Fraud: ओमान में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर!

लखनऊ: बिहार राज्य के रहने वाले 6 बेरोजगार युवकों को ओमान में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर एक जालसाज व उसके साथी 3 लाख रुपये और सभी के पासपोर्ट लेकर भाग गये। पीडि़त ने जब कम्पनी के लोगों से रुपये व पासपोर्ट मांगे तो उनको धमकी दी। पीडि़त ने इस संबंध में गोमतीनगर पुलिस से लिखित शिकायत भी बावजूद इसके पुलिस ने पीडि़त की एफआईआर तक दर्ज नहीं की। अब ठगी का शिकार हुए लोगों ने यूपी पुलिस के ट्विटर पर शिकायत करते हुए न्याय की मांग की है।


अमीनाबाद के गुईन रोड इलाके में मोहम्म सिबगतउल्लाह अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनकी कुछ समय पहले जौनपुर जनपद निवासी शाहबे आलम से मुलाकात हुई थी। शाहबे आलम ने सिबगतउल्लाह को बताया कि वह लोगो को विदेश में सिरक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने का काम करता है। इस पर सिबगतउल्ला ने बिहार में रहने वाले अपने भाइयों और रिश्तेदारों से बातचीत की।

बिहार के रहने वाले 6 युवक नौकरी के लिए राजी हो गये। सिबगतउल्ला ने सभी को लखनऊ बुलाया। इसके बाद सभी की मुलाकात शाहबे आलम से हुई। शाहबे आलम ने ओमान में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने की बात कही।

सभी को नौकरी दिलाने के नाम पर मांगे 3 लाख रुपये
पीडि़त सिबगतउल्लाह का कहना है कि सभी युवकों की मुलाकात के बाद शाहबे आलम ने नौकरी दिलाने के बदल 3 लाख रुपये और सभी के पासपोर्ट की मांग की। आरोपी शाहबे आलम ने बताया कि उसकी कम्पनी मडिय़ांव इलाके में है।

7 फरवरी से लेेकर 14 मई तक जमा किये 3 लाख रुपये
सारी बातचीत होने के बाद कम्पनी के लोगों ने सभी युवकों को विदेश भेजने के नाम पर तीन लाख रुपये जमा कराने की बात रखी। इसके बाद सिबगउल्ला ने सभी युवकों को रुपये की व्यवस्था करने के लिए कहा। युवक लखनऊ आने के बाद बिहार लौट गये और रुपये की व्यवस्था करनी शुरू की। 7 फरवरी को उन लोगों ने कम्पनी को पहली बार 60 हजार रुपये दिये। इसके बाद युवकों ने 13 फरवरी को 45 हजार रुपये दिये। इसके बाद साहबे आलम ने 26 मार्च को सभी युवकों को ओमान का वीजा दे दिया।

वीजा देने के बाद बाकी 1.95 लाख रुपये ऐंठे
युवकों को फर्जी वीजा देने के बाद शाहबे आलम ने सभी को बाकी 1.95 लाख रुपये जमा कराने के लिए कहा। इसके बाद सभी युवकों ने सिबगउल्लाह के माध्यम से 29 मार्च से लेकर 14 मई के बीच शाहबे आलम को 1.95 लाख रुपये और अपना पासपोर्ट दे दिया।

25 मई को सभी को युवकों को लखनऊ बुलाया
रुपये ऐंठने के बाद शाहबे आलम ने 25 मई को सिबगउल्लाह को फोन कर सभी युवकों को लखनऊ बुलाने के लिए कहा और बताया कि उनकी 27 मई को ओमान की फ्लाइट है। इस पर सिबगतउल्लाह ने सभी युवकों को उसी दिन लखनऊ बुलाया लिया। युवकों के लखनऊ पहुंचने के बाद साहबे आलम ने युवकों को विदेश भेजने के प्रोग्राम को कैसिंल होने की बात बतायी।

रुपये व पासपोर्ट मांगने पर मिली धमकी
युवकों को विदेश भेजने का प्रोग्राम कैसिंल होने पर सिबगतउल्ला को दाल में कुछ कला नज़र आने लगा। उसने शाहबे आलम से सभी के रुपये और उनका पासपोर्ट वापस मांगा। इस पर शाहबे आलम ने 27 मई को रुपये व पासपोर्ट वापस करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सिगतउल्लाह ने जब फिर से युवकों के दिये गये 3 लाख रुपये और पासपोर्ट की मांग की तो आरोपियों ने उसको फोन पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद न तो पीडि़ताओं को रुपये वापस मिले और न ही उनका पासपोर्ट

अब तक पुलिस ने दर्ज नहीं की एफआईआर
शिकायतकर्ता सिबगल्लाह ने बताया कि उसने कई दिन पहले गोमतीनगर पुलिस इस पूरे मामले में शिकायत की थी, बावजूद इसके बाद पुलिस ने उसका शिकायती पत्र तो ले लिया पर एफआईआर अब तक दर्ज नहीं की। थक हार कर सिबगउल्ला ने अब न्याय की मांग के लिए यूपी पुलिस के ट्विटर हैण्डल पर इसकी शिकायत की है।

पीडि़त आरोपी के घर जौनपुर तक गया
शिकायतकर्ता सिबगउल्लाह ने बताया कि ठगी का शिकार होने के बाद वह आरोपी शाहबे आलम की तलाश में दर-दर भटकता रहा पर वह हाथ नहीं लगा। इसके बाद वह शाहबे आलम के जौनपुर बदलापुर स्थित घर तक गया। उन पर उसकी मुलाकात शाहबे आलम के पिता से हुई। पिता ने बेटे से कोई लेनादेना न होने की बात कही।

इन लोगों को बनाया ठगी का शिकार
ओमान में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के नाम पर बिहार निवासी मोहम्मद जमील, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद शमशेर, मोहम्मद रशिद और मोहम्मद शहबाज से तीन लाख रुपये और सभी के पासपोर्ट ले लिये गये।

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