GST की क्यों हो रही है इतनी आलोचना? मोदी ने बताया नफा-नुकसान

देशभर में जीएसटी लागू हुए एक साल पूरा हो गया है, इस मौके पर सरकार इसकी उपलब्धि गिना रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मौके पर इंटरव्यू दे विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया. प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद इंस्पेक्टर राज में कमी आई है, अब रिटर्न से लेकर रिफंड तक सब कुछ ऑनलाइन ही होता है.देशभर में जीएसटी लागू हुए एक साल पूरा हो गया है, इस मौके पर सरकार इसकी उपलब्धि गिना रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मौके पर इंटरव्यू दे विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया. प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद इंस्पेक्टर राज में कमी आई है, अब रिटर्न से लेकर रिफंड तक सब कुछ ऑनलाइन ही होता है.  स्वराज्य मैग्जीन को दिए गए इस इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने बताया कि जीएसटी में एक ही दर को लागू करना सिर्फ कहने में ही आसान है.उन्होंने कहा कि मर्सिडीज कार और दूध पर एक ही दर से कर नहीं लगाया जा सकता. PM ने कहा कि जीएसटी के तहत सभी वस्तुओं पर 18 प्रतिशत की एक समान दर से कर लगाने की कांग्रेस पार्टी की मांग को यदि स्वीकार किया जाता है तो इससे खाद्यान्न और कई जरूरी वस्तुओं पर कर बढ़ जायेगा.  प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने के एक साल के भीतर ही अप्रत्यक्ष करदाताओं का आधार 70 प्रतिशत तक बढ़ गया. इसके लागू होने से चेक-पोस्ट समाप्त हो गए, इसमें 17 विभिन्न करों, 23 उपकरों को समाहित कर एक बनाया गया है.  इसे पढ़ें: जीएसटी का जश्नः मुख्य समारोह में शामिल हुए दो-दो वित्त मंत्री!  अब तक क्या हुआ फायदा?  प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी से अब तक सिर्फ 66 लाख रोजगार रजिस्टर हो पाए थे, लेकिन जीएसटी आने के बाद ये नंबर अचानक 48 लाख तक बढ़ा. करीब 11 करोड़ रिटर्न फाइल किए गए.  जीएसटी की लगातार हो रही आलोचना को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी एक बड़ा बदलाव है, इसके तहत 17 टैक्स और 23 सेस को एक किया गया है. इन सभी को एक करना एक आसान काम नहीं था, इसे लागू करने के बाद जो सुझाव आए हैं उसके अनुसार भी बदलाव किए गए हैं. इसमें राज्य, मीडिया, एक्सपर्ट और आम आदमी हर किसी के सुझावों को तवज्जों दी जा रही है.  PM ने बताया कि पहले कई तरह के टैक्स लगते थे, जो छुपे हुए थे. लेकिन अब सरकार ने करीब 400 ग्रुप के सामान का दाम घटाया है. इनमें से करीब 150 चीज़ों को ज़ीरो फीसदी टैक्स स्लैब में रखा गया है. अगर आप दाम को देखें तो कई चीजों के दाम कम हुए हैं.

स्वराज्य मैग्जीन को दिए गए इस इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने बताया कि जीएसटी में एक ही दर को लागू करना सिर्फ कहने में ही आसान है.उन्होंने कहा कि मर्सिडीज कार और दूध पर एक ही दर से कर नहीं लगाया जा सकता. PM ने कहा कि जीएसटी के तहत सभी वस्तुओं पर 18 प्रतिशत की एक समान दर से कर लगाने की कांग्रेस पार्टी की मांग को यदि स्वीकार किया जाता है तो इससे खाद्यान्न और कई जरूरी वस्तुओं पर कर बढ़ जायेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी लागू होने के एक साल के भीतर ही अप्रत्यक्ष करदाताओं का आधार 70 प्रतिशत तक बढ़ गया. इसके लागू होने से चेक-पोस्ट समाप्त हो गए, इसमें 17 विभिन्न करों, 23 उपकरों को समाहित कर एक बनाया गया है.

अब तक क्या हुआ फायदा?

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी से अब तक सिर्फ 66 लाख रोजगार रजिस्टर हो पाए थे, लेकिन जीएसटी आने के बाद ये नंबर अचानक 48 लाख तक बढ़ा. करीब 11 करोड़ रिटर्न फाइल किए गए.

जीएसटी की लगातार हो रही आलोचना को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी एक बड़ा बदलाव है, इसके तहत 17 टैक्स और 23 सेस को एक किया गया है. इन सभी को एक करना एक आसान काम नहीं था, इसे लागू करने के बाद जो सुझाव आए हैं उसके अनुसार भी बदलाव किए गए हैं. इसमें राज्य, मीडिया, एक्सपर्ट और आम आदमी हर किसी के सुझावों को तवज्जों दी जा रही है.

PM ने बताया कि पहले कई तरह के टैक्स लगते थे, जो छुपे हुए थे. लेकिन अब सरकार ने करीब 400 ग्रुप के सामान का दाम घटाया है. इनमें से करीब 150 चीज़ों को ज़ीरो फीसदी टैक्स स्लैब में रखा गया है. अगर आप दाम को देखें तो कई चीजों के दाम कम हुए हैं.

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