Fraud:आयुर्वेदिक दवा कम्पनी के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी, पढि़ए पूरी रिपोर्ट!

लखनऊ: आयुर्वेदिक दवा कम्पनी में रुपए पर इवेस्ट करने पर दोगुना मुनाफा होने का झांसा दे जालसाज लाखों रुपए ठग कर फरार हो गया। वहीं कम्पनी के दफ्तर पर ताला लटका देख निवेशकों ने छानबीन की तो ठगी का राज खुला। पीडि़तों ने नगराम थाने पर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।


बाराबंकी निवासी महेन्द्र कुमार के मुताबिक कुछ वक्त पहले उनकी मुलाकात रायबरेली निवासी डॉ. राम केसरी से हुई थी। महेन्द्र के अनुसार राम केसरी ने नगराम के हरदोईया बाजार में आयुर्वेदिक दवा कम्पनी खोली थी।

बातचीत बढ़ी तो राम केसरी ने उन्हें बताया कि उसकी कम्पनी एक स्कीम चलाती है। जिसमें रुपए इंवेस्ट करने पर 101 दिन बाद दोगुनी रकम लौटाई जाती है।

लालच में आरकर महेन्द्र ने यह बात अपने परिचिति प्रीती मिश्रा, अमित कुमार, सन्तोष कुमार तिवारी और देवशरण यादव को बताई। कम समय में अधिक मुनाफा पाने की लालच में पड़ सभी लोगों ने राम केसरी से मुलाकात की। फिर उसकी बताई स्कीम में रुपए जमा कर दिए। महेन्द्र ने बताया कि ठग ने उन लोगों से 1.50 लाख से 2 लाख रुपए जमा करने के लिए कहा था।

कम्पनी में कराता था काम
जालसाज ने हरदोईया में ही एक मकान किराए पर लिया था। जहां उसने कई लोगों को काम पर रखा था। महेन्द्र के अनुसार मकान में जड़ी-बूटी से दवाएं बनाने का काम होता था। साथ ही रुपए जमा करने वाले कई लोगों को भी उसने इस काम में लगा रखा था।

कुछ को लौटाई रकम
लोगों को विश्वास में लेने के लिए राम केसरी ने कुछ लोगों को रुपए भी लौटाए थे। यह दावा उसके ही कुछ साथियों ने किया था। प्रीती के मुताबिक दूसरे लोगों को लगाए गए रुपए वापस मिलने की बात सुन वह लोग भी राम केसरी पर विश्वास कर बैठे थे।

एजेंट के सहारे करता था ठगी
अमित कुमार के मुताबिक रुपए लगाने के बाद वह लोग काफी दिनों तक कम्पनी में काम करते रहे। इस बीच राम केसरी ने कुछ एजेंट भी रख लिए। जो मोहनलालगंज, निगोहां, नगराम, रायबरेली और बाराबंकी में लोगों को स्कीम के बारे में बता कर रुपए लगवाते थे। अमित ने यह भी बताया कि उन लोगों ने समय पूरा होने पर जब रुपए वापस मांगे तो आरोपी टाल मटोल करने लगा।

रुपए मांगने पर धमकाया
101 दिन पूरे होने पर निवेशकों ने राम केसरी से रुपए लौटाने को कहा। परए वह लोगों को धमकाने लगा। दबाव बना तो कुछ दिन की मोहलत मांगी। करीब दो महीने पहले आरोपी मकान खाली कर चलता बना। वहींए निवेशकों को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने हंगामा काटा। साथ ही रायबरेली स्थित राम केसरी के ठिकाने पर भी उसकी तलाश की। परए कोई सुराग नहीं लग सका।

जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसओ नगराम संतोष कुमार के मुताबिक महेन्द्र कुमार व उनके साथियों ने ठगी की शिकायत की है। उनके मुताबिक मामले की जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहींए महेन्द्र व उनके साथियों ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबुझ कर हीला हवाली कर रही है। महेन्द्र ने बताया कि एसओ ने उच्च अधिकारियों से स्वीकृति मिलने के बाद एफआईआर दर्ज करने की बात कही है।

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