पड़ी हुई हैं। नेत्र बैंक में बिजली की सप्लाई 24 घंटे नहीं हो पा रही। सोलर प्लांट से पूरे अस्पताल को इतनी बिजली नहीं मिल पाती कि 24 घंटे फ्रीजर चालू रखा जा सके। ऐसे में आंखों के खराब होने की संभावना बनती जा रही है।

प्रशासन को इस तरफ थोड़ा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये आंखें 20 नेत्रहीनों की जिंदगी में रोशनी ला सकती हैं। मौजूदा स्थिति के अंदर आंखें 15 दिनों तक ही सही रह सकती हैं। डेरा सच्चा सौदा अस्पताल को नेत्र प्रत्यारोपन की अनुमति सरकार से मिली हुई है।

डेरा अनुरोध करेगा तो उठाऐंगे कदम

डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन की ओर अनुरोध किया जाता है तो स्वास्थ्य विभाग नेत्र बैंक में पड़ी आंखों के संबंध में उचित कदम उठाएगा। नेत्र बैंक में जमा आंखों को खराब होने से बचाने के लिए इन्हें दूसरे नेत्र बैंकों में शिफ्ट किया जा सकता है। अभी तक हमारे पास डेरा प्रबंधन की ओर से किसी प्रकार का अनुरोध नहीं किया गया है।

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